मुख्यमंत्री ने जताई थी नाराजगी, इसके बाद भी मैदानी अमला सतर्क नहीं हुआ
कलेक्टर ने जान-माल की सुरक्षा, फसल क्षति सर्वे करके किसानों को मुआवजा दिलाने के दिए निर्देश
अंबिकापुर। सरगुजा संभाग के बलरामपुर जिला में लुत्ती बांध के फूटने से सामने आए दर्दनाक मंजर को लोग भूल नहीं पाए हैं, दो शवों की बरामदगी का लोगों को इंतजार है, इधर सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत गेरसा में स्थित गेरसा बांध के फूटने से पानी का तेज बहाव खेतों तक आने की तस्वीर सामने आ गई। शनिवार, 6 सितंबर की सुबह करीब 10 बजे बांध के फूटने से पानी का तेज बहाव खेतों की ओर बढ़ रहा था। मवेशी चराने के लिए गए लोगों ने पानी के बहाव से हो रही आवाज को सुना और वे उत्सुकतावश बांध के करीब तक पहुंच गए, उन्होंने देखा कि बांध के साइड गेट के पास की मिट्टी का बड़ा हिस्सा हटने के कारण बड़ा सुराख बन गया है। गांव के लोगों को जैसे ही इसकी जानकारी मिली, वे बांध के इर्द-गिर्द जमा होने लगे। बांध के फूटने की सूचना मिलते ही कलेक्टर विलास भोसकर, पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल एवं जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने बांध के क्षतिग्रस्त हिस्से का निरीक्षण कर तत्काल स्थिति का जायजा लिया। बता दें कि लुत्ती बांध के फूटने की घटना सामने आने के बाद बनी दर्दनाक स्थिति और एक ही परिवार के 5 सदस्यों का शव मिलने के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कड़े शब्दों में जिम्मेदारों को चेतावनी दी थी कि भविष्य में इस प्रकार की गलती किसी भी स्थिति में बर्दास्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा था कि मैदानी स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों के द्वारा बांध का नियमित निरीक्षण नहीं करने के कारण ऐसी स्थिति बनी है। उन्होंने फिल्ड में जाकर बांधों सहित अन्य संरचनाओं का निरंतर निरीक्षण करने के निर्देश दिए थे। इसका कितना पालन हो पाया, यह तो जिम्मेदार ही बता पाएंगे। बलरामपुर जिले में बांध फूटने के घटनाक्रम को सामने आए 4 दिन ही हुए हैं, अभी तक छह लोगों का शव बरामद करने में रेस्क्यू टीम सफल हुई है, एक और बच्चे की तलाश जारी है, इधर सरगुजा जिले में एक और बांध फूट गया, जिससे बांध के नीचे स्थित करीब 30 एकड़ क्षेत्रफल के खेतों में लगी फसल डूबने और खराब होने की आशंका को लेकर किसान चिंतित हैं।
कलेक्टर पहुंचे मौके पर, बैरीकेडिंग, मुनादी के निर्देश
कलेक्टर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को बांध के क्षतिग्रस्त हिस्से की तत्काल बैरिकेडिंग करने और क्षेत्र को सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने प्रभावित गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क किया जाए, ताकि जान-माल की हानि न हो। प्रभावित किसानों की फसल क्षति का त्वरित सर्वे कर मुआवजा भुगतान की कार्रवाई शीघ्र प्रारंभ की जाए। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र में मछली पकड़ने की गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने कहा है, और बांध की तकनीकी जांच करके मरम्मत एवं सुरक्षा के लिए आवश्यक कांक्रीटिंग और कटिंग कार्य करने की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ग्रामीणों से रूबरू हुए और आश्वस्त किया कि शासन-प्रशासन उनकी हरसंभव मदद करेगा, और किसानों को हुए नुकसान की भरपाई प्राथमिकता से की जाएगी। निरीक्षण के दौरान एसडीएम जे.यू. शतरंज, राज्य बांध सुरक्षा संगठन रायपुर से मुख्य अभियंता अरुण बाडियें, जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता अशोक निरंजन सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
गेरसा बांध वर्ष 1990 की एक लघु सिंचाई योजना
गेरसा बांध वर्ष 1990 में निर्मित एक लघु सिंचाई योजना है, जिससे लगभग 142 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ एवं रबी फसलों की सिंचाई होती है। बांध की अधिकतम ऊंचाई लगभग 13 मीटर, लंबाई 350 मीटर तथा इसका कैचमेंट क्षेत्रफल 1.95 वर्ग किलोमीटर है। जलभराव की क्षमता 0.96 एमसीएम है। घटना के समय बांध में लगभग 0.97 एमसीएम पानी भरा हुआ था। प्रारंभिक निरीक्षण में पाया गया कि दाएंं फ्लैंक की लगभग 25-30 मीटर लंबाई क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे जल का रिसाव जारी है।
धान के खेत में मिला एक और अधेड़ का शव
बलरामपुर। मेंटनेंस के अभाव में विकासखंड के 44 वर्ष पुराने लुत्ती बांध के फूटने की घटना के बाद गायब लोगों की तलाश अनवरत जारी है। पूर्व में एक ही परिवार के 5 सदस्यों का शव बरामद करने के बाद गायब लोगों के तलाश में लगी एनडीआरएफ की टीम ने शनिवार को दोपहर करीब 2 से 2.30 बजे के बीच धान के खेत में बांध से करीब एक किलोमीटर दूर एक अन्य परिवार के अधेड़ का शव बरामद किया है, इसकी पहचान जीतन सिंह पिता बन्धारी सिंह 52 वर्ष के रूप में की गई है। पास ही रहने वाली एक महिला ने शव को देखा और इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर तातापानी चौकी प्रभारी राम नगीना यादव, पुलिस बल के साथ पहुंचे, और शव का शिनाख्त कराने के बाद पंचनामा की कार्रवाई की है। जिस धन के खेत में शव मिला, वह खेत रामवृक्ष राम का बताया जा रहा है। अभी भी एक बच्चे का शव बरामद नहीं हो पाया है, जिसकी तलाश जारी है।

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