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लॉज में रहकर नशीला इंजेक्शन बेचने वाला जेल दाखिल प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को आरएफएसएल की जानकारी देने हुई दो दिवसीय कार्यशाला  संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला कार्यालय के अधिकारियों ने दी विस्तृत जानकारीफोटो-2  छ.ग.फ्रंटलाइनअंबिकापुर। सरगुजा रेंज के विभिन्न जिलों में व्यवहारिक प्रशिक्षण करने हेतु आये सभी नव पदस्थ प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को नई तकनिकी फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेटिकल प्रशिक्षण (आरएफएसएल) की जानकारी हेतु रेंज स्तर पर कार्यशाला का आयोजन पुलिस को-ऑडिनेशन सेन्टर, सरगुजा भवन में पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा के निर्देशन में किया गया। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेक्टिकल प्रशिक्षण के अधिकारी आर.के. पैकरा एवं कुलदीप कुजूर के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। इस नई तकनीकी प्रयोगशाला प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसी भी गंभीर प्रकरण के विवेचना के शुरूआती दौर से ही संग्रहित किये जाने वाले साक्ष्यों को पूर्णत: पारदर्शिता के साथ सुरक्षित एकत्रित किया जाता है ताकि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय के समक्ष सुरक्षित पेश किया जा सके, जो कि अपराधिक कानूनों में फॉरेंसिक जांच की महत्ता दिया गया है।रेंज स्तर पर इस प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन दो बैच में कराया गया। प्रथम बैच 03 जुलाई को संपन्न हुआ, जिसमें जिला सूरजपुर, बलरामपुर एवं कोरिया के 38 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को प्रशिक्षण मिला। द्वितीय बैच में 07 जुलाई को सरगुजा, जशपुर एवं एमसीबी जिले के 40 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को इस प्रशिक्षण दिया गया। फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेटिकल प्रशिक्षण कार्यशाला में मुख्य रूप से संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला अंबिकापुर के अधिकारी आर. के पैकरा एवं कुलदीप कुजूर के द्वारा अपने अनुभवों को साझा करते हुये कई ऐसे पुराने प्रकरणों के बारे में बताया जो कि बहुत ही बारीकी से उन्होंने साल्व किया है। उन्होंने कहा कि आप सब जब भी मैदानी थाना, चौकी क्षेत्रों में कार्य करेंगे तो अलग-अलग तरह के अनसुलझे प्रकरण आयेंगे, जैसे में बर्निंग केश, डिकम्पोज बॉडी, इलेक्ट्रिक शॉक, हैंगिंग, ड्रावनिंग, हत्या, शव निरीक्षण, घटनास्थल का निरीक्षण जैसे प्रकरणों का शुरूआती दौर से ही एक-एक साक्ष्यों का तकनीकी उपकरणों के माध्यम से सावधानी पूर्वक साक्ष्य संग्रहित करने के तरीके एवं बारीकियों के बारे में अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी दी।बताया गया कि 1 जुलाई 2024 से लागू हुये नये अपराधिक कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम में फारेंसिक जांच की भूमिका को विशेष महत्व दिया गया है। इसमें विशेष रूप से 7 वर्ष या उससे अधिक सजा वाले अपराधों में फारेंसिक टीम के अधिकारियों के द्वारा जांच की अनिवार्यता है। इस हेतु रेंज के सभी जिलों में फारेंसिक वैज्ञानिक अधिकारी पदस्थ किये गये हंै, एवं आधुनिक मोबाइल फारेंसिक वैन प्रदाय किया है। प्रशिक्षण के अगली कड़ी में सभी प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला अंबिकापुर में ले जाकर बारीकी से एक-एक कर तकनीकि उपकरणों के बारे में जानकारी देकर घटना स्थल पर किस प्रकार प्रयोग/जांच किया जाना चाहिए, इन सारी तकनीकि उपकरणों के बारे में अवगत कराया गया। इसके उपरांत दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में हर बिन्दुओं पर बारी-बारी से सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से उपस्थित अधिकारियों के द्वारा फीडबैक लिया गया, इस दौरान प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से एक-एक करके पुन: तकनीकी उपकरणों एवं उसके उपयोग जैसे प्रश्नों के बाद त्रुटियों में सुधार किया गया।पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों एवं संयुक्त संचालक, क्षेत्रिय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला के अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्रिय एफएसएल से जांच में पारदर्शिता बढ़ेगी और बैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने में आसानी होगी जो कि न्यायिक प्रक्रिया में गति मिलेगी एवं लंबित मामलों के निपटारे में शीघ्रता आयेगी। प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा अमोलक सिंह ढिल्लो, सीएसपी अंबिकापुर राहुल बंसल, रक्षित निरीक्षक अंबिकापुर तृप्ति सिंह राजपुत, पुमनि. कार्यालय के रीडर रेशम लाल साहू, स्थापना प्रभारी सुनील वर्मा सहित रेंज में पदस्थ सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षक उपस्थित रहे। फूड इंस्पेक्टर और सहयोगी को 5-5 साल सश्रम कारावास व अर्थदंड की सजा सरगुजा जिले की सभी 439 ग्राम पंचायतों में आयोजित हुआ रोजगार एवं आवास दिवस विद्यालय ज्ञान, संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र-राजेश अग्रवाल

छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26: नवाचार से सार्वजनिक सेवा को नई दिशा
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देश

बरौधी में आयोजित ग्राम सभा में ग्रामीणों ने हक के लिए भरा हुंकार
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प्रभावितों के रोजगार, पुनर्वास और मुआवजे पर प्रस्ताव पारित, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

भटगांव। सूरजपुर जिले के ग्राम पंचायत बरौधी में 23 फरवरी को आयोजित ग्राम सभा में एसईसीएल परियोजना से प्रभावित परिवारों के मुद्दों पर व्यापक चर्चा के बाद सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। पंचायत भवन में दोपहर 12 बजे आयोजित इस बैठक में 133 ग्रामीणों की उपस्थिति रही। यहां रोजगार, पुनर्वास, मुआवजा और प्रशासनिक आश्वासनों को लेकर गंभीर सवाल उठे।
ग्राम सभा में पूर्व बैठक का भी उल्लेख किया गया, जो कलेक्टर सभाकक्ष में आयोजित हुई थी। ग्रामीणों ने बताया कि उस दौरान आश्वासन दिया गया था कि 19 या 20 फरवरी को ग्राम पंचायत बरौधी में विशेष बैठक आयोजित कर समस्याओं का समाधान किया जाएगा, हालांकि तय तिथि पर बैठक नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई। ग्राम सभा ने इसे प्रस्ताव में दर्ज करते हुए प्रशासन से स्पष्ट जवाब और नई तिथि घोषित करने की मांग की।
रोजगार और पुनर्वास की मांग
बैठक में वर्ष 2007 एवं 2012 की पुनर्वास नीति का हवाला देते हुए कहा गया कि जिन परिवारों की भूमि एसईसीएल परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई है, उन्हें नियमानुसार रोजगार और पुनर्वास सुविधाएं मिलनी चाहिए। ग्राम सभा ने मांग की, प्रभावित परिवारों का पुन: सत्यापन सूची तैयार किया जाए, लंबित रोजगार प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए, स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराया जाए। ग्रामीणों ने चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की भी मांग की।
मुआवजा भुगतान में देरी पर नाराजगी
ग्राम सभा में लंबित मुआवजा राशि और आर्थिक सहायता के भुगतान में देरी को लेकर आक्रोश व्यक्त किया गया। ग्रामीणों ने कहा कि प्रभावित परिवारों को उनका वैधानिक अधिकार समयबद्ध तरीके से नहीं मिल रहा है, जिससे आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। ग्राम सभा द्वारा पारित प्रस्ताव में 19-20 फरवरी को प्रस्तावित बैठक नहीं होने का उल्लेख करते हुए जिला प्रशासन से ग्राम स्तर पर शीघ्र संयुक्त बैठक आयोजित करने की मांग की गई। यह भी आग्रह किया गया है कि राजस्व विभाग, एसईसीएल प्रबंधन और पंचायत प्रतिनिधियों की उपस्थिति में विशेष समाधान शिविर लगाया जाए, ताकि लंबित प्रकरणों का मौके पर ही निपटारा किया जा सके।
अब आश्वासन नहीं, समाधान चाहिए
ग्राम सभा ने स्पष्ट किया कि यदि समय सीमा में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन और कानूनी प्रक्रिया अपनाने को बाध्य होंगे। इसकी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन और प्रबंधन की होगी। बैठक के अंत में सरपंच, ग्राम सचिव एवं जनपद सदस्य द्वारा प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर उसे अनुमोदित किया गया।

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विदेश

अमेरिका में घरों के ऊपर गिरा विमान, कई लोगों की हुई मौत
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पोर्टलैंड। अमेरिका के पोर्टलैंड में एक बड़ा हादसा हुआ है। यहां पोर्टलैंड के पूर्वी इलाके में सुबह एक छोटा विमान कई मकानों से टकरा गया। वहीं विमान के टकराने से कई घरों में आग भी लग गई। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई है। अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि विमान में दो लोग सवार थे और कम से कम एक निवासी लापता है। घटना के बाद का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मकान में आग लगी हुई दिखाई दे रही है, जबकि आसपास के घरों से काला धुआं निकलता नजर आ रहा है।

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