सामाजिक सुरक्षा की पड़ताल में कई शासन की लाभकारी योजनाओं से वंचित मिले
‘युवा संवादÓ के तहत राजीव गांधी कॉलेज व मुहिम फाउंडेशन की पहल

अंबिकापुर। राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अंबिकापुर द्वारा जिला पंचायत सरगुजा एवं मुहिम फाउंडेशन के सहयोग से ‘युवा संवादÓ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभिनव पहल के तहत 361 छात्रों ने गांवों में उतरकर सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जमीनी हकीकत को समझने का प्रयास किया।
अध्ययन हेतु विकासखंड की चार ग्राम पंचायत-सकालो, मेंड्राखुर्द, कंठी एवं करजी का चयन किया गया। विद्यार्थियों ने घर-घर जाकर सर्वेक्षण करते हुए प्रश्नावली के माध्यम से यह जानकारी जुटाई कि, किन परिवारों को शासकीय योजनाओं का लाभ मिल रहा है और कौन से पात्र परिवार अब भी वंचित हैं। सर्वेक्षण में कुल 1,167 परिवारों को शामिल किया गया, जो स्थानीय स्वयं सहायता समूहों से जुड़े हुए हैं। सर्वेक्षण उपरांत विद्यार्थियों ने प्रत्येक परिवार की स्थिति के अनुरूप कार्ययोजना तैयार कर रिपोर्ट मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत एवं संबंधित अधिकारियों को सौंपी, ताकि जमीनी स्तर पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। मुहिम फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक ऋषिकेश एवं विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार 89 प्रतिशत परिवारों को महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है, जबकि 80 प्रतिशत परिवारों के पास आयुष्मान भारत कार्ड उपलब्ध है। 82 प्रतिशत विधवा पेंशन एवं 71 प्रतिशत वृद्धावस्था पेंशन का कवरेज सामने आया। स्वच्छता के क्षेत्र में 75 प्रतिशत घरों में शौचालय उपलब्ध हैं, जिनमें से 97 प्रतिशत का उपयोग किया जा रहा है। कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग के उप संचालक यू.के. उइके, मुहिम फाउंडेशन की रोस, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अधिकारी, ग्राम पंचायत प्रतिनिधि, महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. उमेश पांडे द्वारा एवं संचालन डॉ. विनीत गुप्ता द्वारा किया गया।
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शासकीय योजनाओं का लाभ मिलने का इंतजार
सर्वेक्षण में कुछ चुनौतियां भी सामने आईं। 245 परिवारों के 483 सदस्य आयुष्मान भारत योजना से वंचित हैं, जबकि 137 परिवारों के 195 सदस्यों को राशनकार्ड में जोड़ा जाना शेष है। इसके अतिरिक्त 84 पात्र बुजुर्ग वृद्धावस्था पेंशन एवं 31 विधवाएं पेंशन लाभ से वंचित पाई गईं। दिव्यांगों में लगभग 50 प्रतिशत के पास प्रमाण-पत्र नहीं है, जिससे वे योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। साथ ही 100 परिवारों के आधार कार्ड में सुधार एवं 177 व्यक्तियों के मतदाता पहचान-पत्र बनाए जाने की आवश्यकता भी चिन्हित हुई। इसके अलावा अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लगभग 50 प्रतिशत परिवारों के पास जाति प्रमाण-पत्र नहीं मिला, जो योजनाओं के लाभ में बाधा बन रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजनांतर्गत आवास की मांग भी चारों ग्राम पंचायतों में अधिक पाई गई।
बयान

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