बिश्रामपुर। एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र की अमेरा ओपनकास्ट खदान का विस्तार अब परसोढ़ी कला गांव तक हो रहा है। इसके लिए गांव की 473 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया है। इस अधिग्रहण से प्रभावित 236 ग्रामीणों को रोजगार देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसी क्रम में शुक्रवार को तीन ग्रामीणों को कैबिनेट मंत्री व अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल के हाथों नियुक्ति पत्र सौंपे गए।क्षेत्रीय महाप्रबंधक डॉ. संजय सिंह ने बताया कि प्रभावित भू स्वामियों को मुआवजा और नौकरी देने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।आज परसोढ़ी कला के तीन भू स्वामियों क्रमशः अमरेश राम पिता रूपधरण राम, संतोष कुमार राजवाड़े पिता सिमलिया राजवाड़े, टिकेश कुमार श्याम पिता फूलसाय श्याम को कंपनी में नौकरी देने नियुक्ति पत्र सौंपा गया। प्रदेश के पर्यटन संस्कृति धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने संबंधित भू स्वामियों को मेहनत और ईमानदारी से कार्य करने प्रोत्साहित कर शुभकामनाएं दी है। क्षेत्रीय महाप्रबंधक ने बताया कि खदान से कोयला उत्खनन से प्राप्त होने वाली रॉयल्टी से क्षेत्र व प्रदेश का विकास होगा। उन्होंने सभी से खदान के सुचारू संचालन के लिए सहयोग मांगते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए जितना संभव हो सकेगा कंपनी करेगी। नियुक्ति पत्र वितरण के दौरान अमेरा सहक्षेत्र के प्रभारी सब एरिया मैनेजर व खान अधीक्षक के के भोई ठेका कंपनी एलसीसी के प्रमुख राघवेंद्र पांडेय, सत्यम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। ज्ञात हो कि सरगुजा जिले में संचालित अमेरा ओपन कास्ट परियोजना के लिए धारा 9 (1) अंतर्गत पच्चीस वर्ष पूर्व 9 जून 2001 को परसोढ़ी कला गांव की 242.205 हेक्टेयर भूमि शासन द्वारा कोयला उत्खनन के लिए अधिग्रहित की गई थी। इसके लिए वर्ष 2016 में अधिनिर्णय पारित किया गया था जबकि वर्ष 2024 में जनसुनवाई आयोजित की गई थी, जिसमें ग्रामीणों ने कोल इंडिया पुनर्वास एवं पुनर्वास नीति (घटती क्रम सूची) चुना था। कोल इंडिया पुनर्वास एवं पुनर्वास नीति 2012 के अनुसार परसोढ़ी कला गांव में 473 एकड़ काश्तकारी भूमि पर 236 रोजगार सृजित किए गए हैं। इसी क्रम में आज उक्त तीन भू स्वामियों को कंपनी में रोजगार के लिए नियुक्ति पत्र का वितरण किया गया है।

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