Category: ब्रेकिंग न्यूज़

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहुंचे रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया आत्मीय स्वागत

रायपुर,केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के आज रायपुर आगमन पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वामी विवेकानंद विमानतल पर पुष्पगुच्छ…

गर्भवती महिला के गुप्तांग में मिला 27 सेमी लम्बा लोहे का रेती, शरीर में 18 गंभीर चोट के निशान  

प्रेम विवाह के 8 वर्ष बाद पत्नी के साथ गर्भस्थ बच्चे की हत्या के आरोपी को तलाश रही पुलिसचिकित्सक ने…

किशोरी कीटनाशक का सेवन करके जान दी, 11 दिन पहले हुआ था विवाह

अंबिकापुर। सूरजपुर जिला के जयनगर थाना अंतर्गत 11 दिन पूर्व ब्याही किशोरी अपने मायके में कीटनाशक का सेवन करके जान…

महिलाओं ने वट वृक्ष में रक्षा सूत्र बांधकर अखंड सौभाग्य की कामना की

अंबिकापुर। अखंड सौभाग्य व पति की दीर्घायु कामना को लेकर वट सावित्री का व्रत शनिवार को महिलाओं ने उत्साहपूर्वक किया।…

पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्य में बढ़ोत्तरी के बाद कांग्रेस हुई केन्द्र सरकार पर हमलावर

पूर्व मंत्री ने कहा-देश की ऐसी हालत ऐसी है कि, प्रधानमंत्री को सामने आकर करनी पड़ रही अपील अंबिकापुर। सरगुजा…

फाइलों को अनावश्यक लंबित न रखें, समस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता दिखाएं

कैबिनेट मंत्री ने निज आवास में आयोजित जनदर्शन में सुनी आम जनता की समस्याएं अंबिकापुर। पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं…

कलेक्टर औचक पहुंचे स्वास्थ्य केंद्रों में, अनुपस्थित कर्मचारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश

अंबिकापुर। कलेक्टर अजीत वसंत ने शनिवार को जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय अग्रवाल के साथ विकासखण्ड लुण्ड्रा का…

जनसमस्या निवारण शिविर में 1438 आवेदन मिले, 47 का मौके पर निराकरण

सांसद ने प्राप्त आवेदनों का समय पर गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने के दिए निर्देश अंबिकापुर। राज्य शासन के निर्देशानुसार संचालित सुशासन…

नीट परीक्षा में पेपर लीक की सीबीआई जांच कराई जाए, दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई

अंबिकापुर। युवा कांग्रेस आरटीआई सेल के चेयरमैन हिमांशु जायसवाल ने देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल नीट परीक्षा…

पक्के घर का सपना हुआ साकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लेमरू में हितग्राही धरम सिंह के नए आवास में कराया गृह प्रवेश

प्रधानमंत्री आवास योजना से बदली जिंदगी : मुख्यमंत्री ने परिवार से आत्मीय मुलाकात कर जाना हालचालरायपुर सुशासन तिहार के अंतर्गत…

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प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को आरएफएसएल की जानकारी देने हुई दो दिवसीय कार्यशाला  संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला कार्यालय के अधिकारियों ने दी विस्तृत जानकारीफोटो-2  छ.ग.फ्रंटलाइनअंबिकापुर। सरगुजा रेंज के विभिन्न जिलों में व्यवहारिक प्रशिक्षण करने हेतु आये सभी नव पदस्थ प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को नई तकनिकी फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेटिकल प्रशिक्षण (आरएफएसएल) की जानकारी हेतु रेंज स्तर पर कार्यशाला का आयोजन पुलिस को-ऑडिनेशन सेन्टर, सरगुजा भवन में पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा के निर्देशन में किया गया। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेक्टिकल प्रशिक्षण के अधिकारी आर.के. पैकरा एवं कुलदीप कुजूर के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। इस नई तकनीकी प्रयोगशाला प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसी भी गंभीर प्रकरण के विवेचना के शुरूआती दौर से ही संग्रहित किये जाने वाले साक्ष्यों को पूर्णत: पारदर्शिता के साथ सुरक्षित एकत्रित किया जाता है ताकि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय के समक्ष सुरक्षित पेश किया जा सके, जो कि अपराधिक कानूनों में फॉरेंसिक जांच की महत्ता दिया गया है।रेंज स्तर पर इस प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन दो बैच में कराया गया। प्रथम बैच 03 जुलाई को संपन्न हुआ, जिसमें जिला सूरजपुर, बलरामपुर एवं कोरिया के 38 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को प्रशिक्षण मिला। द्वितीय बैच में 07 जुलाई को सरगुजा, जशपुर एवं एमसीबी जिले के 40 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को इस प्रशिक्षण दिया गया। फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेटिकल प्रशिक्षण कार्यशाला में मुख्य रूप से संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला अंबिकापुर के अधिकारी आर. के पैकरा एवं कुलदीप कुजूर के द्वारा अपने अनुभवों को साझा करते हुये कई ऐसे पुराने प्रकरणों के बारे में बताया जो कि बहुत ही बारीकी से उन्होंने साल्व किया है। उन्होंने कहा कि आप सब जब भी मैदानी थाना, चौकी क्षेत्रों में कार्य करेंगे तो अलग-अलग तरह के अनसुलझे प्रकरण आयेंगे, जैसे में बर्निंग केश, डिकम्पोज बॉडी, इलेक्ट्रिक शॉक, हैंगिंग, ड्रावनिंग, हत्या, शव निरीक्षण, घटनास्थल का निरीक्षण जैसे प्रकरणों का शुरूआती दौर से ही एक-एक साक्ष्यों का तकनीकी उपकरणों के माध्यम से सावधानी पूर्वक साक्ष्य संग्रहित करने के तरीके एवं बारीकियों के बारे में अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी दी।बताया गया कि 1 जुलाई 2024 से लागू हुये नये अपराधिक कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम में फारेंसिक जांच की भूमिका को विशेष महत्व दिया गया है। इसमें विशेष रूप से 7 वर्ष या उससे अधिक सजा वाले अपराधों में फारेंसिक टीम के अधिकारियों के द्वारा जांच की अनिवार्यता है। इस हेतु रेंज के सभी जिलों में फारेंसिक वैज्ञानिक अधिकारी पदस्थ किये गये हंै, एवं आधुनिक मोबाइल फारेंसिक वैन प्रदाय किया है। प्रशिक्षण के अगली कड़ी में सभी प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला अंबिकापुर में ले जाकर बारीकी से एक-एक कर तकनीकि उपकरणों के बारे में जानकारी देकर घटना स्थल पर किस प्रकार प्रयोग/जांच किया जाना चाहिए, इन सारी तकनीकि उपकरणों के बारे में अवगत कराया गया। इसके उपरांत दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में हर बिन्दुओं पर बारी-बारी से सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से उपस्थित अधिकारियों के द्वारा फीडबैक लिया गया, इस दौरान प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से एक-एक करके पुन: तकनीकी उपकरणों एवं उसके उपयोग जैसे प्रश्नों के बाद त्रुटियों में सुधार किया गया।पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों एवं संयुक्त संचालक, क्षेत्रिय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला के अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्रिय एफएसएल से जांच में पारदर्शिता बढ़ेगी और बैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने में आसानी होगी जो कि न्यायिक प्रक्रिया में गति मिलेगी एवं लंबित मामलों के निपटारे में शीघ्रता आयेगी। प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा अमोलक सिंह ढिल्लो, सीएसपी अंबिकापुर राहुल बंसल, रक्षित निरीक्षक अंबिकापुर तृप्ति सिंह राजपुत, पुमनि. कार्यालय के रीडर रेशम लाल साहू, स्थापना प्रभारी सुनील वर्मा सहित रेंज में पदस्थ सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षक उपस्थित रहे।