Category: ब्रेकिंग न्यूज़

लखपति दीदी मंजू की संघर्षगाथा बनी आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने लेमरू में मंजू बहन के स्टॉल पर चखा गुपचुप, आत्मीय संवाद में जानी सफलता की…

शासकीय व्यय में मितव्ययिता और वित्तीय अनुशासन के लिए वित्त विभाग ने जारी किए नए निर्देश

30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे निर्देश, सरकारी खर्चों में कटौती और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोररायपुरछत्तीसगढ़ शासन के…

’जनता की सेवा ही हमारा कर्तव्यए सुशासन तिहार जनविश्वास का माध्यम रू मुख्यमंत्री विष्णु देव साय’

’लेमरू पहुंचे मुख्यमंत्रीए चौपाल लगाकर सुनी ग्रामीणों की समस्याएं’’दूरस्थ क्षेत्रों में विकास कार्यों की घोषणाएंए मेधावी विद्यार्थियों को दिए टैबलेट’रायपुर,…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिखाई संवेदनशील और जिम्मेदार प्रशासनिक कार्यशैली : ईंधन बचत, समय प्रबंधन और सुशासन का समन्वित मॉडल बनी समीक्षा बैठक

पेट्रोल-डीजल बचत और मितव्ययता की दिशा में बड़ा कदम: रायगढ़ में आयोजित समीक्षा बैठक में जांजगीर चांपा और कोरबा के…

विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को मिली नई गति: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायगढ़ को दी 102 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री ने कहा-जनता का विश्वास ही सरकार की सबसे बड़ी ताकतसड़क, सिंचाई, शिक्षा और अधोसंरचना विकास के…

भारतेन्दु साहित्य एवं कला समिति ने किया मासिक विचार एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन

अंबिकापुर। भारतेन्दु साहित्य एवं कला समिति सरगुजा द्वारा समिति अध्यक्ष नीलिमा मिश्र के एम.जी. रोड स्थित निवास पर मासिक विचार…

बिजली बिलों की जांच और श्रम पंजीयन के कार्य में तेजी लाएं-सांसद

सुशासन तिहार: शिविर में 1405 आवेदन मिले, 72 का मौके पर निराकअंबिकापुर। राज्य शासन के निर्देशानुसार संचालित सुशासन तिहार अंतर्गत…

जिला स्तरीय रोजगार मेला 20 मई को अम्बिकापुर में होगी आयोजित

अंबिकापुर। उपसंचालक रोजगार ने बताया कि, जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र के द्वारा 20 मई को प्रात: 11 बजे…

नपानि में ‘मोर मकान मोर आसÓ के हितग्राहियों के लिए ऋण मेले का आयोजन

ऋण प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों एवं बैंकिंग संबंधी दी गई जानकारी अंबिकापुर। नगर पालिक निगम अंबिकापुर द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी)…

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प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को आरएफएसएल की जानकारी देने हुई दो दिवसीय कार्यशाला  संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला कार्यालय के अधिकारियों ने दी विस्तृत जानकारीफोटो-2  छ.ग.फ्रंटलाइनअंबिकापुर। सरगुजा रेंज के विभिन्न जिलों में व्यवहारिक प्रशिक्षण करने हेतु आये सभी नव पदस्थ प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को नई तकनिकी फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेटिकल प्रशिक्षण (आरएफएसएल) की जानकारी हेतु रेंज स्तर पर कार्यशाला का आयोजन पुलिस को-ऑडिनेशन सेन्टर, सरगुजा भवन में पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा के निर्देशन में किया गया। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेक्टिकल प्रशिक्षण के अधिकारी आर.के. पैकरा एवं कुलदीप कुजूर के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। इस नई तकनीकी प्रयोगशाला प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसी भी गंभीर प्रकरण के विवेचना के शुरूआती दौर से ही संग्रहित किये जाने वाले साक्ष्यों को पूर्णत: पारदर्शिता के साथ सुरक्षित एकत्रित किया जाता है ताकि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय के समक्ष सुरक्षित पेश किया जा सके, जो कि अपराधिक कानूनों में फॉरेंसिक जांच की महत्ता दिया गया है।रेंज स्तर पर इस प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन दो बैच में कराया गया। प्रथम बैच 03 जुलाई को संपन्न हुआ, जिसमें जिला सूरजपुर, बलरामपुर एवं कोरिया के 38 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को प्रशिक्षण मिला। द्वितीय बैच में 07 जुलाई को सरगुजा, जशपुर एवं एमसीबी जिले के 40 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को इस प्रशिक्षण दिया गया। फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेटिकल प्रशिक्षण कार्यशाला में मुख्य रूप से संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला अंबिकापुर के अधिकारी आर. के पैकरा एवं कुलदीप कुजूर के द्वारा अपने अनुभवों को साझा करते हुये कई ऐसे पुराने प्रकरणों के बारे में बताया जो कि बहुत ही बारीकी से उन्होंने साल्व किया है। उन्होंने कहा कि आप सब जब भी मैदानी थाना, चौकी क्षेत्रों में कार्य करेंगे तो अलग-अलग तरह के अनसुलझे प्रकरण आयेंगे, जैसे में बर्निंग केश, डिकम्पोज बॉडी, इलेक्ट्रिक शॉक, हैंगिंग, ड्रावनिंग, हत्या, शव निरीक्षण, घटनास्थल का निरीक्षण जैसे प्रकरणों का शुरूआती दौर से ही एक-एक साक्ष्यों का तकनीकी उपकरणों के माध्यम से सावधानी पूर्वक साक्ष्य संग्रहित करने के तरीके एवं बारीकियों के बारे में अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी दी।बताया गया कि 1 जुलाई 2024 से लागू हुये नये अपराधिक कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम में फारेंसिक जांच की भूमिका को विशेष महत्व दिया गया है। इसमें विशेष रूप से 7 वर्ष या उससे अधिक सजा वाले अपराधों में फारेंसिक टीम के अधिकारियों के द्वारा जांच की अनिवार्यता है। इस हेतु रेंज के सभी जिलों में फारेंसिक वैज्ञानिक अधिकारी पदस्थ किये गये हंै, एवं आधुनिक मोबाइल फारेंसिक वैन प्रदाय किया है। प्रशिक्षण के अगली कड़ी में सभी प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला अंबिकापुर में ले जाकर बारीकी से एक-एक कर तकनीकि उपकरणों के बारे में जानकारी देकर घटना स्थल पर किस प्रकार प्रयोग/जांच किया जाना चाहिए, इन सारी तकनीकि उपकरणों के बारे में अवगत कराया गया। इसके उपरांत दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में हर बिन्दुओं पर बारी-बारी से सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से उपस्थित अधिकारियों के द्वारा फीडबैक लिया गया, इस दौरान प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से एक-एक करके पुन: तकनीकी उपकरणों एवं उसके उपयोग जैसे प्रश्नों के बाद त्रुटियों में सुधार किया गया।पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों एवं संयुक्त संचालक, क्षेत्रिय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला के अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्रिय एफएसएल से जांच में पारदर्शिता बढ़ेगी और बैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने में आसानी होगी जो कि न्यायिक प्रक्रिया में गति मिलेगी एवं लंबित मामलों के निपटारे में शीघ्रता आयेगी। प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा अमोलक सिंह ढिल्लो, सीएसपी अंबिकापुर राहुल बंसल, रक्षित निरीक्षक अंबिकापुर तृप्ति सिंह राजपुत, पुमनि. कार्यालय के रीडर रेशम लाल साहू, स्थापना प्रभारी सुनील वर्मा सहित रेंज में पदस्थ सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षक उपस्थित रहे।