प्रेम विवाह के 8 वर्ष बाद पत्नी के साथ गर्भस्थ बच्चे की हत्या के आरोपी को तलाश रही पुलिस
चिकित्सक ने कहा-इस घटना ने निर्भया हत्याकांड को भी मात दे
अंबिकापुर। मणीपुर थाना अंतर्गत पति द्वारा पत्नी के साथ मारपीट और हत्या दौरान की गई बर्बरता का पर्दाफास पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ है। चिकित्सक ने कहा-इस घटना ने निर्भया हत्याकांड को भी मात दे दिया। पोस्टमार्टम के दौरान मृतिका के शरीर में 18 गंभीर चोट के निशान तो मिले ही हैं, गुप्तांग में अंदर तक 27 सेंटीमीटर लम्बा, नुकीला और धारदार लोहे का रेती मिला, जो बाहर से नजर नहीं आ रहा था। पेट और कमर के हिस्से को चीरने के बाद जो नजारा सामने आया, उसे देखकर चिकित्सक भी हतप्रभ रह गए। इधर पुलिस घटना के फरार आरोपी को तलाश रही है।
बता दें कि, मूलत: कुन्नी थाना क्षेत्र की किशोरी ने 15 वर्ष की उम्र में प्रदीप अगरिया नामक युवक से प्रेम विवाह किया था, जिसकी निर्मम हत्या 14 मई की पति ने ही कर दी थी। आरोपी पति शराब पीकर घर आया था, इसी बात को लेकर दोनों के बीच संभवत: बहस की स्थिति बनी। विवाद बढ़ने पर उसने पत्नी की डंडे व पत्थर से बेदम पिटाई की। मासूम बच्चों के सामने वह दरिंदगी की हद पार करते रहा। मृतिका की 7 वर्षीय पुत्री अपने पिता से लहूलुहान हो चुकी मां को छोड़ देने की गुहार लगाती रही, लेकिन उसका दिल नहीं पसीजा। पिटाई के दौरान उसने पत्नी को कई बार घसीटा, जिससे घटनास्थल खून से लथपथ हो गया। चिकित्सक ने पोस्टमार्टम के दौरान गुप्तांग में मिले लोहे के रेती को पुलिस के सुपुर्द कर दिया है।
गुप्तांग के अलग-अलग हिस्से में दो बार डाला रेती
दांपत्य जीवन के 8 वर्षों के बीच इनकी 4 संतानें हुई, गर्भ में पल रहा पांचवां शिशु, पिता की बर्बरता के आगे दुनिया में आने से पहले मां के साथ विदा हो गया। किशोर अवस्था में प्रेम विवाह की परिणति युवावस्था में पहुंचने के बाद ऐसी होगी, इसकी कल्पना शायद ही मृतिका की हो। डॉ. संतु बाघ कहते हैं, पति ने 23 वर्षीय पत्नी से मारपीट के दौरान सिर, कमर सहित शरीर के अन्य हिस्से में तो गंभीर चोट पहुंचाई ही, गुप्तांग के अलग-अलग हिस्से में दो बार नुकीला लोहे का रेती डाल दिया था, जो बच्चादानी की चीरते हुए आगे निकल गया, और गर्भाशय बुरी तरह से फट गया। गर्भस्थ बच्चा भी रेती से क्षत-विक्षत हो गया था। मृतिका के शरीर की आंतरिक स्थिति बर्बरता को बयां कर रही थी।
फिजिकली टार्चर का ऐसे चला पता
मेडिकल कॉलेज अस्पताल के फोरेंसिक विभाग के डॉ. संतु बाघ ने बताया कि, महिला को पोस्टमार्टम के लिए जब चीरघर में लाया गया तो शरीर के ऊपरी हिस्से में कई गंभीर चोट के निशान तो नजर आ रहे थे, लेकिन शरीर के अंदर मिला लोहे का रेती बाहर से नजर नहीं आ रहा था। फिजिकली टार्चर का उस समय पता चला, जब कमर और पेट के हिस्से को खोला गया। परीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि प्राइवेट पार्ट में आरोपी ने दो बार लोहे के रेती को डाला था, जो आरोपी पति के द्वारा की गई बर्बरता को इंगित करा रहा था। डॉ. बाघ ने बताया कि, मृतिका के शरीर में मिले लोहे के रेती की जानकारी पुलिस को दी, और इसे पुलिस को सौंप दिया है।
बाइक में बैठाकर पहुंचाया था अस्पताल
मणिपुर थाना क्षेत्र के ग्राम भि_ीकला में पत्नी के साथ बर्बरता के बाद आरोपी 23 वर्षीय पत्नी को पूरी तरह से बेसुध हालत में गमछे से कमर में बांधकर बाइक से लेकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल आया था और एक्सीडेंट में चोटिल होने की जानकारी दिया था। डॉक्टर ने जब जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया, तो वह लाश छोड़कर फरार हो गया। घटनास्थल पर खाट का पाटी और पत्थर बर्बरतापूर्वक मारपीट का संकेत दे रहे थे, लेकिन आरोपी पति के द्वारा मारपीट के दौरान फिजिकली टार्चर की हद पार की होगी, यह पोस्टमार्टम के बाद सामने आया है।

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