Category: ब्रेकिंग न्यूज़

सरगुजा के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय वुडबॉल प्रतियोगिता में जीता

अंबिकापुर। रायपुर स्थित कृष्णा विकास ग्लोबल स्कूल में आयोजित 20वें सीनियर राष्ट्रीय वुडबॉल चैंपियनशिप 2026 में सरगुजा जिले के खिलाड़ियों…

भाजपा के जिला प्रशिक्षण वर्ग में राष्ट्रहित एवं संगठनात्मक दायित्वों का संदेश

दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग में संगठन की विचारधारा एवं कार्यपद्धति पर हुआ मार्गदर्शन अंबिकापुर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान-2026 अंतर्गत…

सरगुजा में मिली 140 वर्ष पुरानी तंत्र साधना की दुर्लभ पांडुलिपियां

सम्भागायुक्त नरेंद्र दुग्गा ने किया अवलोकन अंबिकापुर। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा देशभर में संचालित पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के…

अत्याधुनिक ‘नेक्स्ट जेन सीजी डॉयल-112Ó और ‘मोबाइल फॉरेंसिक वैनÓ का शुभारंभ

पर्यटन मंत्री ने कहा-‘एक्के नंबर-सब्बो बरÓ थीम पर आधारित सेवा से मिलेगी त्वरित सहायता अंबिकापुर। जिले में तकनीक आधारित सुशासन…

लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले अशासकीय विद्यालयों का होगा मान्यता निरस्त

डीईओ ने निजी एवं शासकीय विद्यालयों की समीक्षा बैठक में दी कड़ी हिदायत अंबिकापुर। कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देशानुसार परीक्षा…

चहेते ठेकेदार को लाभ पहुंचाने पूर्व अनुबंध निरस्त करके अधिक दर पर करोड़ों का ठेका देने का आरोप

छत्तीसगढ़ कान्ट्रेक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा-मुख्यमंत्री के गृह जिले में चल रहा भ्रष्टाचार अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण…

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से गरीब परिवारों को बेटियों की शादी की आर्थिक चिंता से मिल रही राहत – साव

उप मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में हुए शामिलरायपुर, उप मुख्यमंत्री अरुण साव आज महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित…

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने तेलीन सत्ती माता मंदिर में की पूजा-अर्चना

रायपुर,उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज प्रथम तेलीन सत्ती माता महोत्सव में शामिल होने से पहले कोण्डागांव जिले के केशकाल…

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प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को आरएफएसएल की जानकारी देने हुई दो दिवसीय कार्यशाला  संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला कार्यालय के अधिकारियों ने दी विस्तृत जानकारीफोटो-2  छ.ग.फ्रंटलाइनअंबिकापुर। सरगुजा रेंज के विभिन्न जिलों में व्यवहारिक प्रशिक्षण करने हेतु आये सभी नव पदस्थ प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को नई तकनिकी फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेटिकल प्रशिक्षण (आरएफएसएल) की जानकारी हेतु रेंज स्तर पर कार्यशाला का आयोजन पुलिस को-ऑडिनेशन सेन्टर, सरगुजा भवन में पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा के निर्देशन में किया गया। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेक्टिकल प्रशिक्षण के अधिकारी आर.के. पैकरा एवं कुलदीप कुजूर के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। इस नई तकनीकी प्रयोगशाला प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसी भी गंभीर प्रकरण के विवेचना के शुरूआती दौर से ही संग्रहित किये जाने वाले साक्ष्यों को पूर्णत: पारदर्शिता के साथ सुरक्षित एकत्रित किया जाता है ताकि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय के समक्ष सुरक्षित पेश किया जा सके, जो कि अपराधिक कानूनों में फॉरेंसिक जांच की महत्ता दिया गया है।रेंज स्तर पर इस प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन दो बैच में कराया गया। प्रथम बैच 03 जुलाई को संपन्न हुआ, जिसमें जिला सूरजपुर, बलरामपुर एवं कोरिया के 38 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को प्रशिक्षण मिला। द्वितीय बैच में 07 जुलाई को सरगुजा, जशपुर एवं एमसीबी जिले के 40 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को इस प्रशिक्षण दिया गया। फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेटिकल प्रशिक्षण कार्यशाला में मुख्य रूप से संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला अंबिकापुर के अधिकारी आर. के पैकरा एवं कुलदीप कुजूर के द्वारा अपने अनुभवों को साझा करते हुये कई ऐसे पुराने प्रकरणों के बारे में बताया जो कि बहुत ही बारीकी से उन्होंने साल्व किया है। उन्होंने कहा कि आप सब जब भी मैदानी थाना, चौकी क्षेत्रों में कार्य करेंगे तो अलग-अलग तरह के अनसुलझे प्रकरण आयेंगे, जैसे में बर्निंग केश, डिकम्पोज बॉडी, इलेक्ट्रिक शॉक, हैंगिंग, ड्रावनिंग, हत्या, शव निरीक्षण, घटनास्थल का निरीक्षण जैसे प्रकरणों का शुरूआती दौर से ही एक-एक साक्ष्यों का तकनीकी उपकरणों के माध्यम से सावधानी पूर्वक साक्ष्य संग्रहित करने के तरीके एवं बारीकियों के बारे में अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी दी।बताया गया कि 1 जुलाई 2024 से लागू हुये नये अपराधिक कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम में फारेंसिक जांच की भूमिका को विशेष महत्व दिया गया है। इसमें विशेष रूप से 7 वर्ष या उससे अधिक सजा वाले अपराधों में फारेंसिक टीम के अधिकारियों के द्वारा जांच की अनिवार्यता है। इस हेतु रेंज के सभी जिलों में फारेंसिक वैज्ञानिक अधिकारी पदस्थ किये गये हंै, एवं आधुनिक मोबाइल फारेंसिक वैन प्रदाय किया है। प्रशिक्षण के अगली कड़ी में सभी प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला अंबिकापुर में ले जाकर बारीकी से एक-एक कर तकनीकि उपकरणों के बारे में जानकारी देकर घटना स्थल पर किस प्रकार प्रयोग/जांच किया जाना चाहिए, इन सारी तकनीकि उपकरणों के बारे में अवगत कराया गया। इसके उपरांत दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में हर बिन्दुओं पर बारी-बारी से सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से उपस्थित अधिकारियों के द्वारा फीडबैक लिया गया, इस दौरान प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से एक-एक करके पुन: तकनीकी उपकरणों एवं उसके उपयोग जैसे प्रश्नों के बाद त्रुटियों में सुधार किया गया।पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों एवं संयुक्त संचालक, क्षेत्रिय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला के अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्रिय एफएसएल से जांच में पारदर्शिता बढ़ेगी और बैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने में आसानी होगी जो कि न्यायिक प्रक्रिया में गति मिलेगी एवं लंबित मामलों के निपटारे में शीघ्रता आयेगी। प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा अमोलक सिंह ढिल्लो, सीएसपी अंबिकापुर राहुल बंसल, रक्षित निरीक्षक अंबिकापुर तृप्ति सिंह राजपुत, पुमनि. कार्यालय के रीडर रेशम लाल साहू, स्थापना प्रभारी सुनील वर्मा सहित रेंज में पदस्थ सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षक उपस्थित रहे।