छत्तीसगढ़ कान्ट्रेक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा-मुख्यमंत्री के गृह जिले में चल रहा भ्रष्टाचार

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण परियोजना जशपुरनगर के अधिकारियों पर चहेते ठेकेदार को लाभ पहुंचाने अधिक दर पर करोड़ों का ठेका देने और पूर्व मेें कार्यरत ठेकेदार का अनुबंध निरस्त करने का आरोप छत्तीसगढ़ कान्ट्रेक्टर्स एसोसिएशन ने लगाया है। कहा गया है कि, इससे जहां एक ओर शासन को करीब 3 करोड़ की क्षति पहुंची है, वहीं मुख्यमंत्री के गृह जिला में चल रहे भारी भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है।
छत्तीसगढ़ कान्ट्रेक्टर्स एसोसिएशन के सरगुजा अध्यक्ष दीपक मिश्रा ने बुधवार को शहर के एक होटल में पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि, जशपुर जिले में छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण परियोजना क्रियान्वयन इकाई नंबर-1 जशपुरनगर द्वारा पैकेज क्रमांक सीजीएलएसबी 07-22 सोगड़ा से मनोरा मार्ग में लावा नदी पर, आर.डी. 3200 मीटर तथा जरिया से कुजरी मार्ग में लावा नदी पर आरबी 6000 मीटर पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इस कार्य का मेसर्स विजय सिंह को 23.02.2021 को वर्क आर्डर जारी हुआ। कार्य पूर्णता की तिथि 15.03.2023 थी। ठेकेदार द्वारा विभाग से कुछ कारणों जैसे ड्राइंग डिजाइन में परिवर्तन, कोरोना का दूसरा वेग, बताकर विभाग से समय वृद्धि करने की मांग की, जिस पर विभाग के द्वारा 15.06.2024 तक समय वृद्धि प्रदान किया गया। इसके बाद 04.07.2024 को विभाग के द्वारा मेसर्स विजय सिंह के अनुबंध को निरस्त कर दिया गया।
ठेकेदार विजय सिंह ने 08.07.2024 से कई बार टेंडर बावत आवेदन विभाग को लिखा। 30.09.2024 को ई.ई. द्वारा (कलेक्टर महोदय की अनुशंसा पर) मुख्य अभियंता सेतु को पत्र लिखा गया कि कार्य मेसर्स विजय सिंह से कराया जाये। ठेकेदार द्वारा मुख्य अभियंता हरिओम शर्मा को टेन्डर रिबोक करने हेतु पत्र लिखा गया। आरोप है कि इसके बाद अनुबंध के प्रावधान के विपरीत 05.11.2024 को मुख्य अभियंता द्वारा सुनवाई करने हेतु एलडी के रूप में 1 करोड़ 12 लाख 80 हजार रुपये जमा करने के लिए ठेकेदार को कहा गया। फिर भी ठेकेदार ने शपथ पत्र के माध्यम से सहमति दिया कि उनके चल देयकों से एलडी की राशि काटी जाये। इसका निराकरण किये बगैर विभाग ने दूसरी निविदा जारी कर दी, और 02.01.2025 को मेसर्स साई एसोसिएट्स को 18.86 प्रतिशत अधिक और जीएसटी दर पर कार्य दे दिया गया, जबकि मेसर्स विजय सिंह का दर 7.11 प्रतिशत कम था। इस दौरान शैलेन्द्र प्रताप सिंह, आलोक सिंह, सतीश बारी, अजय सिंह सहित अन्य उपस्थित थे।
हठधर्मिता से शासन पर 3 करोड़ का बोझ
छत्तीसगढ़ कान्ट्रेक्टर्स एसोसिएशन के सरगुजा अध्यक्ष दीपक मिश्रा ने आरोप लगाया है कि, जिम्मेदारों ने हठधर्मिता का परिचय देते हुए चहेते ठेकेदार को लाभांवित करने के उद्देश्य से उक्त कार्य को दिया है, जिससे शासन पर लगभग 3 करोड़ अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जबकि मेसर्स विजय सिंह के द्वारा जून 2025 तक का समय मांगा गया था। विभाग के इस निर्णय से असंतुष्ट होकर मेसर्स विजय सिंह ने उच्च न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने मेसर्स विजय सिंह के पक्ष में निर्णय दिया। इसके बाद 29.04.2025 से 23.06.2025 तक दोनों पुलों पर मेसर्स विजय सिंह के द्वारा ही कार्य कराया जा रहा था। इनके द्वारा जरीया में 3 स्लैब, वॉल एवं रेलिंग का कार्य पूरा किया गया, सोगड़ा पुल में 9 पाइल का निर्माण कराया गया, जिसका भुगतान नहीं किया गया है।
पूर्व ठेकेदार के काम को अपने नाम चढ़वाया
कान्ट्रेक्टर्स एसोसिएशन के सरगुजा अध्यक्ष का आरोप है कि, मेसर्स साई एसोसिएट्स द्वारा विभाग के अधिकारियों से मिलकर बिना समय वृद्धि के कार्य किया जा रहा है, वहीं मेसर्स विजय सिंह के काम को भी अपने नाम पर चढ़वा लिया गया है, और लगभग 1.5 करोड़ रुपये का बंदरबांट ठेकेदार व विभाग की मिलीभगत से किया गया है। इनके द्वारा मामले की जांच कराने और जिम्मेदारी तय करते हुए संबंधितों के विरूद्ध अपराध दर्ज कराने की मांग की गई है। उन्होंने कहा है कि, विभाग के इस रवैया से आज तक पुल का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। लगभग डेढ़ वर्षों में साई एसोसिएट्स द्वारा 20 प्रतिशत भी काम नहीं किया गया है। यदि इस कार्य को बंद कराकर जांच नहीं कराया गया तो ठेकेदार संघ उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

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