डीईओ ने निजी एवं शासकीय विद्यालयों की समीक्षा बैठक में दी कड़ी हिदायत

अंबिकापुर। कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देशानुसार परीक्षा परिणाम, निजी विद्यालयों के संचालन एवं आगामी सत्र हेतु कार्ययोजना के संबंध में सर्व शासकीय व अशासकीय स्कूलों के प्राचार्य, प्रधान पाठक, उमा विद्यालय, हाई स्कूल एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं की बैठक जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश झा की अध्यक्षता में शासकीय पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित की गई। बैठक में बीईओ, एबीईओ, बीआरसीसी सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक में अशासकीय विद्यालयों के नवीन मान्यता एवं मान्यता नवीनीकरण संबंधी आवेदनों पर विस्तृत जानकारी देते हुए चेकलिस्ट अनुसार आवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। बोर्ड परीक्षा परिणाम, विद्यालय संचालन, निजी विद्यालय शुल्क विनियमन अधिनियम 2020, अपार आईडी, यूडाईस एवं ड्रॉपआउट विद्यार्थियों की समीक्षा की गई।
हाई एवं हायर सेकेण्डरी परीक्षा परिणाम की विद्यालयवार समीक्षा करते हुए अच्छा प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों की सराहना की गई तथा खराब परीक्षा परिणाम वाले विद्यालयों को आगामी सत्र हेतु कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। समीक्षा में अशासकीय विद्यालयों का परीक्षा परिणाम अपेक्षाकृत कमजोर पाए जाने पर नाराजगी जाहिर करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा लगातार खराब प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध मान्यता निरस्तीकरण की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। बैठक में विद्यालयों को छत्तीसगढ़ निजी विद्यालय शुल्क विनियमन अधिनियम, 2020 का पालन करने, एनसीईआरटी की पुस्तकों से अध्यापन कराने तथा अतिरिक्त पुस्तकें संचालित करने से पूर्व पालक समिति एवं जिला शिक्षा अधिकारी से अनुमति लेने के निर्देश दिए गए। मनमाना फीस वृद्धि अथवा पुस्तकों के संबंध में शिकायत प्रमाणित पाए जाने पर संबंधित विद्यालय प्रबंधन के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
एक सप्ताह के भीतर करें अभिभावक संघ का गठन
जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यालयों में एक सप्ताह के भीतर अभिभावक संघ का गठन, पाठ्यपुस्तकों की सूची एवं पुस्तक सेट कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। वहीं द्वितीय पाली में आयोजित बैठक में शासकीय हाई एवं हायर सेकेण्डरी विद्यालयों के प्राचार्यों, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों एवं संकुल समन्वयकों के साथ परीक्षा परिणाम, पाठ्यपुस्तक, गणवेश एवं सायकल वितरण, भवन विहीन विद्यालयों तथा अतिथि शिक्षकों की आवश्यकता की समीक्षा की गई। बैठक में निर्देशित किया गया कि कोई भी छात्र-छात्रा शाला त्यागी न हो। पीव्हीटीजी बच्चों एवं आंगनबाड़ी में अध्ययनरत बच्चों का सर्वेक्षण कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ते हुए 16 जून को विद्यालयों में प्रवेश सुनिश्चित कराया जाए।
शाला त्यागी बच्चे मिलने पर होगी जवाबदेही सुनिश्चित
जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश झा ने आगाह कराया है कि, किसी भी विकासखण्ड में शाला त्यागी बच्चे पाए जाने पर संबंधित नोडल प्राचार्य, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, बीआरसीसी एवं सीएसी की जवाबदेही निर्धारित की जाएगी। बैठक में शिक्षा गुणवत्ता में सुधार हेतु प्रभावी कार्य योजना बनाकर निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

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