लैब रिपोर्ट में एसपार्टेम और सनसेट येलो तय मात्रा से कई गुना ज्यादा पाई गई  
मंदिर आने वाले भक्त प्रसाद चढ़ाने में इन लड्डुओं का लम्बे समय से कर रहे उपयोग

अंबिकापुर। मां महामाया मंदिर अंबिकापुर के पास बिकने वाले प्रसाद को लेकर बड़ी बात सामने आई है कि, एक दुकान से लिया गया मोतीचूर लड्डू का सैंपल सरकारी लैब में हुई जांच में पूरी तरह से स्वास्थ्य के लिये नुकसानदेह पाया गया है।
भोपाल की सरकारी मान्यता प्राप्त लैब की रिपोर्ट के अनुसार लड्डू में 2 चीजें खतरनाक स्तर पर पाई गई हैं। इनमें एसपार्टेम, कृत्रिम स्वीटनर तय मानक 1000 एमजी प्रति किलो की जगह 1700 एमजी प्रति किलो से ज्यादा मिला है। डॉक्टरों के अनुसार इसकी अधिक मात्रा से कैंसर, सिरदर्द जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। सनसेट येलो, सिंथेटिक फूड कलर भी तय मानक 100 एमजी प्रति किलो के बजाय 1100 एमजी प्रति किलो से ज्यादा पाया गया है। लड्डू को चमकदार बनाने के लिए इसका इस्तेमाल किया गया था, जिसकी अधिक मात्रा सेहत के लिए हानिकारक है। खाद्य विभाग ने रिपोर्ट को असुरक्षित श्रेणी में रखा है। खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी ने बताया कि लैब रिपोर्ट के आधार पर संबंधित दुकान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। यह जांच आगे भी जारी रहेगी, ताकि लोगों के सेहत से खिलवाड़ करने वाले होटल संचालकों को सबक मिल सके।
अन्य दुकानों से भी लिए सैंपल  
एक दुकान से प्रसाद के लिये बिकने वाले मिष्ठान्न की रिपोर्ट सेहत के लिये खराब आने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग हरकत में आ गया है। विभाग ने मंदिर परिसर के सामने स्थित अन्य दुकानों से भी सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा है। अन्य दुकानों की लैब से जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
बयान
हम समय-समय पर मंदिर के आसपास दुकानों में बिकने वाली मिठाईयों का सैंपल लेते हैं। पिछले दो महीने में महामाया मंदिर परिसर के पास से लिया गया सैंपल जांच में असुरक्षित पाया गया है। अब नियम के अनुसार संबंधित दुकान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
लक्ष्मी यादव, खाद्य सुरक्षा विभाग, सरगुजा

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