बैठक में सचिव कहा-दबाव डालकर बाहरी व्यक्ति ने प्रस्ताव में कराया हस्ताक्षर
अंबिकापुर। उदयपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत झिरमिटी में सरपंच का फर्जी हस्ताक्षर करके और सील मोहर लगाकर अंग्रेजी शराब दुकान खोलने के लिए प्रस्ताव पास करने का मामला प्रकाश में आया है। मंगलवार को कलेक्टोरेट पहुंचे ग्राम पंचायत के सरपंच, पंचों और ग्रामीणों ने इसकी जानकारी कलेक्टर के जनर्दशन में देकर कार्रवाई की मांग की है। इन्होंने कहा है कि फर्जी ग्रामसभा और पारित प्रस्ताव के आधार पर अगर शराब दुकान खोला जाता है, तो वे आन्दोलन की राह पर अग्रसर होंगे। इधर मामले में पंचायत सचिव ने दबाव डालकर किसी बाहरी व्यक्ति के द्वारा प्रस्ताव में हस्ताक्षर लेना स्वीकार किया है।
ग्राम पंचायत झिरमिटी के सरपंच चंदन एक्का व पंचों ने बताया कि 13 मार्च 2025 को पंचायत क्षेत्र के अलकापुरी में अंग्रेजी शराब दुकान खोलने संबंधी पारित किए गए प्रस्ताव का उस समय पर्दाफास हुआ, जब कुछ दिन पहले आबकारी विभाग की टीम शराब दुकान खोलने के लिए गांव में जगह तलाशने के लिए पहुंची थी, लेकिन ग्राम के निर्वाचित सरपंच और पंच इससे बेखबर थे। आबकारी विभाग के टीम की ग्राम अलकापुरी में पहुंचने की जानकारी मिलने पर सरपंच, पंच सहित अन्य ग्रामीण भौचक रह गए। इसे गंभीरता से लेते हुए सरपंच ने अपने अन्य सहयोगियों और ग्रामीणों के साथ वास्तविकता से रूबरू होने का प्रयास किया तो सामने आया कि शराब दुकान खोलने के लिए हाईवे से निर्धारित दूरी के मापदंडों को पूरा करते हुए स्थल निर्धारित करने के लिए टेंडर भी हो चुका है और 6 लोगों ने इसके लिए 25-25 हजार रुपये दिया है। आबकारी विभाग की टीम नए सत्र से शराब दुकान संचालन करने के लिए जगह तलाशने ग्राम अलकापुरी पहुंची। सरपंच का कहना है कि फर्जी प्रस्ताव को उन्होंने देखा तो उसमें ग्राम पंचायत के सरपंच का सील मोहर लगा था। सरपंच द्वारा हिन्दी में किया जाने वाला हस्ताक्षर अंग्रेजी में था। इसके बाद फर्जी ग्रामसभा का प्रपत्र तैयार करके किसने शराब दुकान के लिए प्रस्ताव तैयार किया, खोजबीन शुरू हुई, लेकिन फर्जीवाड़ा में शामिल चेहरा सामने नहीं आ पाया है। फर्जी प्रस्ताव में ग्राम सभा अध्यक्ष धनेश्वर टेकाम सहित अन्य सदस्यों के नाम का उल्लेख है, इन्हें भी तत्संबंध में कोई जानकारी नहीं है, और न ही वे ग्रामसभा में उपस्थित ही थे।
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13 मार्च 2025 को फर्जी ग्रामसभा में पारित हुआ प्रस्ताव  
ग्राम पंचायत झिरमिटी में शराब दुकान के लिए फर्जी प्रस्ताव पास करने का मामला संज्ञान में आने पर 15 मार्च को सरपंच चंदन एक्का की अध्यक्षता में अति आवश्यक बैठक आहूत की गई। बैठक में ग्रामीणों के संज्ञान में लाया गया कि ग्राम पंचायत झिरमिटी में शासन के द्वारा अंग्रेजी शराब दुकान खोला जा रहा है। फर्जी ग्रामसभा 13 मार्च 2025 को करके सरपंच के फर्जी हस्ताक्षर से प्रस्ताव पास करने की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों ने विरोध जाहिर किया। सरपंच ने जब पंचायत के सचिव से इस संबंध में पूछा तो वह बताया कि किसी बाहरी व्यक्ति ने दबाव डालकर प्रस्ताव बनवाया, जिसमें उनका हस्ताक्षर है, मगर हेंडराइटिंग नहीं है। सरपंच के हस्ताक्षर के संबंध में पूछने पर सचिव ने कहा कि उक्त व्यक्ति ही अंग्रेजी में हस्ताक्षर किया होगा। पंचों ने भी फर्जीवाड़ा करके अंग्रेजी शराब दुकान खोलने की जा रही कवायद पर आपत्ति जताते हुए इसे निरस्त करने पर जोर दिया है।
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शराब भ_ी खोलकर गांव के लोगों को बर्बाद नहीं होने देंगे
कलेक्टर से मुलाकात करके फर्जीवाड़ा की जानकारी देने सरपंच के साथ पहुंचे उपसरपंच गायत्री दास महंत, भूतपूर्व उपसरपंच चित्रांगत पुरी गोस्वामी, पंच छत्रपाल टेकाम, गणेश राम राजवाड़े, रामलगन मराबी, वनस्पति एक्का, छन्दनी एक्का, चम्पा राजवाड़े, फुलेश्वरी, गांव की ही किरण एक्का सहित अन्य ने कहा कि वे शराब दुकान खुलवाकर अपने गांव को बर्बादी की राह पर अग्रसर नहीं होने देंगे। पूर्व से ही वे गांव में अवैध महुआ शराब बनाने और बेचने के पक्षधर नहीं रहे, यहां तो शराब भ_ी खोलने की प्रक्रिया को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। इन्होंने कहा कि वे नहीं चाहते कि आने वाली पीढ़ी पढ़ाई-लिखाई की जगह नशे के गर्त में जाए। अगर शासन-प्रशासन फर्जी प्रस्ताव के आधार पर मनमानी पर उतारू हुआ, तो वे आन्दोलन की राह पर अग्रसर होंगे। इनके द्वारा फर्जी प्रस्ताव के जांच और आरोपियों के विरूद्ध कार्रवाई की भी मांग की गई है।
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ग्राम पंचायत की ओर से शराब दुकान खोलने के लिए जो प्रस्ताव दिया गया है, उसमें सरपंच और सचिव के हस्ताक्षर हैं। इसी आधार पर शासन से शराब दुकान खोलने के लिए अनुमति मिली है। शराब दुकान खोलने की प्रक्रिया एक साल से चल रही है, टेंडर हो चुका है। टेंडर जब समाचार पत्रों में जारी हुआ तो कोई विरोध नहीं हुआ। अवैध शराब का धंधा करने वाले कतिपय लोग नहीं चाहते कि शासकीय शराब की दुकान खुले। हमारा काम शासन को पहुंचने वाली राजस्व क्षति को रोकना है।बात प्रस्ताव सही नहीं होने की सामने आई है, इसका परीक्षण कराने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एल.के. गायकवाड़
जिला आबकारी अधिकारी, सरगुजा

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