छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष ने कहा-स्वास्थ्य सेवाएं होंगी प्रभावित

अंबिकापुर। शासन ने सरगुजा संभाग के सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी व सिविल सर्जन को निर्देशित किया गया है कि संभाग में संलग्न समस्त कर्मचारियों एवं अधिकारियों का तत्काल प्रभाव से संलग्नीकरण समाप्त कर मूल पदस्थापना हेतु कार्यमुक्त किया जाए और पदस्थापना स्थल में उपस्थिति सुनिश्चित कराते हुए अधोहस्ताक्षरकर्ता एवं संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं को प्रमाण पत्र प्रेषित करें।
छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष अनिल कुमार पांडेय ने आदेश के परिप्रेक्ष्य में संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं का ध्यानाकर्षण कराया है कि सरगुजा संभाग के स्वास्थ्य संस्थाओं में शासन से स्वीकृत कुल पदों में लगभग 35 से 40 प्रतिशत पद (चिकित्सक एवं चिकित्साकर्मी) रिक्त है। संभाग के स्वास्थ्य संस्थाओं में कार्य प्रभावित न हो इसलिए ज्यादातर संलग्नीकरण कार्य जनप्रतिनिधियों की अनुशंसा पर एवं आवश्यकता अनुसार किया गया है। समस्त संलग्नीकरण समाप्त किए जाने से स्वास्थ्य संबंधित कार्य प्रभावित होंगे, जिसके कारण आम जनता को स्वास्थ्य सुविधाएंं उपलब्ध कराने में परेशानी होगी। उन्होंने कहा है कि स्वास्थ्य संस्थाओं में शासन से स्वीकृत सेटअप अनुसार 35 से 40 प्रतिशत रिक्त पद पर जब तक भर्ती नहीं हो जाता तब तक आम जनता को बगैर संलग्नीकरण का पूर्ण स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं कराया जा सकता है, समस्त संलग्नीकरण समाप्त किए जाने से अगर किसी संस्थाओं में पूर्ण सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण आम जनता को परेशानी होती है या किसी प्रकार की घटना घटित होती है तो संपूर्ण जिम्मेदारी विभाग एवं उच्च अधिकारियों की होगी। उन्होंने कहा है कि ऐसे स्वास्थ्य संस्थाएं जहां स्वीकृत सेटअप अनुसार कर्मचारी कम हैं वहां से संलग्न कर्मचारियों एवं अधिकारियों को हटाया जाना उचित प्रतीत नहीं होता है। ऐसी संस्थाओं से ही कर्मचारियों एवं अधिकरियों को हटाया जाए जहां आवश्यकता न हो या फिर स्वीकृत सेटअप से ज्यादा कर्मचारी एवं अधिकारी पदस्थ हों, या फिर संलग्न कर्मचारी एवं अधिकारी की मूल पदस्थापना पर कार्य प्रभावित हो रहा हो। कई स्वास्थ्य संस्थाओं में कर्मचारी कम होने के कारण कार्य की अधिकता के कारण कर्मचारी एवं अधिकारी मानसिक रूप से परेशान होते हैं, ऐसे में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से स्वास्थ्य सेवाएंं भी प्रभावित होती हैं। उन्होंने आग्रह किया है कि जनहित में स्वास्थ्य संस्थाओं के सुचारू रूप से संचालन हेतु आवश्यकता अनुसार किए गए संलग्नीकरण को समाप्त कर कार्यमुक्त नहीं किया जाए, या वर्तमान में कार्य कर रहे संस्थाओं के संस्था प्रमुखों से संलग्न कर्मचारियों एवं अधिकारियों की उपयोगिता, आवश्यकता की जानकारी लेकर ही कार्यमुक्त करने हेतु निर्देश जारी किए जाएं।

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