अंबिकापुर। मणीपुर थाना अंतर्गत कोल्ड स्टोर में संग्रहित महुआ की चोरी छिपे बिक्री करने और इस पर पर्दा डालने के लिए आग लगाने का मामला प्रकाश में आया है। रिपोर्ट पर पुलिस अग्रिम जांच कार्रवाई कर रही है।  
जानकारी के मुताबिक बिलासपुर चौक निवासी जयशंकर साहु उर्फ बाबू साहू पिता लक्ष्मण साहु 40 वर्ष का बिलासपुर रोड सांडबार में श्याम कोल्ड स्टोर है, जहां धान और महुआ संग्रहित करके रखा जाता है। कोल्ड स्टोर तीन माले का है, जिसका देखरेख बीते तीन वर्ष से मैनजर के पद पर कार्यरत पत्थलगांव निवासी टिकेश्वर यादव उर्फ बिर यादव करता है। कोल्ड स्टोर में किसका कितना माल है, किस व्यापारी को देना है, किससे पैसा लेना है के साथ ही बैंक में पैसा जमा करने सहित सारी जिम्मेदारी का वह निर्वहन कर रहा था। कोल्ड स्टोर संचालक सुबह-शाम आकर टिकेश्वर यादव से इसकी जानकारी लेता था। 10 नवम्बर को सुबह करीब 10 बजे कोल्ड स्टोर पहुंचे जयशंकर साहू के सामने जयपुर पे्रमनगर का व्यापारी संतलाल साहू महुआ लेने आया था। पूर्व में मैनेजर टिकेश्वर यादव ने पूछने पर गोदाम में 356 बोरी महुआ शेष होने की जानकारी दी थी, जिस पर उन्होंने उसे व्यापारी को माल दिखाने के लिए कहा। कोल्ड स्टोर में आफिस के बाहर महुआ लेने आने व्यापारी संतलाल के अलावा संकल्प सिंह के साथ जयशंकर साहु बैठे थे। इस बीच लेबर आ गए, इनसे मैनेजर टिकेश्वर को गाड़ी में उन्होंने महुआ लोड करवाने के लिए कहा तो वह महुआ में नमी होने और देने लायक नहीं होने की बात कहते हुए टालमटोल करने लगा। इस पर जयशंकर साहू ने कहा कि माल दिखा दो, ले जाना होगा तो ले जाएंगे, तब वह लेबर को साथ लेकर कोल्ड स्टोर में गया। इसके बाद मैनेजर टिकेश्वर, लेबर को कोल्ड स्टोर के नीचे तल में जहां धान रखा जाता है, वहां घुसाकर ऊपर माल देखकर आता हूं, कहते हुए अकेले तीसरे तल पर चले गया। मजदूरी का काम करने वाले पिता-पुत्र विवेक पैकरा व चवन पैकरा पहले तल में गए तो वहां धान रखा था। कुछ देर बाद मैनेजर टिकेश्वर यादव कोल्ड स्टोर के तीसरे तल से दौड़ते हुए आया और मजदूरों को ऊपर जाने के लिए बोला। विवेक पैकरा व चवन पैकरा ऊपर गए तो आग लगा था। इसकी जानकारी कोल्ड स्टोर के संचालक को देने के लिए नीचे उतरने लगे तो देखे कि मैनेजर टिकेश्वर यादव धान के स्टोर में आग लगा रहा था। क्या कर रहे हो, पूछने पर वह बाहर निकला और लेबरों को आग लगा है, मालिक को बताकर आता हूं कहते हुए बाहर निकला और अपने कार क्रमांक सीजी 07 सीडी 3407 में बैठकर भाग गया। वह अपने साथ एक ट्राली बैग रखा था। जाते वक्त टिकेश्वर से कोल्ड स्टोर के मालिक ने पूछा कि कहां जा रहे हो, तो वह बोला आग लगा है, फायर स्टेशन को सूचित करने जा रहा हूं। इसके बाद मजदूरों ने टिकेश्वर के द्वारा आग लगाकर भागने की जानकारी दी, और फोन लगाने पर टिकेश्वर यादव का मोबाइल स्विच ऑफ बताने लगा। आग बुझाने के बाद जब वे ऊपर तल में जाकर देखे तो वहां महुआ नहीं थ। दो बोरी शेष महुआ जल गया था। ऐसे में मैनेजर टिकेश्वर यादव के द्वारा 356 बोरी महुआ को पूर्व में ही किसी को बेच देने और चोरी के आरोप से बचने के लिए गोदाम में आग लगाने का संदेह व्यक्त किया है, जिस पर पुलिस ने आरोपी मैनेजर के विरूद्ध केस दर्ज कर लिया है।

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