Author: admincp

शादी से लौट रही नाबालिगों के साथ सामूहिक दुष्कर्म, 2 आरोपियों के चंगुल से निकल कर भागीं

पुलिस ने केस दर्ज किया, मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पुन: हुआ मेडिकल परीक्षण अंबिकापुर। सरगुजा जिले के सीतापुर थाना अंतर्गत…

बुलेट सवारों का अपहरण, मारपीट करके लूट लिए 52 हजार

अंबिकापुर। मोटरसायकल सवारों के द्वारा विवाद करते हुए बुलेट वाहन में सवार युवकों के साथ गाली-गलौज, मारपीट करते हुए 52…

नपानि में सुशासन तिहार अंतर्गत आयोजित जन समस्या निवारण शिविर हेतु तिथि निर्धारित

अंबिकापुर। सुशासन तिहार अंतर्गत जिले में 01 मई से 10 जून के दौरान ‘जन समस्या निवारण शिविरÓ का आयोजन किया…

अंबिकापुर के डॉ. भीष्मदेव साहू को मिला राष्ट्रीय ‘डॉ. सी.एम. सिंह नेशनल एक्सीलेंस अवार्ड-2026Ó

पशु चिकित्सा एवं पशुपालन विज्ञान में उत्कृष्ट योगदाअंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के पशु चिकित्सालय मंगारी प्रभारी एवं अनुभवी वरिष्ठ…

तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों से जुड़ा एक पुराना प्रशासनिक फैसला निरस्त

शहरी गैस वितरण नीति मंत्रिमंडल से पास, ईंधन के क्षेत्र में बड़ा कदमफोटो-कैबिनेट की बैठक मेल में रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु…

राजधानी के बड़े निजी स्कूलों को टक्कर दिया, प्रदेश का प्रयास विद्यालय

प्रयास विद्यालयों के विद्यार्थियों का सीजी बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन10वीं एवं 12वीं में शत-प्रतिशत सफलता, मेरिट सूची में उल्लेखनीय…

महतारी वंदन योजना से महिलाओं को मिल रहा आर्थिक संबल, संवर रहा परिवार और बच्चों का भविष्य

रायपुर, छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत आधार बनती जा रही…

चित्रकोट विधायक विनायक गोयल ने स्व-गणना कार्य को किया पूर्ण

रायपुर, जिले के चित्रकोट विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री विनायक गोयल एवं जनपद पंचायत तोकापाल के उपाध्यक्ष श्री रितेश जोशी…

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी

रायपुर. उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज मंत्रालय में राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने…

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प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को आरएफएसएल की जानकारी देने हुई दो दिवसीय कार्यशाला  संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला कार्यालय के अधिकारियों ने दी विस्तृत जानकारीफोटो-2  छ.ग.फ्रंटलाइनअंबिकापुर। सरगुजा रेंज के विभिन्न जिलों में व्यवहारिक प्रशिक्षण करने हेतु आये सभी नव पदस्थ प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को नई तकनिकी फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेटिकल प्रशिक्षण (आरएफएसएल) की जानकारी हेतु रेंज स्तर पर कार्यशाला का आयोजन पुलिस को-ऑडिनेशन सेन्टर, सरगुजा भवन में पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा के निर्देशन में किया गया। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेक्टिकल प्रशिक्षण के अधिकारी आर.के. पैकरा एवं कुलदीप कुजूर के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। इस नई तकनीकी प्रयोगशाला प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसी भी गंभीर प्रकरण के विवेचना के शुरूआती दौर से ही संग्रहित किये जाने वाले साक्ष्यों को पूर्णत: पारदर्शिता के साथ सुरक्षित एकत्रित किया जाता है ताकि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय के समक्ष सुरक्षित पेश किया जा सके, जो कि अपराधिक कानूनों में फॉरेंसिक जांच की महत्ता दिया गया है।रेंज स्तर पर इस प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन दो बैच में कराया गया। प्रथम बैच 03 जुलाई को संपन्न हुआ, जिसमें जिला सूरजपुर, बलरामपुर एवं कोरिया के 38 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को प्रशिक्षण मिला। द्वितीय बैच में 07 जुलाई को सरगुजा, जशपुर एवं एमसीबी जिले के 40 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को इस प्रशिक्षण दिया गया। फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेटिकल प्रशिक्षण कार्यशाला में मुख्य रूप से संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला अंबिकापुर के अधिकारी आर. के पैकरा एवं कुलदीप कुजूर के द्वारा अपने अनुभवों को साझा करते हुये कई ऐसे पुराने प्रकरणों के बारे में बताया जो कि बहुत ही बारीकी से उन्होंने साल्व किया है। उन्होंने कहा कि आप सब जब भी मैदानी थाना, चौकी क्षेत्रों में कार्य करेंगे तो अलग-अलग तरह के अनसुलझे प्रकरण आयेंगे, जैसे में बर्निंग केश, डिकम्पोज बॉडी, इलेक्ट्रिक शॉक, हैंगिंग, ड्रावनिंग, हत्या, शव निरीक्षण, घटनास्थल का निरीक्षण जैसे प्रकरणों का शुरूआती दौर से ही एक-एक साक्ष्यों का तकनीकी उपकरणों के माध्यम से सावधानी पूर्वक साक्ष्य संग्रहित करने के तरीके एवं बारीकियों के बारे में अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी दी।बताया गया कि 1 जुलाई 2024 से लागू हुये नये अपराधिक कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम में फारेंसिक जांच की भूमिका को विशेष महत्व दिया गया है। इसमें विशेष रूप से 7 वर्ष या उससे अधिक सजा वाले अपराधों में फारेंसिक टीम के अधिकारियों के द्वारा जांच की अनिवार्यता है। इस हेतु रेंज के सभी जिलों में फारेंसिक वैज्ञानिक अधिकारी पदस्थ किये गये हंै, एवं आधुनिक मोबाइल फारेंसिक वैन प्रदाय किया है। प्रशिक्षण के अगली कड़ी में सभी प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला अंबिकापुर में ले जाकर बारीकी से एक-एक कर तकनीकि उपकरणों के बारे में जानकारी देकर घटना स्थल पर किस प्रकार प्रयोग/जांच किया जाना चाहिए, इन सारी तकनीकि उपकरणों के बारे में अवगत कराया गया। इसके उपरांत दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में हर बिन्दुओं पर बारी-बारी से सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से उपस्थित अधिकारियों के द्वारा फीडबैक लिया गया, इस दौरान प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से एक-एक करके पुन: तकनीकी उपकरणों एवं उसके उपयोग जैसे प्रश्नों के बाद त्रुटियों में सुधार किया गया।पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों एवं संयुक्त संचालक, क्षेत्रिय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला के अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्रिय एफएसएल से जांच में पारदर्शिता बढ़ेगी और बैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने में आसानी होगी जो कि न्यायिक प्रक्रिया में गति मिलेगी एवं लंबित मामलों के निपटारे में शीघ्रता आयेगी। प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा अमोलक सिंह ढिल्लो, सीएसपी अंबिकापुर राहुल बंसल, रक्षित निरीक्षक अंबिकापुर तृप्ति सिंह राजपुत, पुमनि. कार्यालय के रीडर रेशम लाल साहू, स्थापना प्रभारी सुनील वर्मा सहित रेंज में पदस्थ सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षक उपस्थित रहे।