पशु चिकित्सा एवं पशुपालन विज्ञान में उत्कृष्ट योगदा
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के पशु चिकित्सालय मंगारी प्रभारी एवं अनुभवी वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. भीष्मदेव साहू (भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान इज्जतनगर उत्तर प्रदेश से पीएचडी) को पशु चिकित्सा और पशुपालन विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान ‘डॉ. सी.एम. सिंह एक्सीलेंस अवार्ड इन वेटरनरी साइंसेस-2026Ó से सम्मानित किया गया है। इस पुरस्कार के लिये देश और विदेश के 8 संस्थान के द्वारा मूल्यांकन किया गया। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि से पूरे प्रदेश, विशेषकर जिला बालोद, सरगुजा, उतई नगर एवं साहू समाज में हर्ष का माहौल है। वर्ष 2008 में भी डॉ. साहू को भारतीय पशु औषधि सोसाइटी द्वारा उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
डॉ. साहू वर्तमान में छत्तीसगढ़ शासन के पशु चिकित्सा सेवाओं के अंतर्गत सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित उप संचालक कार्यालय से संबद्ध हैं और विकासखंड बतौली के मंगारी पशु चिकित्सालय प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वे पिछले लगभग 15 वर्षों से राज्य शासन में पशु चिकित्सा सर्जन के रूप में कार्यरत हैं, और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले पशुपालन क्षेत्र को सशक्त बनाने में निरंतर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सेवा, अनुसंधान और नेतृत्व के अद्वितीय संगम डॉ. साहू ने अपने कार्यकाल में पशु चिकित्सा सेवा, जन कल्याणकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी, सुलभ और वैज्ञानिक बनाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उनके पास मजबूत फिल्ड अनुभव के साथ-साथ गहन अनुसंधान पृष्ठभूमि भी है। पशु कल्याण, निदान, चिकित्सा और आधुनिक उपचार पद्धतियों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें एक विशिष्ट पहचान दिलाती है। उन्होंने पशु रोग (लम्पी स्किन डिजीज, थनौती), कृत्रिम गर्भधान विषय पर राज्य और जिला स्तर पर पशु चिकित्सक, क्षेत्र अधिकारी और सहयोगियों को ट्रेनिंग प्रदान किया। ब्लॉक एवं जिला स्तर पर अनेक पशु मेलों, स्वास्थ्य शिविरों और प्रदर्शनियों का सफल आयोजन किया है। वे पशु सखी की दर्जनों ट्रेनिंग बालोद और सरगुजा जिले में प्रदान किये। इसके साथ ही शासन की विभिन्न पशुपालन योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू कर हजारों पशुपालकों को लाभान्वित किया है। इनकी उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ शासन के पशु चिकित्सा सेवाओं के संचालक चित्रकांत वर्मा (आईएएस), डॉ. शंकर लाल उइके संयुक्त संचालक, उप संचालक अंबिकापुर डॉ. आर.पी. शुक्ला, डॉ. अरुण सिंह, डॉ. फ्रेंकलिन टोप्पो, डॉ. अजय अग्रवाल, डॉ. सीके मिश्रा सकालो सुकर फार्म , डॉ. नन्द लाल यादव पोल्ट्री फार्म सकालो,  सहित अन्य अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दी मजबूती
डॉ. साहू द्वारा बालोद जिले के डोंडी विकासखंड अंतर्गत गांव के भेड़ में ब्लू टंग रोग की पहचान तथा दूध संग्रहण सह शीतलन केंद्र एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इस पहल से स्थानीय भेड़ पालकों को बीमारी से निजात पाने, दुग्ध उत्पादकों को बाजार से सीधा जुड़ने और उचित मूल्य प्राप्त करने में मदद मिली है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिली है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और सामाजिक पहचान
डॉ. भीष्मदेव साहू, उतई नगर साहू समाज के प्रथम अध्यक्ष स्वर्गीय चोवाराम साहू के ज्येष्ठ नाती और चुन्नी लाल साहू के सुपुत्र हैं। वे साहू समाज और पर्यावरण सरंक्षण के गतिविधि से जुड़े हुए है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल उनका विभाग, परिवार बल्कि पूरा समाज गौरवान्वित हुआ है।
प्रेरणास्रोत बनी उपलब्धि
डॉ. भीष्मदेव साहू को मिला यह राष्ट्रीय सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह पशुपालन एवं पशु चिकित्सा क्षेत्र में कार्यरत सभी युवाओं और पेशेवरों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके कार्यों ने यह सिद्ध कर दिया है कि समर्पण, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सेवा भावना के साथ ग्रामीण विकास एवं पशुपालन क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।

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