घटनास्थल जाकर पुलिस करेगी दुर्घटना की पुष्टि, उपचार के लिए मिलेगा ई-डीएआर आईडी

अंबिकापुर। अंतर्विभागीय लीड एजेंसी (सड़क सुरक्षा), पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर के निर्देशानुसार पीएम-राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, ई-डीएआर (ई-डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट), प्रणाली में प्रकरण अनुमोदन, भुगतान प्रक्रिया, डेटा गुणवत्ता, निधि उपयोग एवं विभागीय समन्वय को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से संभाग स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 7 अगस्त को जिला पंचायत अंबिकापुर के सभाकक्ष में किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम एम.आर. आहिरे, डीआईजीपी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
प्रशिक्षण के दौरान एम.आर. आहिरे ने पीएम-राहत योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि वाहन से हुई सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को दुर्घटना के 7 दिवस तक अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। योजना का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को तत्काल एवं कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराकर अधिक से अधिक लोगों की जान बचाना है। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ दिलाने के लिए पुलिस विभाग द्वारा सड़क दुर्घटना की सूचना मिलने पर घटनास्थल पर पहुंचकर दुर्घटना की पुष्टि की जाएगी तथा घायल व्यक्ति को ई-डीएआर आईडी प्रदान कर नजदीकी नामांकित शासकीय अथवा निजी अस्पताल में उपचार के लिए भेजा जाएगा। इसके लिए एफआइआर की अनिवार्यता नहीं है। अधिकारियों ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पुलिस, स्वास्थ्य एवं परिवहन विभाग के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रशिक्षण कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा राजेश अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, अंतर्विभागीय लीड एजेंसी पुलिस मुख्यालय से प्रशिक्षक दिनेश टॉक एवं सारांश श्रींके, वरिष्ठ क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी अंबिकापुर तथा जिला परिवहन अधिकारी सूरजपुर, बलरामपुर, जशपुर एवं कोरिया सहित संभाग के विभिन्न जिलों के पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर एवं जशपुर जिले के डी.आर.एम. भी प्रशिक्षण में शामिल हुए।
ई-डीएआर में समयबद्ध सत्यापन पर जोर
प्रशिक्षण में ई-डीएआर प्रणाली में दुर्घटना से संबंधित प्रकरणों की विस्तृत जांच एवं समयबद्ध सत्यापन की प्रक्रिया के संबंध में भी जानकारी दी गई। ऐसे प्रकरण जिनमें घायल व्यक्ति की मृत्यु की संभावना नहीं है, उनका 24 घंटे के भीतर तथा मृत्यु की संभावना वाले प्रकरणों का 48 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से सत्यापन किया जाना है। उपचार पूर्ण होने के बाद घायल व्यक्ति के अस्पताल से डिस्चार्ज होने के 10 से 15 दिवस के भीतर संबंधित अस्पताल को भुगतान किए जाने की प्रक्रिया के बारे में भी अधिकारियों को अवगत कराया गया।
राह-वीर योजना के तहत मिलेगा 25 हजार
प्रशिक्षण के दौरान राह-वीर योजना की जानकारी भी दी गई। इसके अंतर्गत सड़क दुर्घटना के बाद गोल्डन ऑवर यानी दुर्घटना के प्रथम एक घंटे के भीतर घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने में मदद करने वाले व्यक्ति अथवा व्यक्तियों को 25 हजार रुपये का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर पीएम-राहत योजना एवं राह-वीर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए, ताकि सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को समय पर उपचार मिल सके और आम नागरिक भी दुर्घटना पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आएं। इससे दुर्घटना में पीड़ित को बिना किसी अनावश्यक विलंब के उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।

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