भटगांव। मुआवजा और नौकरी की मांग को लेकर 21 जुलाई की सुबह एसईसीएल भटगांव क्षेत्र के महाप्रबंधक कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने धरना-प्रदर्शन और सड़क जाम करने के मामले में पुलिस ने 7 लोगों के विरूद्ध अपराध दर्ज कर लिया है। प्रदर्शन के दौरान कोयला परिवहन बाधित होने से कंपनी ने लगभग 20 लाख 67 हजार रुपये की आर्थिक क्षति होने की जानकारी पुलिस को है। एसईसीएल के स्टॉफ ऑफिसर राजकुमार शर्मा ने मामले को पुलिस के संज्ञान में लाया है।
शिकायत के अनुसार 21.07.2026 को सुबह करीब 9 बजे महामाया ओपन कास्ट परियोजना के प्रभावित भू-स्वामी उदित नारायण ठाकुर निवासी जरही, विनोद राजवाड़े, उमेश तिवारी और अन्य 5-7 आंदोलनकारियों ने कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने धरना शुरू कर दिया। आरोप है कि आंदोलनकारियों ने कार्यालय का मुख्य गेट और महाप्रबंधक कार्यालय जाने वाले मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। इससे कोयला परिवहन पूरी तरह ठप हो गया। इस अवरोध के कारण लगभग 1000 टन कोयले का परिवहन प्रभावित हुआ, जिससे कंपनी को 20 लाख 67 हजार 820 रुपये का नुकसान हुआ। साथ ही कार्यालयीन कार्य और कर्मचारियों के आवागमन में भी बाधा उत्पन्न हुई। एसईसीएल प्रबंधन ने शिकायत में कहा है कि आंदोलनकारियों की मांगों को लेकर पहले भी वार्ता हो चुकी थी। इसके बावजूद जबरन कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर काम-काज बाधित किया गया। आवेदन पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 191(2), 126(2) के तहत उदित नारायण ठाकुर, विनोद राजवाड़े, उमेश तिवारी सहित अन्य 5-7 अज्ञात आंदोलनकारियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।

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