अभाविप ने जिला शिक्षा अधिकारी का कार्यालय घेरा, जमकर की नारेबाजी

अंबिकापुर। नए शैक्षणिक सत्र के आरंभ के साथ ही शहर में संचालित निजी स्कूलों की मनमानी शुरू हो गई है। स्कूल संचालकों के द्वारा मनमाफिक फीस बढ़ाने से छात्रों और अभिभावकों को सड़कों पर आकर विरोध प्रदर्शन करने विवश कर दिया है। इसी कड़ी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मंगलवार को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव करके जोरदार प्रदर्शन किया, और जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने निजी स्कूलों के संचालकों पर बच्चों की शिक्षा के नाम पर अभिभावकों का आर्थिक शोषण का आरोप लगाया है।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एबीव्हीपी के प्रदेश विस्तार सह संयोजक मयंक शुक्ला और जिला महामंत्री रोनी मिश्रा ने कहा कि अंबिकापुर के कई निजी स्कूल नियमों को दरकिनार करके पालकों पर गलत तरीके से आर्थिक दबाव की स्थिति बना रहे हैं। स्कूल प्रबंधन अभिभावकों को मजबूर कर रहा है कि वे किताबें, कॉपियां और यूनिफॉर्म केवल स्कूल द्वारा तय की गई चुनिंदा दुकानों से ही खरीदें, जिससे स्कूल संचालकों का लाभ तय है, लेकिन अभिभावकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि बिना किसी ठोस कारण और निर्धारित नियमों के विपरीत निजी स्कूलों में लगातार फीस की वृद्धि हो रही है। इससे मध्यम वर्गीय और गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ना लाजिमी है। अभाविप ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। छात्र संगठन के द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन की सूचना मिलने पर जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश झा मौके पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं से चर्चा की। उन्होंने इनकी मांगों को सकारात्मक बताते हुए आश्वासन दिया कि विभाग इस मामले को गंभीरता से ले रहा है। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर पहले भी कार्रवाई की गई है, भविष्य में सख्त कदम उठाए जाएंगे। अभाविप ने सौंपे गए ज्ञापन में निजी स्कूलों की फीस संरचना की जांच, अनिवार्य खरीदारी की व्यवस्था पर रोक और दोषी स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए गहमागहमी की स्थिति बनी रही, हालांकि प्रशासन की समझाइश के बाद स्थिति सामान्य हो गई। इस दौरान काफी संख्या में अभाविप के कार्यकर्ता उपस्थित थे।
जिला शिक्षा अधिकारी ने जारी की अपील
जिला शिक्षा अधिकारी ने अपील जारी करते हुए कहा है कि जिन अभिभावकों के बच्चे सरगुजा जिले के किसी भी निजी या अनुदान प्राप्त विद्यालयों में अध्ययनरत हैं और विद्यालय प्रबंधन के द्वारा किसी दुकान विशेष से पाठ्यपुस्तकों या यूनिफार्म की खरीदी करने के लिए बाध्य किया जा रहा है, तो इसकी लिखित सूचना तत्काल जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, सरगुजा अंबिकापुर को देवें, जिससे समय पर उचित कार्रवाई की जा सके।  

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