अंबिकापुर। शहर की सीमा से लगे संरक्षित वन क्षेत्रों पर अवैध कब्जा के आरोपों की जांच विभाग ने शुरू कर दी है। नगर निगम के वरिष्ठ पार्षद आलोक दुबे ने तत्संबंध में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, वन मंत्री को पत्र लिखा था। इसी क्रम में विभागीय अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए महामाया पहाड़, खैरबार, बधियाचुंवा, बांकी डेम, लालमाटी और लुचकी बीट के गार्ड अली अहमद को हटाकर इस बीट का प्रभार राजेश यादव को दे दिया है। डीएफओ अभिषेक जोगवत ने बताया कि अग्रिम जांच के लिए एसडीओ वन श्वेता कम्बोज को जांच अधिकारी बनाया गया है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि वरिष्ठ पार्षद व भाजपा नेता आलोक दुबे ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में आरोप लगाया था कि करीब 1500 एकड़ की हरितिमा को नष्ट करने का सिलसिला महामाया पहाड़, खैरबार, बधियाचुंवा, बाकी डेम, लालमाटी और लुचकी क्षेत्र में चल रहा है। वन भूमि में लगे पेड़ों की अवैध कटाई करते हुए भूमि पर कब्जा किया जा रहा है। यह क्षेत्र शहर के लोगों के लिए ऑक्सीजन हब है। पूर्व में जनवरी और जून माह, वर्ष 2025 में प्रदेश के मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त टीम ने महामाया पहाड़ तथा रनपुर खुर्द के चोरकाकछार क्षेत्र से करीब 100 अवैध मकानों को ध्वस्त किया था, लेकिन यह कार्रवाई महज दिखावा साबित हुई। इसके बाद भी अवैध कब्जे का सिलसिला थमा नहीं है। उन्होंने विशेष रूप से कक्ष संख्या 2581 और 2582 केखैरबार, बधियाचुंवा, बाकी डेम का हवाला देते हुए कहा था कि यहां संरक्षित वनों की बेतहाशा कटाई वन भूमि पर कब्जा करने के लिए हो रही है। होली के आसपास खैरबार क्षेत्र में सागौन के प्लांटेशन को बड़े पैमाने पर काटने क मय फोटो जानकारी दी गई थी। वरिष्ठ पार्षद आलोक दुबे का कहना है कि इसके बाद 60-70 लोगों को बेदखली का अंतिम नोटिस भी जारी किया जा रहा है, हालांकि इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि टीम को अवैध कब्जा हटाने निर्देशित किया जाए, और आगामी बारिश के समय पौधारोपण करके हरियाली वापस लाने की पहल की जाए। उन्होंने होली के बाद अतिक्रमण के लिए वृक्षों की कटाई को देखते हुए ठोस कार्ययोजना बनाने का सुझाव भी दिया है।

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