सरगुजा संभागीय सर्व ब्राह्मण समाज की बैठक संपन्न, महिला इकाई का गठन
अंबिकापुर। सरगुजा संभागीय सर्व ब्राह्मण समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आज आयोजित की गई, जिसमें संगठन की महिला इकाई का गठन करते हुए विभिन्न पदों पर मनोनयन किया गया। सर्वसम्मति से भटगांव विधानसभा की पूर्व विधायक रजनी रविशंकर त्रिपाठी को महिला इकाई का संभाग अध्यक्ष मनोनीत किया गया।
महिला इकाई में उपाध्यक्ष के रूप में देवकी त्रिपाठी एवं ज्योति द्विवेदी, सचिव के रूप में शशिकला तिवारी, ममता तिवारी एवं नीलम शर्मा, सहसचिव के रूप में बीना दुबे, अल्पना मिश्रा, स्मिता तिवारी एवं प्रियंका चौबे को दायित्व सौंपा गया। कोषाध्यक्ष रेणुका शुक्ला, सह-कोषाध्यक्ष मीना शुक्ला, मीडिया प्रभारी अलका मिश्रा तथा संरक्षक किरण मिश्रा एवं जयंति तिवारी को नियुक्त किया गया। बैठक के दौरान शहर के वरिष्ठ विप्रजन एवं वरिष्ठ पत्रकारों का सम्मान किया गया। इनमें प्रेमकुमार शर्मा, हरिशंकर त्रिपाठी, चंदा शुक्ला, लीलावती पाण्डेय तथा वरिष्ठ पत्रकार अनंगपाल दीक्षित, सुरेन्द्र तिवारी, संजय तिवारी, हरिकिशन शर्मा, नंदकेश्वर पाण्डेय, डी.एन. द्विवेदी, विजय शुक्ला, केदार पाठक, डी.के. पाण्डेय एवं अजय नारायण पाण्डेय शामिल रहे। वरिष्ठ अधिवक्ता प्रेमकुमार शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि ब्राह्मण समाज भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का मार्गदर्शक समाज रहा है। ब्राह्मण समाज का दायित्व केवल अपने समाज तक सीमित नहीं है, बल्कि समूचे समाज को सही दिशा देना भी है। वर्तमान समय में सामाजिक मूल्यों में आ रही गिरावट और विभिन्न प्रकार की विकृतियों को दूर करने के लिए संगठित प्रयास आवश्यक है। इसके लिए ब्राह्मण समाज को शिक्षा, संस्कार और सामाजिक समरसता के माध्यम से समाज को जागरूक करना होगा। उन्होंने संगठन को और अधिक सक्रिय बनाते हुए युवाओं एवं महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी बल दिया, ताकि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके। हरिशंकर त्रिपाठी ने कहा कि वर्तमान समय में ब्राह्मण समाज की एकजुटता अत्यंत आवश्यक है। जब तक समाज संगठित नहीं होगा, तब तक सनातन धर्म की रक्षा और उसके मूल्यों का संरक्षण प्रभावी ढंग से नहीं हो सकेगा। ब्राह्मण समाज को अपने गौरवशाली इतिहास और परंपराओं को स्मरण करते हुए समाज में नैतिकता, धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए आगे आना होगा। सनातन धर्म में जो भी विकृतियां समय के साथ उत्पन्न हुई हैं, उन्हें दूर करने की जिम्मेदारी भी ब्राह्मण समाज की है। सर्व धर्म समभाव की भावना के साथ सनातन धर्म को मजबूत बनाने की दिशा में संगठित होकर कार्य करना समय की आवश्यकता है।

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