परिक्षेत्र अधिकारी जप्त करके ला रहे थे कार्यालय परिसर, बाइक सवारों नेे दहशत में डाला

अंबिकापुर। नीलगिरी की लकड़ी का कागजात पेश नहीं करने पर वन परिक्षेत्र सहायक ने अग्रिम जांच, कार्रवाई के लिए ट्रक को जप्त किया, इधर रास्ते में ट्रक खराब होने का बहाना बनाकर चालक रोक दिया और वन विभाग की टीम के जाने के बाद ट्रक लेकर भाग गया। इसके पहले मौके पर पहुंचे दो दर्जन से अधिक लोगों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की थी, जिस कारण स्वयं को सुरक्षित रखते हुए परिक्षेत्र सहायक अपने सहयोगी के साथ देर रात वापस लौट गए थे। इसकी जानकारी वन अमले ने सीतापुर थाने में दी है, जिस पर पुलिस ने ट्रक चालक, लकड़ी मालिक सहित अन्य के विरूद्ध अपराध दर्ज कर लिया है।
सीतापुर वन परिक्षेत्र में परिक्षेत्र सहायक बतौली के पद पर पदस्थ राजेश बराडे ने पुलिस को लिखित में अवगत कराया है कि मुखबिर से उन्हें सूचना मिली थी कि ग्राम पोकसरी से मंगारी रोड में नीलगिरी से लोड ट्रक आ रहा है। जब वे अपने स्टाफ के साथ गए तो पोकसरी के तरफ से लकड़ी लोड ट्रक आ रहा था। ट्रक को रोककर जब उन्होंने लकड़ी संबंधित दस्तावेज की मांग की तो चालक के द्वारा कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद वे वनोपज सहित ट्रक क्रमांक यूपी 51 एटी 4464 को जप्त करके सीतापुर ला रहे थे। ग्राम मंगारी में पुलिया के पास ट्रक के चालक ने बताया कि पाइप फट गया है इसलिये गाड़ी आगे नहीं जा पाएगी। परिक्षेत्र सहायक ने अंदेशा जताया है कि विशुनपुर निवासी वाहन चालक, काष्ठ स्वामी अनस एवं उनके साथियों द्वारा छेड़छाड़ करने के कारण वाहन चालू नहीं हुआ। मध्य रात्रि के पश्चात जप्त वाहन के पास अनस के साथी दो मोटरसाइकिल क्रमांक सीजी 15 ईसी 6930 एवं सीजी 15 ईबी 7465 से आए और ट्रक के आस-पास घूमते हुए वाहन में छेड़छाड करने का प्रयास कर रहे थे। रात्रि पहर में लगभग 20-30 लोग वाहन के पास आकर शोरगुल मचाने लगे, जिससे स्थिति गंभीर हो गई थी। इसके बाद परिक्षेत्र सहायक अपने सहयोगियों के साथ मौके से अपने आपको सुरक्षित करते हुए सीतापुर वापस आ गए थे। सुबह 4.30 बजे मौके पर पहुंचे तो वहां वाहन नहीं था। आसपास पता करने के बाद भी ट्रक का पता नहीं चला। उन्होंने ट्रक में लिखे वाहन मालिक चिंदु उर्फ कंचन तिवारी के मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो उनके द्वारा बताया गया कि अनस से उनकी बात नहीं हो पा रही है। इस कारण गाड़ी कहां है इसकी वास्तविक स्थिति से वे अवगत नहीं करा सकते हैं। परिक्षेत्र सहायक बतौली के रिपोर्ट पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 218, 221, 222, 223(ए), 255, 3(5) का मामला दर्ज कर लिया है।

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