पुन: शिकायत पत्र के साथ सुर्खियों में आया मामला आपसी नुक्ताचीनी से जुड़ा
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री और भटगांव विधायक लक्ष्मी राजवाड़े को जान से मारने और झूठे घोटाले में फंसाने की धमकी देने संबंधी एक लिखित शिकायत पत्र के वायरल होने के बाद राजनीति के गलियारों तक तरह-तरह की चर्चा होने लगी, हालांकि इस शिकायत में दम नजर नहीं आ रहा है। मामला भटगांव थाने तक पहुंचा जरूर है, लेकिन बात सामान्य रूप से नुक्कडों में होने वाली नुक्ताचीनी से ओतप्रोत है। पुलिस इस मामले में पूर्व में रविन्द्र यादव के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी कर चुकी है।
घटना 21 अगस्त के शाम की है। सूरजपुर जिला के ग्राम कसकेला स्थित अटल चौक पर गांव के ही रविन्द्र यादव पिता गुलकेश्वर यादव ने कथित तौर पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और उनके पति ठाकुर राजवाड़े को 40-50 करोड़ रुपये के घोटाले में फंसाने और जान से मारने की धमकी दे डाली। इसकी लिखित शिकायत गांव के ही रवि यादव पिता शिवकेश्वर यादव ने भटगांव थाने में कर दी। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी ने अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए मंत्री दंपती के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए और उन्हें बदनाम करने की धमकी दी। मामला संज्ञान में आने पर पुलिस जांच में जुटी, तो सामने आया कि महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े पूर्व में इंटरनेट मीडिया की सुर्खियों में उनके अधीनस्थ विभागों में भ्रष्टाचार को लेकर सुर्खियों में रही। इसे लेकर दो पक्षों या कहा जाए, दो पार्टी के प्रतिनिधियों के बीच आपसी नुक्ताचीनी हुई थी। इस दौरान और लोगों ने भी दोनों पक्षों की बातों को सुना था, लेकिन धमकी-चमकी जैसी स्थिति नहीं बनी थी। सामने वाले को भी नहीं मालुम था कि आपसी बातचीत और तर्क-कुतर्क के बाद हालात ऐसे बनेंगे कि मामला थाने तक पहुंच जाएगा।
बता दें कि लक्ष्मी राजवाड़े छत्तीसगढ़ की भारतीय जनता पार्टी सरकार में एकमात्र महिला मंत्री हैं। मिलनसार और मृदुभाषी मंत्री वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी पारसनाथ राजवाड़े को हराकर पहली बार विधायक बनीं और पहली बार में ही मंत्रीमंडल में स्थान बनाने में कामयाब हो गईं। छत्तीसगढ़ सरकार के वर्तमान कैबिनेट में वे सबसे कम उम्र की मंत्री हैं, इनके पास महिला एवं बाल विकास मंत्रालय है। सरकार के शीर्ष तक पहुंचने के बाद आरोप-प्रत्यारोप लगना कोई बड़ी बात नहीं है। बहरहाल रविन्द्र यादव के विरूद्ध सामने आया शिकायत पत्र गड़े मुर्दे को उखाड़ने जैसा है।
बयान
23 अगस्त को रविन्द्र यादव और रवि यादव के बीच कुछ बातें हुई थी। इसके बाद हमने रविन्द्र यादव के विरूद्ध 24 अगस्त को प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। पुलिस ने दोनों के बीच हुई बातचीत के दौरान मौजूद लोगों को भी खंगाला है। मामले की जांच जारी है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस सतर्क है।
सरफराज फिरदौसी, थाना प्रभारी भटगांव

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