अंबिकापुर। सरस्वती शिक्षा महाविद्यालय सुभाषनगर, अंबिकापुर की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा शारीरिक मुद्रा को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का विषय शारीरिक मुद्रा मायने रखती है, अपनी मुद्रा सुधारें, दर्द से बचें रहा। यह आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रद्धा मिश्रा के मार्गदर्शन एवं कार्यक्रम अधिकारी रा.से.यो. रानी रजक के नेतृत्व में हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. प्रीथा अग्रवाल एवं डॉ. सपना सोनी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। अतिथियों का स्वागत जीवंत पौधे एवं श्रीफल से किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को सही शारीरिक मुद्रा के प्रति जागरूक किया गया। डॉ. प्रीथा अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि, सही शारीरिक मुद्रा स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। लंबे समय तक मोबाइल देखने, कंप्यूटर पर कार्य करने, गलत तरीके से बैठने और झुककर चलने से गर्दन, कंधे, पीठ एवं कमर में दर्द की समस्या होती है। उन्होंने बैठते, खड़े होते और चलते समय रीढ़ की हड्डी सीधी रखने की सलाह दी।
डॉ. सपना सोनी ने कहा कि सही मुद्रा केवल सुंदरता नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और कार्यक्षमता से भी जुड़ी है। उन्होंने मोबाइल-लैपटॉप का उपयोग करते समय स्क्रीन को उचित ऊंचाई पर रखने, एक ही स्थिति में लंबे समय तक न बैठने तथा बीच-बीच में स्ट्रेचिंग और हल्के व्यायाम करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने फिट रहने के लिए स्ट्रेचिंग व एक्सरसाइज के आसान तरीके भी बताए और अभ्यास कराया। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य डॉ. श्रद्धा मिश्रा ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि, उनके मार्गदर्शन से प्रशिक्षणार्थियों को अपनी दैनिक आदतों में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा मिलेगी। इस अवसर पर सहायक प्राध्यापक प्रियलता जायसवाल, सविता यादव, सीमा बंजारे, पूजा रानी, ज्योत्स्ना राजभर, अर्चना सोनवानी, स्मिता सिन्हा, गोल्डन सिंह, नितेश कुमार यादव सहित बड़ी संख्या में बी.एड. प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।

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