अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ आयुर्वेद तथा यूनानी चिकित्सा पद्धति एवं प्राकृतिक चिकित्सा परिषद, रायपुर के परिषद चुनाव 2026 को लेकर आयुष चिकित्सकों पर दबाव बनाए जाने के आरोपों का छ.ग. आयुर्वेद अधिकारी संघ, सरगुजा संभाग ने पुरजोर खंडन किया है।
संघ की जिला शाखाएं सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, एमसीबी और जशपुर द्वारा जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि परिषद चुनाव 2026 के लिए पूरे प्रदेश में प्रत्येक संभाग से संघ द्वारा अपने अधिकृत प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारा गया है। संघ का उद्देश्य प्रदेश के आयुर्वेद एवं संबंधित चिकित्सा पद्धतियों के पंजीकृत चिकित्सकों के हितों को प्रभावी रूप से परिषद के समक्ष रखना तथा परिषद के कार्यों में पारदर्शिता, निष्पक्षता और चिकित्सकों की सहभागिता को मजबूत करना है। इस चुनाव में जीवित एवं वैध रूप से पंजीकृत प्रदेश के आयुष चिकित्सक ही अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
संघ ने स्पष्ट किया कि मतदान प्रत्येक चिकित्सक का स्वतंत्र एवं लोकतांत्रिक अधिकार है। किसी भी चिकित्सक पर किसी प्रकार का दबाव या अनुचित प्रभाव डालना संघ की भावना के विपरीत है। बोर्ड/परिषद सदस्य निर्वाचन के संबंध में संयुक्त जिला सरगुजा संभाग द्वारा आयुष चिकित्सकों से मतदान हेतु केवल लोकतांत्रिक अपील की गई है। छ.ग. आयुर्वेद अधिकारी संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ. गदाधर पण्डा ने स्पष्ट किया कि, किसी भी आयुष चिकित्सक पर मतदान के लिए दबाव, भय, प्रलोभन अथवा अनुचित प्रभाव नहीं बनाया गया है। सभी चिकित्सक अपने विवेक एवं स्वतंत्र इच्छा के अनुसार मताधिकार प्रयोग करने के लिए पूर्णत: स्वतंत्र हैं। उन्होंने चिकित्सकों पर दबाव बनाए जाने संबंधी आरोप को पूर्णत: निराधार एवं भ्रामक बताया है। संघ की ओर से लोकतांत्रिक मूल्यों, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष निर्वाचन प्रक्रिया तथा प्रत्येक चिकित्सक के स्वतंत्र मताधिकार के पूर्ण सम्मान की बातें कही गई हैं।

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