*2 घंटे के ऑपरेशन से डेढ़ साल के बच्चे को मिली नई जिंदगी*

*ऑब्स्ट्रक्टेड हर्निया से पीड़ित मरीज बच्चे का मेडिकल कॉलेज में सफल ऑपरेशन*

अंबिकापुर। पेट में फंसी आंत सड़ने ही वाली थी, लेकिन मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर संबद्ध जिला अस्पताल के डॉक्टरों की सूझबूझ और तत्परता से डेढ़ साल के मासूम को नई जिंदगी मिल गई। 

मासूम ऑब्स्ट्रक्टेड हर्निया से पीड़ित था, जिसका 29 जुलाई को करीब 2 घंटे तक सफल ऑपरेशन किया गया। डॉक्टरों का कहना है कि अगर समय रहते सर्जरी नहीं होती तो बच्चे की जान को बचाना मुश्किल हो जाता।

*पेट दर्द से शुरू हुई थी परेशानी*

सूरजपुर जिले का डेढ़ वर्षीय मासूम रूपेन्द्रनाथ को 23 जुलाई को अचानक पेट फूलने और तेज दर्द की शिकायत हुई। परिजन उसे तुरंत जिला अस्पताल सूरजपुर ले गए। यहां स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर 29 जुलाई को बच्चे को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने बच्चे का सोनोग्राफी कराया। जांच में पता चला कि बच्चे की छोटी और बड़ी आंत पेट के निचले हिस्से में फंस गई है। डॉक्टरों ने इसे ऑब्स्ट्रक्टेड हर्निया बताया। इस बीमारी में समय पर इलाज न हो तो आंत में सड़न शुरू हो जाती है।

*2 घंटे चला जटिल ऑपरेशन*

बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने तुरंत ऑपरेशन का फैसला लिया। 29 जुलाई को ही करीब 2 घंटे तक चली सर्जरी में डॉक्टरों ने बड़ी सावधानी से फंसी हुई आंत को बाहर निकालकर सही जगह पर स्थापित किया। ऑपरेशन के बाद बच्चे की स्थिति अब सामान्य है। उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।

*इन डॉक्टरों की टीम ने बचाई जान*

इस जटिल ऑपरेशन को डॉ. पीआर शिवहरे, डॉ. मनोज भारती, डॉ. शुभम कांत और एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. रूपक की टीम ने अंजाम दिया। डॉक्टरों ने बताया कि ऑब्स्ट्रक्टेड हर्निया के मामले में हर घंटा कीमती होता है। थोड़ी सी भी देरी से आंत खराब हो सकती थी और जान को खतरा हो सकता था।

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