सर्व विशेष पिछड़ी जनजाति समाज कल्याण समिति ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

अंबिकापुर। सर्व विशेष पिछड़ी जनजाति समाज कल्याण समिति के प्रांतीय अध्यक्ष उदय कुमार पण्डो के नेतृत्व में पीवीटीजी समाज के पदाधिकारियों एवं अभ्यर्थियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला प्रशासन के प्रतिनिधि को राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें सहायक शिक्षक भर्ती में पूर्ववत समाज के अभ्यर्थियों के लिए प्रावधान लागू करने की मांग की गई है। समिति ने कहा है कि शासन द्वारा वर्ष 2026 में सहायक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है, लेकिन इस भर्ती में विशेष पिछड़ी जनजाति अभ्यर्थियों के लिए पूर्व में लागू विशेष प्रावधानों का उल्लेख नहीं किया गया है, जिससे इस वर्ग के अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया से वंचित हो रहे हैं।
बताया गया है कि विशेष रूप से कमजोर जनजातीय वर्ग में पहाड़ी कोरवा, बैगा, कमार, अबुझमाड़िया, बिरहोर, भुंजिया एवं पण्डो समाज शामिल हैं। यह वर्ग आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से अत्यंत पिछड़ा है। शासन द्वारा पूर्व में इस वर्ग के शैक्षणिक उत्थान के लिए विशेष प्रावधान किए गए थे, जिस कारण बड़ी संख्या में इस वर्ग से अभ्यर्थी शिक्षक के पद पर नियुक्त हुए। समाज ने बताया है कि पूर्व की भर्ती में एसटी के कुल पदों में से 20 प्रतिशत पद पीवीटीजी अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित थे और ऑनलाइन फार्म में इनके लिए अलग विकल्प भी दिया गया था, लेकिन 2026 की भर्ती में ये दोनों प्रावधान हटा दिए जाने से इस वर्ग के अभ्यर्थियों में नाराजगी है। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश सचिव पण्डो जनजाति समाज कल्याण समिति के प्रदेश अध्यक्ष उदय कुमार पण्डो के साथ, संभागीय उपाध्यक्ष राजकुमार पण्डो, रामकुमार पण्डो, केशरी पण्डो, रंजीत, रजनी पहाड़ी कोरवा सहित पीवीटीजी वर्ग के युवा बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
20 प्रतिशत पद आरक्षित किए जाएं
सर्व विशेष पिछड़ी जनजाति समाज कल्याण समिति की ओर से मांग की गई है कि सहायक शिक्षक भर्ती के ऑनलाइन आवेदन फार्म में पीवीटीजी अभ्यर्थियों के लिए पूर्व की भांति अलग विकल्प पुन: जोड़ा जाए। कुल पदों में से 20 प्रतिशत पद विशेष पिछड़ी जनजाति अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित किए जाएं। अभ्यर्थियों को टेट, डी.एड, बी.एड की योग्यता में छूट प्रदान करके नियुक्ति दिनांक से 5 वर्ष के अंदर योग्यता पूर्ण करने की सुविधा दी जाए। लगभग 3 वर्ष पूर्व भर्ती किए गए 400-500 पीवीटीजी सहायक शिक्षकों के लिए शासन स्तर पर विभागीय डी.एल.एड की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जो पीवीटीजी अभ्यर्थी डी.एल.एड कर लिए हैं, लेकिन कक्षा 12वीं में 45 प्रतिशत अंक नहीं होने से अप्रशिक्षित माने जा रहे हैं, उन्हें प्रशिक्षित श्रेणी में मान्यता प्रदान की जाए।

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