अस्पताल ले जाने पर चिकित्सक ने जांच के बाद दी मौत की खबर

अंबिकापुर। कोतवाली थाना अंतर्गत एक किशोरी की संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गई। काम करके घर लौटा पिता जब दरवाजे को हिला-डुलाकर अंदर गया तो बिस्तर में उनकी पुत्री बेसुध पड़ी थी। अस्पताल में जांच के बाद चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, मूलत: बालोद जिला के डोली थाना अंतर्गत ग्राम कोटेया निवासी दयाशंकर लारिया वर्तमान में अंबिकापुर के बेचन कॉलोनी सत्तीपारा में किराए के मकान में रहकर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में हैंडपम्प टेक्निशियन के पद पर सेवा दे रहे हैं। पत्नि की मृत्यु के बाद वे अपनी 13 वर्षीय पुत्री छाया लारिया के साथ रहते थे, जो होलीक्रॉस स्कूल में कक्षा छठवीं में पढ़ाई करती थी। 29 जुलाई को दयाशंकर सुबह करीब 11 बजे अपने कार्यस्थल गए थे, उनकी पुत्री छाया अकेले घर में थी। डेढ़ घंटे बाद 12.30 बजे वापस घर लौटे तो दरवाजा अंदर से बंद था। काफी आवाज लगाने और दरवाजा खटखटाने के बाद भी अंदर से किसी प्रकार की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। बलपूर्वक दरवाजे को हिलाने पर अंदर से सिटकिनी खुल गया। जब वे अंदर गए तो बिस्तर में बेहोशी की हालत में उनकी बेटी पड़ी थी। इसकी जानकारी आसपास के लोगों को दी। आननफानन में किशोरी को लेकर मेडिकल कॉलेज संबद्ध जिला अस्पताल पहुंचे, यहां आपातकालीन चिकित्सा परिसर में जांच के बाद चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मृतिका के शव को पोस्टमार्टम के बाद पिता के सुपुर्द कर दिया है।
गले में निशान मिलने से बनी संदेह की स्थिति
मृतिका छाया लारिया के गले में फांसी के जैसा निशान होने से संदेह की स्थिति बन रही है। इधर फांसी लगाने के बाद किशोरी बिस्तर में लेट गई हो, ऐसा असंभव प्रतीत हो रहा है। अंदर से दरवाजा में सिटकिनी लगे रहने के कारण किसी अन्य के द्वारा घटना को अंजाम दिया गया हो, इसकी भी संभावना को बल नहीं मिल रहा है। पत्नि की मौत और एक बेटी के बिना बताए कहीं जाने के बाद, नजरों से कमजोर दयाशंकर को जब बेटी के मौत की जानकारी चिकित्सक से मिली, तो वे बेसुध हो गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मृत्यु का वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएगा।  

Spread the love