एसपी ने आवेदन को संज्ञान में लिया, एसडीओपी रामानुजगंज ने की जांच
बलरामपुर। जिले के तहसील रामचंद्रपुर अंतर्गत ग्राम रेवतीपुर में 80 वर्षीय बुजुर्ग के भूमि खसरा नंबर 49/2 रकबा 1.48 हे. का फर्जी दस्तावेज बनाकर नाम दर्ज कराने और बैंक से ऋण लेने का मामला सामने आया है। मामले में पुलिस अधीक्षक के आदेश पर जांच के बाद थाना रामचंद्रपुर में आरोपी संत कुमार ठाकुर के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक, अलाउदीन अंसारी पिता स्व. अरजली मियां निवासी रेवतीपुर ने वर्ष 2013 में आर्थिक तंगी के कारण अपनी स्वामित्व की भूमि खसरा नंबर 130 रकबा 0.19 हे. को संत कुमार ठाकुर निवासी रेवतीपुर को वैध रूप से रजिस्ट्री के माध्यम से बेच दिया था। रजिस्ट्री 19.02.2013 को उप-पंजीयक कार्यालय रामानुजगंज में दो गवाहों के समक्ष निष्पादित की गई थी और उसी वर्ष क्रेता के नाम नामांतरण भी हो गया था। वृद्ध के पुत्र एवं विधिक वारिस मो. खलील अंसारी ने शिकायत में बताया है कि, वर्ष 2016-17 में शासन स्तर पर राजस्व अभिलेखों को ऑनलाइन करने के दौरान त्रुटिवश खसरा नंबर 130 के साथ खसरा नंबर 49/2 रकबा 1.48 हे. को भी एक ही खाते में वास्तविक भूमि स्वामी और अनावेदक के के नाम दर्ज कर दिया गया। इसके बाद वर्ष 2018-19 में दोनों खसरा को एक ही खाते में रखते हुए सिर्फ संत कुमार ठाकुर का नाम दर्ज कर दिया गया। इस त्रुटि के सुधार के लिए पहले तहसीलदार द्वारा आदेश भी पारित किया गया था, लेकिन भूमि पर ऋण होने के कारण सुधार नहीं हुआ। वृद्ध के द्वारा पुन: आवेदन देने पर अनावेदक संत कुमार से जवाब मांगा गया। इसी दौरान उसने खसरा नंबर 130 की वैध रजिस्ट्री के आधार पर खसरा नंबर 49/2 भूमि का कूटरचित विक्रय, रजिस्ट्री की नकल तैयार कर 24.10.2025 को तहसील कार्यालय रामचंद्रपुर में पेश कर दिया। इस दस्तावेज को वैध मानते हुए वृद्ध के शिकायत पत्र नस्तीबद्ध कर दिया गया। शिकायत पर पुलिस अधीक्षक बलरामपुर के आदेश दिनांक 19.12.2025 के माध्यम से अनुविभागीय अधिकारी पुलिस रामानुजगंज को मामले की जांच करने के निर्देश दिए गए थे। अनुविभागीय अधिकारी की जांच में अभियोजन साक्षियों के कथन व तहसील कार्यालय से प्राप्त दस्तावेजों के अवलोकन से स्पष्ट हुआ कि उभय पक्ष ने अवैध लाभ लेने के उद्देश्य से कूटरचित दस्तावेज को असली के रूप में उपयोग किया है। बीते 02 जुलाई को मिले जांच प्रतिवेदन के बाद थाना रामचंद्रपुर में 28 जुलाई को पुलिस अधीक्षक बलरामपुर के निर्देश पर संत कुमार ठाकुर के विरूद्ध बीएनएस की धारा 318(4), 336(3), 338, 340(2), 61(2) का मामला दर्ज करके अग्रिम वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
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पटवारी ने बैंक ऋण बताकर नाम नहीं किया विलोपित
तहसीलदार न्यायालय रामचंद्रपुर ने राजस्व प्रकरण 2020-21 में सुनवाई के बाद 21.03.2022 को आदेश पारित कर खसरा 49/2 से अनावेदक संत कुमार ठाकुर का नाम विलोपित करके अलाउदीन अंसारी का नाम दर्ज करने का आदेश दिया था, लेकिन हल्का पटवारी ने यह कहकर नाम दर्ज नहीं किया कि भूमि पर बैंक ऋण है। इधर तहसीलदार द्वारा तीन बार कारण बताओ नोटिस जारी करने के बाद भी अनावेदक संत कुमार की ओर से किसी प्रकार का जवाब नहीं दिया गया। अनावेदक के नाम को तहसीलदार के आदेश के बाद भी विलोपित नहीं करने से मामला पुलिस तक पहुंचा, और न्याय की उम्मीद बढ़ी है।

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