लंबी दूर तय करने के बाद हरकत में आए अधिकारी, कार्रवाई का भरोसा मिला    

अंबिकापुर। सरगुजा जिले के मिशन स्कूल राई रघुनाथपुर की हाई स्कूली छात्राओं ने बुधवार को हॉस्टल अधीक्षिका पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया। छात्राएं अधीक्षिका को हटाने की मांग को लेकर रघुनाथपुर से अंबिकापुर, कलेक्टर से मिलने 15 किलोमीटर पैदल मार्च करते आ रही थीं। लुचकी घाट में पेट्रोल पम्प के पास कुछ लोगों की इन पर नजर पड़ी और मामला शिक्षा अधिकारियों के संज्ञान में लाया। इधर छात्राओं के एकजुट होकर कलेक्टर से मिलने के लिए निकलने की खबर से हड़कंप की स्थिति बन गई, और भागते अधिकारी छात्राओं के पास पहुंचे। छात्राएं हॉस्टल पहुंचने के बाद अधिकारियों को अपनी व्यथा बताते रो पड़ीं।
छात्राओं ने जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार झा को बताया कि, हॉस्टल अधीक्षिका उन्हें लगातार प्रताड़ित करती है। छात्रा आंचल बेक, आसीन बखला ने बेवाक कहा, सिस्टर हम लोगों को बहुत टॉर्चर करती है। प्रवेश द्वार में तैनात प्रहरी के द्वारा भी दुर्व्यवहार किया जाता है। अगर उनके माता-पिता मिलने के लिए या किसी काम से आते हैं तो उनके साथ भी रूखा व्यवहार किया जाता है। बीमार रहने की स्थिति में स्वजन से बात करने की सुविधा देने में आनाकानी की जाती है। स्वास्थ्य केंद्र की सुविधा होने के बाद भी उन्हें दवा उपलब्ध कराने में आनाकानी की जाती है। हर बात में मम्मी-पापा को बुलाएंगे, बताएंगे, कहकर धमकाया जाता है। लड़की जात हो तुम लोग, जैसा संबोधन किया जाता है। इन्होंने सवाल उठाया कि लड़की जात होना गलत है क्या? छात्रा का भी यह भी आरोप था कि बिना किसी गलती के अभिभावकों को बुलाकर हॉस्टल से निकालने की धमकी देती हैं। बेस्वाद खाना और खाने में कीड़ा निकलने का भी आरोप इन्होंने लगाया है।
मिशन स्कूल के हॉस्टल में रहकर अध्ययन करने वाली छात्राओं के पैदल मार्च करते अंबिकापुर रवाना होने की सूचना मिलने पर शिक्षा विभाग के अधिकारी हरकत में आए और विकासखंड शिक्षा अधिकारी लुण्ड्रा को मौके पर भेजा, लेकिन छात्राएं इनसे हुई बात के बाद संतुष्ट नहीं हुईं। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश झा स्वयं मौके पर पहुंचे। इनकी समझाइश के बाद छात्राओं को वापस बस में बैठाकर स्कूल लाया गया। जिला शिक्षा अधिकारी ने इनसे बातचीत के बाद हॉस्टल में उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण भी किया, और इनके द्वारा लाए गए आरोपों के परिपे्रक्ष्य में हॉस्टल प्रबंधन से चर्चा की। छात्राएं हॉस्टल अधीक्षिका और गेट प्रहरी को हटाने की मांग पर अड़ी थीं, जिस पर उन्होंने जांच कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
शिकायत की करेंगे जांच
जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार झा ने कहा, रघुनाथपुर स्थित निजी स्कूल के छात्रावास में कुछ बच्चियां रहती हैं। इनसे बातचीत के बाद छोटी-मोटी समस्याएं सामने आई हैं। इनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। छात्राओं की मुख्य मांग हॉस्टल वार्डन को बदलने की है, आवश्यकता होगी तो इसकी पहल की जाएगी। बिना वजह टॉर्चर करने, खाना में कीड़ा निकलने, अभिभावकों को सम्मान नहीं देने जैसे मसले की जांच की जाएगी।

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