कहा-निरीक्षण के लिए टीम आ रही है, अभी व्यवस्था नहीं हुई तो कार्रवाई तय, 03 गिरफ्तार

अंबिकापुर। खुद को एंटी करप्शन ब्यूरो का अधिकारी बताकर जिला आबकारी अधिकारी से फोन पर धमकी देकर 6 बोतल शराब और एक लाख रुपये नकद मांगने के मामले में गांधीनगर थाना पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना के आधार पर 24 घंटे के भीतर यह कार्रवाई की है, सभी को गिरफ्तार करके न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।
जानकारी के मुताबिक, सोमवार को सुबह करीब 10 बजे जिला आबकारी अधिकारी लक्ष्मीकांत गायकवाड़ के मोबाइल फोन पर अज्ञात नंबर से कॉल आया। सामने वाले व्यक्ति ने रौबदार आवाज में खुद को एसीबी का अधिकारी बताया और कहा कि, ऊपर से टीम निरीक्षण के लिए आ रही है। रेस्ट हाउस में उनके ठहरने और भोजन की व्यवस्था करनी है। इसके लिए तुरंत 6 बोतल विदेशी शराब और एक लाख रुपये नकद भिजवाएं। आरोपी ने आबकारी अधिकारी को धमकाते हुए कहा कि अगर अभी व्यवस्था नहीं हुई तो कार्रवाई तय है।
जिला आबकारी अधिकारी लक्ष्मीकांत गायकवाड़ को कॉल करने वाले के बात करने के लहजे से संदेह हुआ। उन्होंने तुरंत किसी को शराब या पैसे नहीं दिए और इसकी सूचना थाना गांधीनगर पुलिस को लिखित में दी। मामला डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल के संज्ञान में आया और उन्होंने थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी को तत्काल टीम के साथ संबंधितों की पतासाजी करने के निर्देश दिए।
पूछताछ में टूटा सौरभ, हुआ साजिश का खुलासा
थाना प्रभारी ने एएसआई अभिषेक दुबे और आरक्षक विकास सिंह, अमृत सिंह, घनश्याम देवांगन के साथ टीम बनाकर पड़ताल शुरू की और कॉल डिटेल के साथ तकनीकी माध्यम से फोन करने वालों का लोकेशन खंगालना शुरू किया। इसके बाद मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने सबसे पहले सौरभ प्रजापति 24 वर्ष निवासी ग्राम ठाकुरपुर अरगोती, पुलिस चौकी कुन्नी को हिरासत में लिया। सख्ती से पूछताछ में सौरभ टूट गया और उसने रची गई पूरी साजिश का पर्दाफास किया।
पुराने विवाद को भंजाने बन गये एसीबी अफसर
सौरभ ने बताया कि वह अपने दो साथियों राजेश गोस्वामी 43 वर्ष और रंजीत गुप्ता 40 वर्ष के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से प्लान बनाया था। तीनों सुभाष नगर स्थित शराब भ_ी पहुंचे थे। यहां पुराने लेन-देन को लेकर विवाद था जिसका भुगतान करने में आनाकानी कर रहे थे। इसके बाद उन्होंने सरकारी अफसर बनकर धौंस जमाने और शराब, पैसे ऐंठने की योजना को मूर्तरूप देने मोबाइल फोन से आबकारी अधिकारी को कॉल करके खुद को एसीबी का अधिकारी बताया, और 6 बोतल शराब और रुपये की मांग की। पुलिस ने सौरभ की निशानदेही पर राजेश और रंजीत गुप्ता को भी अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया।
वरिष्ठ अधिकारी को भयभीत करना गंभीर अपराध
गांधीनगर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी ने कहा कि आरोपियों ने शासकीय संस्था एसीबी के नाम का दुरुपयोग करके एक वरिष्ठ अधिकारी को डराने का प्रयास किया, जो बेहद ही गंभीर अपराध है। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 308(2), 318(4), 319(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और विवेचना जारी है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है, कोई भी व्यक्ति यदि इस तरह फोन करके सरकारी अधिकारी बनकर पैसे या सामान की मांग करे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। बिना सोचे-समझे किसी को भी कोई भुगतान न करें।
पुलिस ने इन्हें किया गिरफ्तार
सौरभ प्रजापति पिता तारकेश्वर प्रजापति 24 वर्ष, निवासी ग्राम अरगोती, चौकी कुन्नी, थाना लखनपुर, हाल-मुकाम ग्राम ठाकुरपुर, राजेश पुरी गोस्वामी पिता स्व. बद्रीपुरी गोस्वामी 43 वर्ष, निवासी नरियरा, थाना मुलमुला, जिला जांजगीर-चांपा, हाल मुकाम सूर्या विहार कॉलोनी, सांई कॉलोनी के बगल में, रंजीत गुप्ता, 40 वर्ष, पिता केदार प्रसाद गुप्ता, निवासी बड़नीझरिया। सभी का अंबिकापुर के थाना गांधीनगर अंतर्गत अलग-अलग ठिकाना है।

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