राजपुर। दहेज की मांग और तीन बार तलाक बोलकर घर से निकाल देने का मामला सामने आया है। पीड़िता अपसरी 27 वर्ष निवासी ग्राम मलगा, थाना भटगांव जिला सूरजपुर ने पुलिस अधीक्षक सूरजपुर को शिकायत पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी। जांच के बाद मामला राजपुर थाना पुलिस को अग्रिम कार्रवाई के लिए सुपुर्द किया गया है।
पीड़िता अपसरी पति इस्तेयाक अंसारी 27 वर्ष ने रिपोर्ट दर्ज कराया है कि, बताया कि उसका निकाह 16 मार्च 2017 को ग्राम आरा निवासी इस्तेयाक अंसारी पिता नेशार अहमद के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज से हुआ था। दोनों के वैवाहिक जीवन के बीच 7 वर्ष और 5 वर्ष के दो बच्चे हैं। शादी के बाद वह ससुराल में अपने पति, सास, ससुर और जेठ के साथ रहने लगी। आरोप है कि शादी के एक साल बाद से ही ससुराल वाले दहेज में कम सामान लाने का ताना देने लगे। पति और ससुराल पक्ष द्वारा लगातार मायके से पैसा मंगवाने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। मना करने पर गाली-गलौज और मारपीट करते थे। कई बार मायके और रिश्तेदारों ने समझाइश दी, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। आरोप है कि, जब वह तीसरी बार गर्भवती हुई तो ससुराल वालों ने उस पर गर्भ गिराने का दबाव बनाया। इंकार करने पर 07.02.2026 को उसके साथ मारपीट की गई। उसी दिन पति इस्तेयाक ने घर के सभी सदस्यों के सामने एक साथ ‘तलाक, तलाक, तलाकÓ कहकर अपसरी को दोनों बच्चों सहित घर से बाहर निकाल दिया, और घर में ताला लगा दिया। सास, ससुर और जेठ ने भी इसका समर्थन करते हुए उसके साथ अभद्र व्यवहार किया। घटना के बाद वह अपने दोनों बच्चों के साथ ग्राम आरा में रहने वाले मामा समीमउद्दीन अंसारी के घर गई। मामा ने ससुराल जाकर बात करने की कोशिश की, लेकिन इन्होंने तलाक हो चुका है, अब नहीं रखेंगे, कहते हुए कुछ भी बात करने से इन्कार कर दिया। सूचना मिलने पर पीड़िता को माता-पिता और भाई अपने साथ ग्राम मलगा ले गए। इस घटना के बाद से आज तक ससुराल पक्ष ने न उसका और न बच्चों का हालचाल पूछा।पीड़िता की शिकायत और परिवार परामर्श केंद्र सूरजपुर की काउंसलिंग रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम 2019 की धारा 4 और बीएनएस की धारा 85 के तहत थाना राजपुर में पति इस्तेयाक अंसारी, ससुर नेशार अहमद, सास जैतुन निशा और जेठ असफाक अहमद के विरूद्ध अपराध दर्ज किया है।

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