सोमवार को आक्रोश न्याय यात्रा निकालकर आईजी के पास पहुंचेंगे कांग्रेसी

अंबिकापुर। सरगुजा जिला कांग्रेस कमेटी ने गुरूवार को जिला कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में प्रेसवार्ता करके सत्तादल और उनके समर्थकों से जुड़े 3 बड़े मामलों में पुलिस की निष्क्रियता का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने 6 जुलाई, सोमवार को आक्रोश न्याय यात्रा निकालकर आईजी सरगुजा रेंज को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक व नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने वायरल हुए एक टेलिफोनिक ऑडियो का जिक्र करते हुये कहा कि इस ऑडियो में कलाकेन्द्र मैदान के आबंटन के नाम पर लाखों रुपये के लेनदेन की बात हो रही है। ऑडियो में भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया और महापौर मंजूषा भगत का आवाज सार्वजनिक सुनने को मिला है। 22 जून को महापौर ने इसे एआई जनरेटेड बताकर आजाक थाने में शिकायत दी थी, लेकिन आज तक न अपराध दर्ज हुआ, न प्रभावी विवेचना हुई। कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने आजाक थाने के अधिकारी से मुलाकात करके महापौर के आवेदन पर हुई कार्रवाई की जानकारी ली, तो उन्होंने कहा कि, यह उनके अधिकार और कार्यक्षेत्र के बाहर का मामला है। कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने 22 जून को ही जिला कलेक्टर से मुलाकात करके एसआईटी का गठन करके जांच के लिये ज्ञापन दिया था। 28 जून को सरगुजा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से भी 3 दिन में एसआईटी गठन करने की मांग की गई थी, लेकिन आवेदन पर एक इंच भी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी है।
कलेक्टर-एसपी का दरवाजा खटखटाना व्यर्थ गया
नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने शहर के प्रथम नागरिक के आवेदन पर कार्रवाई नहीं होने को सवालों के घेरे में लेते हुये कहा कि, टेलीफोन वार्ता के वायरल ऑडियो के मामले में हमने कलेक्टर, आजाक थाना और एसएसपी का दरवाजा खटखटाया है और एसआईटी की मांग की, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। ठीक ऐसी ही शिथिलता भि_ीकला जमीन घपले और सीतापुर विधायक के द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों के आपसी मारपीट में दिखी है। इन मामलों पर उचित कार्रवाई की मांग को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी सोमवार, 6 जुलाई को न्याय की मांग को लेकर आईजी कार्यालय तक आक्रोश न्याय यात्रा निकलेगी और इन मामलों में एसआईटी गठन की मांग को लेकर आवेदन पत्र देंगे। इस दौरान पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राकेश गुप्ता, हेमंत सिन्हा, अनूप मेहता, राकेश सिंह सहित अन्य उपस्थित थे।
विधायक की गिरफ्तारी नहीं होना समझ से परे
शफी अहमद ने कहा कि, 27 मई को सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो पर नायब तहसीलदार तुषार मानिक से मारपीट का आरोप लगा। एसडीएम मौके पर मौजूद थे। मामले में सीतापुर थाने में मामला दर्ज किया गया। राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल के बाद मामला शांत हुआ था। कांग्रेस का आरोप है कि बीएनएस की धाराएं लगने के बाद भी आज तक विधायक की गिरफ्तारी नहीं हुई, और वे कई कार्यक्रमों में सार्वजनिक रूप से दिखाई दे रहे हैं। कांग्रेस ने 3 जून को राज्यपाल के नाम ज्ञापन देकर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन की मांग भी की थी, लेकिन सत्तादल और उनके प्रभावशाली अनुयायियों की संलिप्तता वाले मामलों में पुलिस का टाल-मटोल भरा रवैया सामने आ रहा है।
जमीन हड़पने के मामले में एफआईआर नहीं
शफी अहमद ने अंबिकापुर से लगे ग्राम भि_ीकला में एक विधवा की 3.14 एकड़ जमीन में से 24 डिसमिल का सौदा करके पूरी जमीन हड़पने के मामले को आड़े लेते हुये कहा कि, कलेक्टर ने तहसीलदार को दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे, पर आज तक मामले में अपराध दर्ज नहीं हुआ। आरोप है कि, क्रेता एक प्रभावशाली मंत्री के करीबी और सत्तादल के समर्थक हैं। एआईसीसी के सदस्य आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने पीड़ित महिला से मुलाकात की थी। 28 जून को एसएसपी से मिलने पर पता चला कि तहसीलदार ने अभी तक एफआइआर की पहल नहीं की है।
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यह आम जनमानस का मुद्दा है कि, नगर निगम में किस प्रकार भ्रष्टाचार हो रहा है। यह भी मुद्दा है कि महापौर के आवेदन पर कार्रवाई के बजाय पुलिस कर्तव्य विमुख बनी हुई है। ठीक इसी प्रकार से सीतापुर विधायक और नायब तहसीलदार की मारपीट के मामले और भि_ीकला जमीन घोटाले में लीपापोती हो रही है। इन सभी मामलों में या तो सत्ताधारी दल के प्रमुख चेहरे या उनके बड़े समर्थक संलिप्त हैं।
बालकृष्ण पाठक
अध्यक्ष, सरगुजा जिला कांग्रेस कमेटी

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