मानसून पूर्व नालियों की सफाई और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत सवालों के घेरे में

अंबिकापुर। गुरुवार को हुई मूसलाधार बारिश के चलते शहर के कई प्रमुख मार्ग जलमग्न हो गए, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इससे नगर निगम के द्वारा जल निकासी के लिये की गई तैयारियों और व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। बनारस रोड, सत्तीपारा रोड, चौपाटी समेत कई इलाकों में सड़कें तालाब में तब्दील नजर आईं और आवागमन प्रभावित होने की स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर नालियों की सफाई नहीं होने के कारण वर्षा का पानी सड़कों पर भर गया। कई स्थानों पर जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से घंटों पानी जमा रह गया। लोगों का आरोप है कि मानसून पूर्व नगर निगम द्वारा नालों की सफाई और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का कार्य प्रभावी ढंग से नहीं कराया गया, जिसका खामियाजा जुलाई माह के शुरूआत में हुई तेज बारिश के बीच शहरवासियों को भुगतना पड़ा।  
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अंबिकापुर में ऑरेंज अलर्ट के बीच 29.6 मिमी वर्षा
मौसम वैज्ञानिक एसके मंडल ने बताया कि जून मानसून सक्रिय नहीं रहा। मानसून समय पर आया, पर कमजोर होने के कारण बारिश नहीं हुई। जून महीने में मात्र 109 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि जून महीने का औसत बारिश लगभग 200 मिमी है। यानी जून महीने में औसत से 50 प्रतिशत बारिश हुई है। मौसम वैज्ञानिक का मानना है कि जुलाई का महीना शुरू होते ही मानसून सक्रिय दिखाई दे रहा है। गुरुवार को उत्तरी छत्तीसगढ़ में ऑरेंज अलर्ट के बीच अंबिकापुर में 29.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है। आने वाले दिनों में उत्तरी छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना है।
मानसून कुछ कमजोर रहने की संभावना
मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि, पूर्व में जारी मौसम पूर्वानुमानों के अनुसार इस वर्ष मानसून सामान्य की तुलना में कुछ कमजोर रहने की संभावना है। उन्होंने कहा कि मानसून की सक्रियता में समय-समय पर कमी देखी जा सकती है, जिससे कुछ क्षेत्रों में औसत से कम वर्षा होने की संभावना बनी हुई है। हालांकि, मौसम की स्थिति में लगातार बदलाव होते रहता है, इसलिए आगामी दिनों में बनने वाली मौसमी प्रणालियों के आधार पर वर्षा की स्थिति में परिवर्तन भी संभव है।
औसत से करीब 50 प्रतिशत कम बारिश दर्ज
सरगुजा संभाग में जून महीने में मानसून सक्रिय नहीं होने से औसत से करीब 50 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। जुलाई माह में मानसून की गति थोड़ा बढ़ी है। पिछले दो दिनों से रूक-रूक बारिश हो रही है। सरगुजा संभाग के विभिन्न क्षेत्रों में धान बोआई का कार्य भी शुरू हो चुका है। मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष मानसून की स्थिति बेहतर नहीं बताई जा रही है, इससे किसानों की चिंतित हैं। इधर किसान खरिफ फसल की तैयारी में जुट गए हैं।
शहर में बनी जल जमाओ की स्थिति

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