चार घंटे झाड़फूंक कराने के बाद पहुंचे थे अस्पताल
अंबिकापुर। गर्मी चरम पर है, उमस भरी रातों में जहां लोगों की नींद उड़ गई है, वहीं बीते एक सप्ताह में जिले में सर्पदंश के आधा दर्जन से अधिक मौत के मामले सामने आ चुके हैं। एक हृदयविदारक घटना बलरामपुर जिला से सामने आया है, यहां करैत के दंश से पिता और उनकी 4 साल की बेटी की मौत हो गई। एक अन्य घटना में सरगुजा के मैनपाट की 13 साल की किशोरी दम तोड़ दी।
जानकारी के मुताबिक, बलरामपुर जिला के शंकरगढ़ थाना अंतर्गत ग्राम डम्भाटोली, अधारी निवासी शनिचरा पैकरा पिता स्व. सहला पैकरा 34 वर्ष, सोमवार की रात को अपनी पत्नि और दो बच्चों के साथ घर में जमीन पर बिस्तर लगाकर सोया था। रात करीब 12 बजे शनिचरा और उसकी 4 साल की बेटी महंती को करैत डस लिया। इस बीच च्ची जोर-जोर से रोने लगी तो सो रहे परिवार के सदस्यों की नींद खुली। शनिचरा ने अपनी पत्नि को कुछ काट लेने की बात कही, और बिस्तर में सो रहे एक अन्य बच्चे को हटाकर बिस्तर को देखे तो करैत सांप था। दोनों पिता-पुत्री का झाड़फूंक गांव में अलसुबह करीब 4 बजे तक चला, और स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ। तबियत बिगड़ते देख डॉयल 112 से स्वजन दोनों को शंकरगढ़ स्वास्थ्य केन्द्र लेकर पहुंचे, यहां मासूम बच्ची महंती की मौत हो गई। बच्ची के पिता शनिचरा को प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सक ने रेफर कर दिया था। मेडिकल कॉलेज संबद्ध जिला अस्पताल अंबिकापुर में इलाज के दौरान मंगलवार की सुबह उसकी भी मौत हो गई। बच्ची के शव का पोस्टमार्टम शंकरगढ़ थाना पुलिस ने कराया है, वहीं अंबिकापुर पुलिस ने पिता के शव को पोस्टमार्टम के बाद स्वजन के सुपुर्द कर दिया है। पिता-पुत्री की मौत से स्वजन और गांव में शोक का माहौल है।  
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किशोरी को सिर और हाथ में डसा करैत, मौत
एक अन्य घटना में सरगुजा जिले के कमलेश्वरपुर, मैनपाट थाना अंतर्गत ग्राम परपटिया निवासी राजेन्द्र एक्का की 13 साल की बेटी को करैत सांप डस लिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक, मृतिका आसमनि एक्का लखनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सकरिया, बेदोकोटा में रहने वाले अपने मामा रंजीत किण्डो के यहां रहकर पढ़ती थी। सोमवार की रात को आसमनि अपनी ममेरी बहन स्मृति किण्डो के साथ जमीन में चटाई बिछाकर सो रही थी। रात करीब 9.30 बजे दोनों बहन सोये थे, इसी दौरान आसमनि को सिर में कुछ चुभने का एहसास हुआ और वह बायें हाथ को सिर पर फेरी, इस दौरान हाथ में भी करैत सांप डस लिया। बच्ची के चिल्लाने की आवाज सुनकर खाना खाने के बाद आपस में बात कर रहे मामा-मामी पहुंचे तो करैत सांप था। सांप को अधमरा करके वे आसमनि एक्का को कुन्नी अस्पताल ले गये। यहां से रिफर करने पर मेडिकल कॉलेज संबद्ध जिला अस्पताल में भर्ती कराये थे, यहां देर रात 2.30 बजे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मृतिका के शव को पोस्टमार्टम के बाद स्वजन के सुपुर्द कर दिया है।
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बारिश के मौसम में सावधानी जरूरी  
बढ़ते सर्पदंश के मामलों को लेकर चिकित्सकों का कहना है कि, गर्मी और उमस में सांप बिल से निकलकर ठंडी और अंधेरी जगह तलाशते हैं, ऐसे में पहले तो जमीन पर बिस्तर लगाकर सोने से बचना चाहिये। बिस्तर, कपड़ों का ढेर, जूते-चप्पल उपयोग में लाने से पहले अच्छी तरह झाड़ लें। सोते समय मच्छरदानी का निचला हिस्सा गद्दे के नीचे दबा दें, ताकि सांप अंदर न घुस सके। घर के चारों तरफ घास, कचरा, लकड़ी का ढेर न रहे। यहां सांप पनाह ले सकते हंै। अंधेरे में टॉर्च लेकर जाएं। सर्पदंश की स्थिति में मरीज को नजदीकी अस्पताल ले जाएं। झाड़-फूंक, कराने में समय न गवायें।

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