अंबिकापुर। जनजाति सुरक्षा मंच सरगुजा के तत्वावधान में ‘चलो दिल्लीÓ डीलिस्टिंग जनजाति गर्जना महारैली को सफल बनाने हेतु जिले के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर बैठकें आयोजित की जा रही हैं, इसी क्रम में दरिमा क्षेत्र के ग्राम पंचायत सोनबरसा व अंबिकापुर खण्ड की बैठक कल्याण आश्रम, नमनाकला में हुई। इस दौरान वनवासी कल्याण आश्रम मध्य क्षेत्र के संगठन मंत्री सुभाष बडोले ने डीलिस्टिंग, पंजीयन एवं जनजाति हक-अधिकारों के विषय में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना अत्यंत आवश्यक है। अधिक से अधिक लोगों को पंजीयन कराकर ‘चलो दिल्लीÓ महारैली में शामिल होने के लिए प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने बताया कि धर्मांतरण के कारण जो लोग अपनी मूल परंपराओं से दूर हो चुके हैं, वे आरक्षण एवं विकास योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं, जबकि पारंपरिक जीवन जीने वाला वास्तविक आदिवासी समाज कई बार इससे वंचित रह जाता है। जनजाति सुरक्षा मंच के प्रांत सह संयोजक इंदर भगत ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा  ‘1956 से ही हिंदू, जैन और बौद्ध धर्म को छोड़कर अन्य धर्म अपनाने वालों को अनुसूचित जाति में आरक्षण का लाभ नहीं मिलता है, तो यही नियम अनुसूचित जनजाति वर्ग पर भी लागू होना चाहिए।Ó बैठकों में जिला संयोजक बिहारीलाल उरांव , अंबिकापुर खंड संयोजक देवनारायण भगत एवं बलराम भगत, मानसून भगत, उमेश किस्पोट्टा, अवधेश केरकेट्टा, बलजेंद्र एक्का, चंद्रमौली भगत, सुखदेव मिंज, शिवचरण गिरी, मनोज पासवान, राकेश कुशवाहा, मिथलेश श्रीवास्तव, उमेंद्र भगत, लक्ष्मी भगत, बलवंत आयाम सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता रही। सभी ने एक स्वर में  ‘चलो दिल्लीÓ महारैली को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया।

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