स्कार्पियो के साथ विधि से संघर्षरत बालक गिरफ्तार, फरार आरोपियों के तलाश में पुलिस

अंबिकापुर। गांजा तस्करी के मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने स्कार्पियो वाहन में सवार विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार किया है। इसके कब्जे से 14 किलोग्राम गांजा, मोबाइल फोन और स्कार्पियो वाहन पुलिस ने बरामद कर लिया है। जब्त किए गए गांजा की कीमत 02 लाख 80 हजार रुपये व स्कार्पियो वाहन की कीमत 10 लाख रुपये है। पूछताछ में बालक ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर गांजा लैलूंगा से खरीद कर बिक्री करने के लिए लाना बताया है। मामले में शामिल अन्य आरोपी मौका पाकर फरार हो गए, जिनकी तलाश जारी है।
डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश कुमार अग्रवाल के दिशा-निर्देशन में पुलिस टीम द्वारा अवैध मादक पदार्थ की खरीद-बिक्री एवं तस्करी में संलिप्त आरोपियों पर लगातार पैनी नजर रखी जा रही है। इसी क्रम में 14 मार्च को थाना कोतवाली पुलिस टीम को मुखबिर की सूचना मिली कि काले रंग के स्कार्पियो वाहन क्रमांक सीजी 30 एफ 8689 में तीन-चार संदिग्ध युवक अवैध मादक पदार्थ गांजा रखकर बिक्री करने के लिए बांस बाड़ी रोड अंबिकापुर में ग्राहक का इंतजार कर रहे हंै। सूचना पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संदेहियों तक पहुंच पाती, इसके पहले पुलिस को वाहन की ओर आते देखकर स्कार्पियो वाहन से चार लोग निकलकर दौड़ते बांस बाड़ी का घेरा फांदकर जंगल की ओर भाग गए। पुलिस टीम ने आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया लेकिन जंगल, झाड़ का फायदा उठाकर वे फरार होने में सफल हो गए। पुलिस को मौके पर खड़ी स्कार्पियो वाहन में एक विधि से संघर्षरत बालक मिला, जिसे भागने का मौका नहीं मिल पाया। स्कार्पियो वाहन की तलाशी लेने पर पीछे दोनों सीट के बीच में रखा हुआ एक प्लास्टिक बोरा मिला, जिसमें 14 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा था। विधि से संघर्षरत बालक से पूछताछ करने पर उसने अन्य साथियों के साथ मिलकर लैलूंगा से गांजा खरीदकर लाने एवं पुड़िया बनाकर ग्राहकों को बेचने की स्वीकारोक्ति की। विधि से संघर्षरत बालक के कब्जे से घटना में प्रयुक्त स्कार्पियो वाहन एवं मोबाइल बरामद किया गया है। मामले में थाना कोतवाली में धारा 20(बी) एन.डी.पी.एस. एक्ट का अपराध पंजीबद्ध किया गया है। प्रकरण में बालक को गिरफ्तार कर किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया। अन्य फरार आरोपियों के तलाश में पुलिस लगी है। कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक शशिकान्त सिन्हा, प्रधान आरक्षक छत्रपाल सिंह व सूरज राय, आरक्षक लालबाबू सिंह, अमरेश दास, जगेश्वर तिर्की, मंटू गुप्ता, शिव राजवाड़े सक्रिय रहे।

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