धार्मिक रीति-रिवाज के बीच संपन्न हुई रस्म, नवदंपति हुए एक-दूजे के

अंबिकापुर। समाज सेवा के क्षेत्र में लगातार सक्रिय अनोखी सोच सेवा संस्था ने एक बार फिर मानवता और सेवा भावना का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए एक निर्धन कन्या का विवाह पूरे धार्मिक रीति-रिवाज और सम्मान के साथ संपन्न कराया। संस्था इससे पूर्व भी कई जरूरतमंद परिवारों की बेटियों का विवाह कराकर समाज में सहयोग और संवेदनशीलता की मिसाल पेश कर चुकी है।
बता दें कि गुरूवार को बिहार के औरंगाबाद जिला निवासी आशा कुमारी पासी का विवाह सूरजपुर निवासी धीरज पासी के साथ संपन्न हुआ। दोनों पक्षों का परिवार आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर है। आशा कुमारी के परिवार की स्थिति ऐसी थी कि वे अपनी बेटी का विवाह कराने में पूरी तरह असमर्थ थे। उनके पिता का साया पहले ही सिर से उठ चुका था, जिस कारण परिवार की जिम्मेदारियां और भी बढ़ गई थीं। ऐसी कठिन परिस्थिति में परिवार ने समाजसेवी संस्था अनोखी सोच से संपर्क कर सहायता की गुहार लगाई। परिवार की स्थिति को देखते हुए संस्था के अध्यक्ष सूर्य प्रकाश साहू ने उन्हें आश्वस्त किया कि बेटी का विवाह पूरे सम्मान और धूमधाम के साथ कराया जाएगा, इसके लिए संस्था हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। इसके बाद संस्था के सदस्यों ने पहल करते हुए सांड़बार वन देवी मंदिर परिसर में विवाह की सभी तैयारियां की। आशा कुमारी का विवाह धीरज के साथ परिवारजनों और समाज के लोगों की उपस्थिति में पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। विवाह समारोह में वर-वधू के लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएं संस्था द्वारा की गई। विवाह समारोह के दौरान जलपान, प्रीतिभोज तथा अतिथियों के स्वागत की पूरी व्यवस्था भी संस्था द्वारा की गई। इसके अतिरिक्त नवविवाहित जोड़े को उनके नए जीवन की शुरुआत के लिए आवश्यक घरेलू उपयोग की सामग्री में बर्तन, कपड़े, अलमारी, कूलर इत्यादि जरूरी सामान भेंट स्वरूप प्रदान किए गए, ताकि उनकी गृहस्थी की शुरुआत सुचारू रूप से हो सके। अनोखी सोच संस्था की ओर से संस्था के संरक्षक राजेश मलिक, अध्यक्ष सूर्य प्रकाश साहू, कोषाध्यक्ष अभय साहू, सचिव पंकज चौधरी, दिनेश गर्ग, रॉकी शुक्ला, अजय ताम्रकार, मोती ताम्रकार, भोला कश्यप, चंद्र प्रताप सिंह, रूपेश बेहेरा, समित मुंडा, भोला रस्केल, सुनील, अनिल, चंदन, बनाफर, दिलीप श्रीवास्तव, सुभाष, संतोष, गोपी, सावन, बिट्टू, नीरज, पप्पू, बबलू, चंदन, गजानंद, विकास, सोनू, रोहित, विशाल, राजा बाबू, भक्कू, ननकू, अविनाश, निशांत, विजय, भावेश सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। इन्होंने नवविवाहित जोड़े को सुखद एवं समृद्ध दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं दी।
आशा कुमारी के परिजन हुए भावुक
इस अवसर पर आशा कुमारी के परिजन भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में अनोखी सोच सेवा संस्था उनके लिए किसी भाई और पिता की तरह सामने आई। संस्था के सहयोग से उनकी बेटी का विवाह सम्मानपूर्वक और धूमधाम से संपन्न हो सका, जिसके लिए वे संस्था और उसके सभी सदस्यों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हैं। इस अवसर पर शहर के मानिंद लोगों में नगर निगम के सभापति हरमिंदर सिंह टिन्नी, समाजसेवी वंदना दत्ता, नगर निगम की पार्षद किरण साहू, ममता तिवारी के साथ प्रियंका चौबे, नीलम राजवाड़े, रविंदर कौर, नवीन शर्मा ने भी वर-वधु को आशीर्वाद प्रदान किया।

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प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को आरएफएसएल की जानकारी देने हुई दो दिवसीय कार्यशाला  संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला कार्यालय के अधिकारियों ने दी विस्तृत जानकारीफोटो-2  छ.ग.फ्रंटलाइनअंबिकापुर। सरगुजा रेंज के विभिन्न जिलों में व्यवहारिक प्रशिक्षण करने हेतु आये सभी नव पदस्थ प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को नई तकनिकी फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेटिकल प्रशिक्षण (आरएफएसएल) की जानकारी हेतु रेंज स्तर पर कार्यशाला का आयोजन पुलिस को-ऑडिनेशन सेन्टर, सरगुजा भवन में पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा के निर्देशन में किया गया। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेक्टिकल प्रशिक्षण के अधिकारी आर.के. पैकरा एवं कुलदीप कुजूर के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। इस नई तकनीकी प्रयोगशाला प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसी भी गंभीर प्रकरण के विवेचना के शुरूआती दौर से ही संग्रहित किये जाने वाले साक्ष्यों को पूर्णत: पारदर्शिता के साथ सुरक्षित एकत्रित किया जाता है ताकि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय के समक्ष सुरक्षित पेश किया जा सके, जो कि अपराधिक कानूनों में फॉरेंसिक जांच की महत्ता दिया गया है।रेंज स्तर पर इस प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन दो बैच में कराया गया। प्रथम बैच 03 जुलाई को संपन्न हुआ, जिसमें जिला सूरजपुर, बलरामपुर एवं कोरिया के 38 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को प्रशिक्षण मिला। द्वितीय बैच में 07 जुलाई को सरगुजा, जशपुर एवं एमसीबी जिले के 40 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को इस प्रशिक्षण दिया गया। फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेटिकल प्रशिक्षण कार्यशाला में मुख्य रूप से संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला अंबिकापुर के अधिकारी आर. के पैकरा एवं कुलदीप कुजूर के द्वारा अपने अनुभवों को साझा करते हुये कई ऐसे पुराने प्रकरणों के बारे में बताया जो कि बहुत ही बारीकी से उन्होंने साल्व किया है। उन्होंने कहा कि आप सब जब भी मैदानी थाना, चौकी क्षेत्रों में कार्य करेंगे तो अलग-अलग तरह के अनसुलझे प्रकरण आयेंगे, जैसे में बर्निंग केश, डिकम्पोज बॉडी, इलेक्ट्रिक शॉक, हैंगिंग, ड्रावनिंग, हत्या, शव निरीक्षण, घटनास्थल का निरीक्षण जैसे प्रकरणों का शुरूआती दौर से ही एक-एक साक्ष्यों का तकनीकी उपकरणों के माध्यम से सावधानी पूर्वक साक्ष्य संग्रहित करने के तरीके एवं बारीकियों के बारे में अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी दी।बताया गया कि 1 जुलाई 2024 से लागू हुये नये अपराधिक कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम में फारेंसिक जांच की भूमिका को विशेष महत्व दिया गया है। इसमें विशेष रूप से 7 वर्ष या उससे अधिक सजा वाले अपराधों में फारेंसिक टीम के अधिकारियों के द्वारा जांच की अनिवार्यता है। इस हेतु रेंज के सभी जिलों में फारेंसिक वैज्ञानिक अधिकारी पदस्थ किये गये हंै, एवं आधुनिक मोबाइल फारेंसिक वैन प्रदाय किया है। प्रशिक्षण के अगली कड़ी में सभी प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला अंबिकापुर में ले जाकर बारीकी से एक-एक कर तकनीकि उपकरणों के बारे में जानकारी देकर घटना स्थल पर किस प्रकार प्रयोग/जांच किया जाना चाहिए, इन सारी तकनीकि उपकरणों के बारे में अवगत कराया गया। इसके उपरांत दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में हर बिन्दुओं पर बारी-बारी से सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से उपस्थित अधिकारियों के द्वारा फीडबैक लिया गया, इस दौरान प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से एक-एक करके पुन: तकनीकी उपकरणों एवं उसके उपयोग जैसे प्रश्नों के बाद त्रुटियों में सुधार किया गया।पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों एवं संयुक्त संचालक, क्षेत्रिय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला के अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्रिय एफएसएल से जांच में पारदर्शिता बढ़ेगी और बैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने में आसानी होगी जो कि न्यायिक प्रक्रिया में गति मिलेगी एवं लंबित मामलों के निपटारे में शीघ्रता आयेगी। प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा अमोलक सिंह ढिल्लो, सीएसपी अंबिकापुर राहुल बंसल, रक्षित निरीक्षक अंबिकापुर तृप्ति सिंह राजपुत, पुमनि. कार्यालय के रीडर रेशम लाल साहू, स्थापना प्रभारी सुनील वर्मा सहित रेंज में पदस्थ सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षक उपस्थित रहे।