प्रधानमंत्री आवास सहित कई विकास कार्यों पर पड़ रहा है प्रभाव

जरही। नगर पंचायत जरही में पदस्थ इंजीनियर तरंग मित्तल के क्षेत्र में निवास नहीं करने को लेकर स्थानीय नागरिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। आरोप है कि इंजीनियर मुख्यालय छोड़कर अंबिकापुर से कामकाज संचालित कर रहे हैं, और हफ्ते में एक-दो दिन ही जरही आते हैं, जिससे क्षेत्र का विकास कार्य प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारी को क्षेत्र की जमीनी जानकारी ही नहीं होगी, तो विकास कार्यों की गुणवत्ता और गति पर प्रश्न उठना स्वाभाविक है। शासन के नियमों के तहत अधिकारियों को मुख्यालय में निवास करना अनिवार्य है, बावजूद इसके नियमों की अनदेखी की जा रही है।
बताया जा रहा है कि नगर पंचायत परिसर में इंजीनियर के निवास हेतु मकान भी निर्मित है, फिर भी उसका उपयोग नहीं किया जा रहा है, इससे मुख्यालय में निवास नहीं करना सवालों के घेरे में है। नगर वासियों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में विकास कार्यों को गति मिले और आम जनता को बेहतर सुविधाएं मिले, इसके लिए मुख्यालय में नहीं रहने वालों पर आवश्यक कार्रवाई की जाए। इंजीनियर के द्वारा वर्क फ्राम होम करने से प्रधानमंत्री आवास योजना में कई हितग्राहियों को पैसा भी जारी नहीं हो पाया है, जबकि कई मकान पूर्ण होने की स्थिति में हैं, लोग पैसे के इंतजार में कार्य नहीं करा पा रहे हैं। कई लोग कर्ज लेकर अपना मकान बनवा रहे हैं। कई बार हितग्राहियों ने शासन द्वारा जारी राशि के लिए नगर पंचायत का चक्कर लगाया लेकिन उनके खाते में राशि नहीं पहुंची है। हितग्राहियों को कहा गया है कि आप काम चालू रखिए, खाते में पैसा चला जाएगा, लेकिन अभी तक कई हितग्राहियों के खाते में एक भी किस्त नहीं पहुंची है। इस विषय पर इंजीनियर तरंग मित्तल से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने अपने अधिकारी से बात करने के बाद ही कुछ भी कहने की बात कही, दोबारा कॉल रिसीव नहीं किया

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