अंबिकापुर। अन्तर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के अवसर पर आज समग्र शिक्षा प्रारंभिक एवं माध्यमिक, द्वारा जिला स्तरीय खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन मल्टीपरपज स्कूल में  किया गया। जिले के विभिन्न विकासखण्डों से आए दिव्यांगजन बच्चों ने उत्साहपूर्ण सहभागिता दर्ज कराई।
कार्यक्रम का शुभारंभ कलेक्टर विलास भोसकर व बच्चों द्वारा दीप प्रज्वलन करके किया गया। उन्होंने सभी ब्लॉकों से आए दिव्यांग बच्चों को शॉल ओढ़ाकर अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस की शुभकामनाएं दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कलेक्टर ने दृष्टिबाधित बालक-बालिकाओं के लिए 25 मीटर दौड़ का शुभारंभ कर इनका उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में दौड़, व्हील चेयर रेस, क्रिकेट, खो-खो, कबड्डी एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में दिव्यांग बच्चों ने अपने अप्रतिम कौशल और प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों की प्रतिभा को मंच प्रदान करना, उनके आत्मविश्वास को बढ़ाना और इनकी भावनाओं को सशक्त बनाना रहा। कार्यक्रम में जिला मिशन समन्वयक सर्वजीत कुमार पाठक, सहायक कार्यक्रम समन्वयक संजय सिंह, समावेशी शिक्षा प्रभारी दिनेश शर्मा, नरेंद्र पांडे सहित अधिकारी-कर्मचारी, समग्र शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, व्यायाम शिक्षक ए.डी. दिवान, राजेश प्रताप सिंह, शौभिक दासगुप्ता, रविशंकर भगत, पवनीत गील, आकाश गुप्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
दिव्यांग बच्चों को समान अवसर, अधिकार और सुरक्षा मिली जानकारी
फोटो-व्हाट्सअप गु्रप में दिया गया है
जिला कलेक्टर विलास भोसकर के निर्देशानुसार जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग जे.आर. प्रधान के मार्गदर्शन में महिला सशक्तिकरण केंद्र (हब) एवं समाज कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस और लिंग आधारित हिंसा समाप्ति हेतु जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन होली क्रॉस आशा निकुंज विशेष विद्यालय, अंबिकापुर में किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय में अध्ययनरत दिव्यांग बालिकाओं और बालकों को समाज में समान अवसर, अधिकार एवं भागीदारी सुनिश्चित करने संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। साथ ही 16 दिवसीय विशेष जागरूकता अभियान की सतत कड़ी के रूप में लिंग आधारित हिंसा तथा डिजिटल हिंसा से बचाव, सुरक्षा उपाय व उपलब्ध कानूनी प्रावधानों के बारे में जागरूक किया गया। कार्यक्रम में बाल अधिकार, लैंगिक समानता, संवेदनशीलता, साइबर सुरक्षा, आपातकालीन नंबर 181, 1098, 1930 सहित बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006, पॉक्सो एक्ट, सुकन्या समृद्धि योजना व अन्य विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई। बच्चों को आत्मविश्वास बढ़ाने और मानसिक रूप से सशक्त बनाने हेतु प्रेरणात्मक चर्चा भी की गई। इसके साथ ही बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने के उद्देश्य से बाल विवाह की हानियों और सामाजिक भेदभाव के सकारात्मक, नकारात्मक पक्षों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में मिशन शक्ति (हब) से जिला समन्वयक नूतन सिन्हा, वित्तीय विशेषज्ञ नेहा सिंह, आईसीपीएस से सुमंती खाखा, समाज कल्याण विभाग से विमलेश उईके, स्कूल प्राचार्य श्वेता तिर्की, विशेष शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर समाज कल्याण विभाग ने किया विशेष कार्यक्रम का आयोजन
महापौर ने कहा-दिव्यांग बच्चे अद्भुत प्रतिभा और कला के धनी, सहायक उपकरण वितरित
अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर समाज कल्याण विभाग द्वारा होली कॉस श्रवण बाधित विशेष विद्यालय अंबिकापुर में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महापौर मंजूषा भगत शामिल हुईं। कार्यक्रम में होली कॉस श्रवण बाधित विशेष विद्यालय अंबिकापुर, मानव जीवन ज्योति दृष्टिबाधित विद्यालय बतौली तथा शासकीय बौद्धिक मंदता विशेष विद्यालय अंबिकापुर के विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
समाज कल्याण विभाग के उप संचालक व्ही. के.उके ने दिव्यांगजनों के लिए संचालित विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं की जानकारी दी। वहीं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव लीनम बनसोडे ने दिव्यांगों के अधिकारों, सुरक्षा और संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। स्कूली विद्यार्थियों द्वारा खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, गायन और नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियां दी गईं, जिसने कार्यक्रम का वातावरण उत्साहपूर्ण बना दिया। महापौर मंजूषा भगत ने सभी बच्चों से आत्मीय मुलाकात करते हुए उनके स्वास्थ्य, पढ़ाई एवं प्रशिक्षण की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चे अद्भुत प्रतिभा और कला के धनी होते हैं। इन्हें समाज में अपनी योग्यता सिद्ध करने का पूर्ण अवसर मिलना चाहिए। ये किसी भी प्रकार से कम नहीं हैं। इस अवसर पर महापौर द्वारा दिव्यांग व्यक्तियों को 3 व्हीलचेयर, 1 ट्रायसाइकिल, 2 श्रवण यंत्र और बैशाखी प्रदान की। इस दौरान कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दिव्यांग विद्यार्थी, स्कूलों का टीचिंग स्टाफ एवं समाज कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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