आईजी ने दोषमुक्ति प्रकरणों की समीक्ष, 883 प्रकरणों का निकाल

अंबिकापुर। पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज ने शुक्रवार को जिला सुरजपुर में रेंज स्तरीय दोषमुक्ति प्रकरणों की समीक्षा बैठक आयोजित कर कुल 883 प्रकरणों विस्तृत अवलोकन किया। समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि जिस प्रकरण में अपराधी बार-बार अपराध कर रहे हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। यदि कोई अपराधी जमानत पर बाहर रहकर पुन: अपराध कर रहा है, तो उसकी जमानत निरस्त कराने के लिए तत्काल न्यायालय में पहल की जाए, साथ ही अपराधियों पर विशेष निगरानी रखी जाए। अधिकांश प्रकरणों में दोषमुक्त होने के बाद भी अपराधी द्वारा पुन: अपराध करते हैं और बार-बार अपराध करके समाज में भय का माहौल बना रहे हैं, इनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
आईजी ने एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों में संलिप्त आदतन अपराधियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने एवं अपराधियों की दोष सिद्धि प्रतिशत दर में वृद्धि हो सके और विवेचना की गुणवत्ता में सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से कमाए हुए धन की कुर्की नीलामी करने के उद्देश्य से फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने कहा। समीक्षा बैठक में आईजी ने गंभीर प्रकरणों में विवेचकों द्वारा विवेचना में किए जाने वाले त्रुटियों को दूर करने हेतु भौतिक साक्ष्यों को फोटोग्राफी, विडियोग्राफी कर साक्ष्यों को सावधानी से एकत्र करने एवं त्रुटियों में सुधार करने हेतु अभियोजन अधिकारियों के समक्ष विस्तृत चर्चा की। होस्टाईल हो रहे प्रार्थी एवं गवाहों को उनके द्वारा दिए गए अभिमत, कथन पर कायम रहने हेतु विवेचकों को प्रकरण के प्रार्थियों के साथ निरंतर सम्पर्क में रहने हेतु निर्देशित किया, जिससे प्रकरण के प्रार्थी एवं गवाह अपने कथन को न्यायालय में निर्भीक एवं स्वतंत्र रूप से दे सकंे। आरोपी न्यायालय से विचारणों उपरांत दोष सिद्ध हो सके एवं अपराधी को उसके द्वारा किए गए अपराधों के एकत्रित साक्ष्यों के आधार पर समुचित सजा मिल सके। एनडीपीएस एक्ट, आबकारी एक्ट एवं सड़क दुर्घटनाओं के प्रकरणों में हो रहे दोषमुक्ति के कारणों की समीक्षा कर विवेचना में लाएं। समीक्षा बैठक दौरान डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर प्रशांत कुमार ठाकुर, एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल, एसपी कोरिया रवि कुर्रे, एसपी एमसीबी रत्ना सिंह, एएसपी बलरामपुर विश्व दीपक त्रिपाठी, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी पत्थलगांव जशपुर डॉ. ध्रुवेश जायसवाल सहित रेंज के समस्त जिला अभियोजन अधिकारी उपस्थित रहे।
समयाविधि में पेश करें चालान
महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित अनाचार एवं पास्को एक्ट जैसे गंभीर प्रकरणों को लेकर आईजी दीपक कुमार झा ने कहा कि एफआईआर के पश्चात नवीन कानून के तहत समयावधि के भीतर अनिवार्य रूप से चालान पेश किया जाए। प्रार्थी, पीड़िता जिनका न्यायालय में 183 बीएनएसएस के अंर्तगत कथन लिया गया है, वो अगर न्यायालय में ट्रायल के दौरान होस्टाईल होते हैं तो उनके विरुद्ध धारा 307 बीएनएसएस के अंतर्गत कार्रवाई हेतु लोक अभियोजक के माध्यम से न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत क

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