विदेशी मुद्रा, ज्वेलरी का पार्सल आने के नाम पर मिली अनलीगल एक्शन की धमकी
अंबिकापुर। गिफ्ट में ज्वेलरी, फारेन करेंसी का पार्सल भेजने का झांसा देकर सीतापुर रेंज के वन विभाग में पदस्थ महिला वनरक्षक से 6 लाख 13 हजार रुपये की ठगी का मामला प्रकाश में आया है। पार्सल नहीं लेने पर उसे कानूनी कार्रवाई की धमकी दी गई थी, जिससे वह घबरा गई और प्रोसेंसिंग फीस, इन्कम टैक्स, विदेशी मुद्रा से इंडियन मुद्रा में कन्वर्ट करने के नाम पर मांगी जा रही फीस के नाम पर किस्त में यूपीआई और निफ्ट के माध्यम से उक्त रकम भेज दिया। इसके बाद न तो उसे पार्सल मिला और न ही भेजी गई धनराशि ही वापस मिली। रिपोर्ट पर पुलिस ने धारा 318(4) बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध करके विवेचना में लिया है।
जानकारी के मुताबिक ग्राम आमापारा सोनतराई की सुनयना सीतापुर रेंज में वनरक्षक के पद पर पदस्थ है। फेसबुक में डॉ. विलियम डेविड के आईडी से चैटिंग के दौरान उससे वॉट्सअप नंबर मांगा गया। इसके बाद उसके वाट्सअप नंबर में चैटिंग होने लगा था। कथित डॉ. विलियम डेविड के द्वारा वाट्सअप पर शॉपिंग किए गए गिफ्ट, फारेंन करेंसी, ज्वेलरी का फोटो, वीडियो भेजकर महिला वनरक्षक से कहा गया कि वह इस गिफ्ट को उसके लिए खरीदा है। वनरक्षक का पता हासिल करने के बाद कहा कि वह इसे उसके पते पर पार्सल करेगा, जिससे घबराई महिला वनरक्षक ने पार्सल भेजने से मना कर दिया। इसके बाद 30 अगस्त को सुबह लगभग 9.30 बजे महिला वनरक्षक के मोबाइल में एक नंबर से फोन आया, जिसमें मौजूद महिला ने मुंबई एयरपोर्ट से बोलने की बात कहते हुए बताया कि उनके नाम पर एक पार्सल तुर्की से डॉ. विलियम डेविड के द्वारा भेजा गया है, जिसको हमने स्कैन किया। इसमें विदेशी मुद्रा 50 हजार डॉलर मिला है, जिसको खोलने का प्रोसेसिंग फीस, अमेरिकी डॉलर को इंडियन पैसे में कन्वर्ट करने का चार्ज फीस, इन्कम टैक्स फीस वगैरह देना पड़ेगा। इसके बाद लगातार अलग-अलग फोन पे नम्बर एवं खाता नंबर देकर 30 अगस्त से 6 सितम्बर के बीच टुकड़ों में कुल 6 लाख 13 हजार रुपये यूपीआई एवं नेफ्ट के माध्यम से ले लिया गया। रुपये नहीं देने की स्थिति में महिला को कहा गया कि उनके विरूद्ध अनलीगल एक्शन हो सकता है। दबाव में घिरी महिला वनरक्षक से कथित रूप से एयरपोर्ट से बोल रही महिला के द्वारा और मोटी रकम की मांग की गई। इसके बाद उसे एहसास हुआ कि वह ठगी या धोखाधड़ी का शिकार हो रही है। इसके बाद वह रुपये देना बंद कर दी, और साइबर क्राइम ब्रांच दिल्ली के टोल फ्री नंबर 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कराई है। इधर सीतापुर थाना पुलिस ने भी मामले में केस दर्ज कर लिया है, और अग्रिम जांच, विवेचना कार्रवाई कर रही है।

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