राजमिस्त्री हत्याकांड के मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं, अनिश्चितकालीन आंदोलन स्थल पहुंचे टीएस और अमरजीत
अंबिकापुर। सरगुजा जिला के सीतापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बेलजोरा निवासी राजमिस्त्री संदीप लकड़ा की नृशंस हत्या व शव दफन करने वाले मुख्य आरोपी ठेकेदार अभिषेक पांडेय की अब तक गिरफ्तारी नहीं होने से आदिवासी समाज में आक्रोश है। सीतापुर रेस्ट हाउस के सामने इनका तीन दिन से अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी है। वहीं संदीप हत्याकांड के मुख्य आरोपी की जल्द गिरफ्तारी, परिजनों को 2 करोड़ रुपये मुआवजा सहित अन्य मांगों को लेकर पूर्व उपमुख्समंत्री टीएस सिंहदेव, पूर्व मंत्री अमरजीत भगत, जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश गुप्ता, शफी अहमद सहित अन्य सीतापुर पहुंचे, जहां सर्व आदिवासी समाज का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन चल रहा है। पूर्व मंत्री भगत ने पूर्व में ही पत्रकारों से चर्चा के दौरान कांग्रेस का समर्थन देने की बात कही थी। इन्होंने समाज के लोगों से चर्चा की। इस दौरान टीएस सिंहदेव ने कहा कि सुनियोजित तरीके से घटना को अंजाम दिया गया है। पुलिस जनता के बीच अपना विश्वास खो चुकी है। हत्याकांड के बाद मुख्य आरोपी के खातों से हुए करोड़ों की लेन-देन की जांच होनी चाहिए।
विदित हो कि सीतापुर थाना क्षेत्र के आदिवासी युवक संदीप की निर्मम हत्या के बाद शव को निर्माणाधीन पानी टंकी के गड्ढे में डालकर कांक्रीट से ढलाई करने का मामला सामने आया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के निशानदेही पर जेसीबी से गड्ढा खोदवाकर मृतक के शव को बरामद किया था, जो कंकाल में तब्दील हो गया था। युवक का शव मिलने के बाद आदिवासी समाज आक्रोशित हो गया और मुख्य आरोपी के नहीं पकड़े जाने पर आंदोलन की चेतावनी दिया था। इधर हत्याकांड के आरोपियों के नहीं पकड़े जाने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने न सिर्फ नाराजगी जताई थी बल्कि कलेक्टर्स की एक दिन पूर्व हुई बैठक में इस हत्याकांड का खास जिक्र किया था। उन्होंने हत्या के अपराधों को जल्द से जल्द सुलझाने की बात कही थी।
थाना प्रभारी का तबादला एक एसआई लाइन हाजिर
सरगुजा एसपी योगेश पटेल ने शनिवार को 4 पुलिस कर्मियों की ट्रांसफर लिस्ट जारी की है। इसमें सीतापुर टीआई जॉन प्रदीप लकड़ा को हटाकर संभागीय साइबर सेल प्रमुख बनाया गया है। उनके स्थान पर साइबर सेल प्रभारी मोरध्वज देशमुख को सीतापुर थाना का प्रभार दिया गया है। सीतापुर थाने में पदस्थ एक और एसआई शिवचरण साहू को हटाकर लाइन अटैच किया गया है, वहीं लखनपुर में पदस्थ एएसआई अरुण गुप्ता का तबादला सीतापुर थाने में किया है।
नहीं हुआ है अंतिम संस्कार, बुलडोजर चलाने पर लगी रोक
मृतक संदीप का शव बरामद होने के बाद स्वजन अभी तक उसका अंतिम संस्कार नहीं किए हैं। मृतक का शव मेडिकल कॉलेज अस्पताल के चीरघर में पड़ा है। आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से मृतक के स्वजन क्षुब्ध हैं। पुलिस के द्वारा पूर्व में बरती गई लापरवाही को लेकर भी इनमें आक्रोश है। इधर मामले में फरार मुख्य आरोपी के घर में बुलडोजर चलाने की कार्रवाई करने पर उच्च न्यायालय की ओर से रोक लगा दी गई है।

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प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को आरएफएसएल की जानकारी देने हुई दो दिवसीय कार्यशाला  संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला कार्यालय के अधिकारियों ने दी विस्तृत जानकारीफोटो-2  छ.ग.फ्रंटलाइनअंबिकापुर। सरगुजा रेंज के विभिन्न जिलों में व्यवहारिक प्रशिक्षण करने हेतु आये सभी नव पदस्थ प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को नई तकनिकी फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेटिकल प्रशिक्षण (आरएफएसएल) की जानकारी हेतु रेंज स्तर पर कार्यशाला का आयोजन पुलिस को-ऑडिनेशन सेन्टर, सरगुजा भवन में पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा के निर्देशन में किया गया। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेक्टिकल प्रशिक्षण के अधिकारी आर.के. पैकरा एवं कुलदीप कुजूर के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। इस नई तकनीकी प्रयोगशाला प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य किसी भी गंभीर प्रकरण के विवेचना के शुरूआती दौर से ही संग्रहित किये जाने वाले साक्ष्यों को पूर्णत: पारदर्शिता के साथ सुरक्षित एकत्रित किया जाता है ताकि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय के समक्ष सुरक्षित पेश किया जा सके, जो कि अपराधिक कानूनों में फॉरेंसिक जांच की महत्ता दिया गया है।रेंज स्तर पर इस प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन दो बैच में कराया गया। प्रथम बैच 03 जुलाई को संपन्न हुआ, जिसमें जिला सूरजपुर, बलरामपुर एवं कोरिया के 38 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को प्रशिक्षण मिला। द्वितीय बैच में 07 जुलाई को सरगुजा, जशपुर एवं एमसीबी जिले के 40 प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को इस प्रशिक्षण दिया गया। फोरेंसिक साइंस थ्योरी एवं प्रेटिकल प्रशिक्षण कार्यशाला में मुख्य रूप से संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला अंबिकापुर के अधिकारी आर. के पैकरा एवं कुलदीप कुजूर के द्वारा अपने अनुभवों को साझा करते हुये कई ऐसे पुराने प्रकरणों के बारे में बताया जो कि बहुत ही बारीकी से उन्होंने साल्व किया है। उन्होंने कहा कि आप सब जब भी मैदानी थाना, चौकी क्षेत्रों में कार्य करेंगे तो अलग-अलग तरह के अनसुलझे प्रकरण आयेंगे, जैसे में बर्निंग केश, डिकम्पोज बॉडी, इलेक्ट्रिक शॉक, हैंगिंग, ड्रावनिंग, हत्या, शव निरीक्षण, घटनास्थल का निरीक्षण जैसे प्रकरणों का शुरूआती दौर से ही एक-एक साक्ष्यों का तकनीकी उपकरणों के माध्यम से सावधानी पूर्वक साक्ष्य संग्रहित करने के तरीके एवं बारीकियों के बारे में अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी दी।बताया गया कि 1 जुलाई 2024 से लागू हुये नये अपराधिक कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम में फारेंसिक जांच की भूमिका को विशेष महत्व दिया गया है। इसमें विशेष रूप से 7 वर्ष या उससे अधिक सजा वाले अपराधों में फारेंसिक टीम के अधिकारियों के द्वारा जांच की अनिवार्यता है। इस हेतु रेंज के सभी जिलों में फारेंसिक वैज्ञानिक अधिकारी पदस्थ किये गये हंै, एवं आधुनिक मोबाइल फारेंसिक वैन प्रदाय किया है। प्रशिक्षण के अगली कड़ी में सभी प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को क्षेत्रीय न्यायालयिक विधि विज्ञान प्रयोगशाला अंबिकापुर में ले जाकर बारीकी से एक-एक कर तकनीकि उपकरणों के बारे में जानकारी देकर घटना स्थल पर किस प्रकार प्रयोग/जांच किया जाना चाहिए, इन सारी तकनीकि उपकरणों के बारे में अवगत कराया गया। इसके उपरांत दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में हर बिन्दुओं पर बारी-बारी से सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से उपस्थित अधिकारियों के द्वारा फीडबैक लिया गया, इस दौरान प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से एक-एक करके पुन: तकनीकी उपकरणों एवं उसके उपयोग जैसे प्रश्नों के बाद त्रुटियों में सुधार किया गया।पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों एवं संयुक्त संचालक, क्षेत्रिय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला के अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्रिय एफएसएल से जांच में पारदर्शिता बढ़ेगी और बैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने में आसानी होगी जो कि न्यायिक प्रक्रिया में गति मिलेगी एवं लंबित मामलों के निपटारे में शीघ्रता आयेगी। प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा अमोलक सिंह ढिल्लो, सीएसपी अंबिकापुर राहुल बंसल, रक्षित निरीक्षक अंबिकापुर तृप्ति सिंह राजपुत, पुमनि. कार्यालय के रीडर रेशम लाल साहू, स्थापना प्रभारी सुनील वर्मा सहित रेंज में पदस्थ सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षक उपस्थित रहे।