बलरामपुर। स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर में शिक्षा का अधिकार अधिनियम आरटीई 2009 के तहत अध्ययनरत विद्यार्थियों को गणवेश शुल्क एवं पाठ्यपुस्तक राशि का वितरण किया गया। कार्यक्रम में स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम विद्यालय बलरामपुर के प्राचार्य एवं आरटीई के नोडल अधिकारी चंद्रशेखर गुप्ता की उपस्थिति में विद्यालय के प्रधानाचार्य विनय कुमार पाठक ने विद्यार्थियों को राशि वितरित की।
आरटीई के तहत गैर-अनुदान प्राप्त निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर प्रवेश लेने वाले बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा के साथ गणवेश एवं पाठ्यपुस्तक की सुविधा प्रदान की जाती है। इसी क्रम में केजी-1 से कक्षा आठवीं तक के विद्यार्थियों को गणवेश के लिए 541 रुपये तथा हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्तर के विद्यार्थियों को एक हजार रुपये की राशि वितरित की गई। इस अवसर पर नोडल अधिकारी चंद्रशेखर गुप्ता ने अभिभावकों को आरटीई के प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि आरटीई के तहत अध्ययनरत बच्चों से किसी अशासकीय विद्यालय द्वारा शैक्षणिक शुल्क की मांग की जाती है तो इसकी शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी अथवा ब्लॉक शिक्षा अधिकारी से की जा सकती है। उन्होंने अभिभावकों से कहा कि आरटीई के तहत प्रवेशित बच्चों की पढ़ाई निर्बाध रूप से आगे जारी रखी जाए और उन्हें 12वीं कक्षा तक शिक्षा दिलाने का प्रयास किया जाए। यदि किसी बच्चे का चयन नवोदय, एकलव्य या प्रयास जैसी संस्थाओं में होता है, तभी नोडल अधिकारी की अनुमति से स्थानांतरण प्रमाण पत्र जारी कराने की सलाह दी गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावक, शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

Spread the love