अंबिकापुर। महिला बाल विकास विभाग में महिला सुपरवाइजर की नौकरी लगवाने के नाम पर 50 हजार रुपये की ठगी और स्कार्पियो वाहन नहीं लौटाने का मामला सामने आया है। पीड़िता सोनम जायसवाल निवासी बौरीपारा की शिकायत पर गांधीनगर थाने में धारा 420, 34 भादवि के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, सोनम के पिता कैलाश जायसवाल की पहचान करीब ढाई साल पहले उनके घर में काम कर रहे राजमिस्त्री दया यादव के माध्यम से विजय गुप्ता निवासी ग्राम सलका और संजय घोष निवासी ग्राम डिगमा से हुई थी। राजमिस्त्री बताया था कि विजय गुप्ता छत्तीसगढ़ मंत्रालय में पैसे लेकर नौकरी लगवाता है। इसी बीच 26 अगस्त 2023 को महिला एवं बाल विकास विभाग में नौकरी के लिए पोस्ट निकला। एमएससी तक शिक्षा प्राप्त सोनम ने दया यादव के बताए अनुसार विजय गुप्ता के मोबाइल नंबर में संपर्क किया, तो उसने सुपरवाइजर के पद पर नौकरी लगवाने के लिए सहमति देते हुए कहा कि, इसके लिए 4 लाख रुपये देना पड़ेगा। इसके बाद वह पैसा देने के लिए तैयार हो गई। विजय गुप्ता ने ग्राम डिगमा के संजय घोष नामक व्यक्ति के आने और उसे पैसा दे देने के लिए कहा। युवती ने एक साथ 4 लाख रुपये दे पाने में असमर्थता व्यक्त की और किस्तों में पैसा देने तथा नौकरी लगने पर पूरा पैसा दे देने की बात कही, इस पर विजय गुप्ता ने पहला किस्त 50 हजार रुपये देने के लिए कहा। इसके बाद संजय घोष इनके पास से रकम लेकर चले गया। सुपरवाइजर के लिए परीक्षा का परिणाम सामने आने के बाद सोनम का नाम नहीं आया। इसके बाद आरोपियों की नजर युवती के चाचा के स्कार्पियो वाहन पर लगी। इन्होंने सोनम के पिता से कहा कि बड़े अधिकारियों से उसका परिचय है, स्कार्पियो वाहन क्रमांक सीजी 15 सीक्यू 7042 को किराए पर लगवा देंगे, जिससे हर महीने किराया मिलता रहेगा। यह कहकर दिनेश जायसवाल के नाम पर पंजीकृत वाहन को आरोपी ले गए, लेकिन आज तक न ही वाहन लौटाया और न ही किराया दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 34 भादंसं का मामला दर्ज कर लिया है, और जांच शुरू कर दी है।

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