राजमिस्त्री की रिपोर्ट पर 4 आरोपितों के विरूद्ध केस दर्ज

अंबिकापुर। मकान बनाने के लिये जमीन तलाश रहा राजमिस्त्री 2 लाख 60 हजार रुपये की ठगी का शिकार हो गया। आरोपितों ने ही उसे काफी दिनों से किराए के मकान में रहने की बात कहते हुए जमीन खरीदने के लिये प्रेरित किया और जनरल की जगह आदिवासी जमीन थोपने का प्रयास किया। मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है, और अग्रिम वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, मूलत: ग्राम मानपुर थाना रंका झारखंड निवासी इसफाक अंसारी पिता मुस्ताक अंसारी 35 वर्ष, अपने पिता और पत्नी के साथ मजदूरी करने करीब 3 वर्ष पूर्व आया था और ग्राम तकिया में रमजान के यहां किराए में रहकर राजमिस्त्री का काम करता है। इसी दौरान वह मजदूरों से बोला था कि अंबिकापुर अच्छा शहर है, यहां जमीन मिल जाएगा तो अपना घर बनाउंगा और यहीं रहकर जीवन-यापन करूंगा। इधर काफी दिनों से किराए के मकान में रहने वाले राजमिस्त्री को रमजान ने भी कब तक किराये के मकान में रहोगे कहते हुए कम भाव में जनरल की जमीन दिला देने का झांसा दिया। राजमिस्त्री ने 5 से 6 लाख के बीच 2-3 डिसमिल जमीन खरीदने की इच्छा जाहिर की। कुछ दिनों के बाद रमजान अंसारी बोला कि जनरल का एक अच्छा जमीन है, जो सेटलमेंट का है, उसे एक बार देख लो, और दो लाख रुपये प्रति डिसमिल के दर से जमीन दिलवाने के लिये आश्वस्त किया। प्लॉट देखने के बाद राजमिस्त्री को जमीन पसंद आ गया और वह जमीन का कागज दिखाने के लिये कहा, ताकि यह पता चल सके कि जनरल प्लॉट है या नहीं। इसके बाद रमजान अंसारी, उसकी पत्नी शमीमा बीबी, साला हसीब व हसीब, साढू़ अकलीम अंसारी उसे बरगलाकर विश्वास में ले लिए और कहा कि, 6 लाख 15 हजार रुपये में 3 डिसमिल प्लॉट दिला देंगे। इनके झांसे में आकर वह जमीन लेने के लिए राजी हो गया और अग्रिम राशि 3 लाख रुपये में से 2,61,000 रुपये और 11 हजार रुपये एग्रीमेंट के नाम पर इन्हें दे दिया। बाद में उसे पता चला कि, प्लॉट अनुसूचित जनजाति का है। मामले में पुलिस अग्रिम जांच कार्रवाई कर रही है।
रजिस्ट्री कराने कहा तो धमकाने लगे
राजमिस्त्री ने दो माह जब वह जमीन का रजिस्ट्री कराने कहा तो आरोपित उसे धमका-चमकाकर जान से मारने की धमकी देने लगे और कहा कि, आदिवासी भूमि है, इसका रजिस्ट्री नहीं होगा। छलपूर्वक आदिवासी की जमीन दिलाने की बात पर जब राजमिस्त्री रुपये वापस करने के लिए कहा तो इनके द्वारा कहा गया कि, तीन लाख रुपये डिसमिल के हिसाब से भुगतान करके जमीन पर कब्जा कर लो। बात नहीं बनने पर राजमिस्त्री ने कोतवाली थाना में आरोपियों के विरूद्ध जनरल का जमीन दिलाने का झांसा देकर आदिवासी के जमीन पर कब्जा करने के लिये प्रेरित करने और रुपये वापस नहीं करने की रिपोर्ट कोतवाली थाना में दर्ज कराई है।

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