संभागीय संयुक्त संचालक ने एचआर हेल्थकेयर का जांच करने का दिया है निर्देश

अंबिकापुर। स्वास्थ्य विभाग की प्रारंभिक जांच में एचआर हेल्थकेयर का आयुष्मान भारत योजना में पंजीयन नहीं होना सामने आया है, इसके बावजूद अस्पताल पर आयुष्मान योजना के नाम पर मरीजों को भर्ती करने और कथित रूप से योजना का लाभ उठाने के आरोप लगे हैं। मामले में संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. अनिल कुमार शुक्ला ने विस्तृत जांच के निर्देश देते हुए कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। आरटीआई एक्टिविस्ट डॉ. डी.के. सोनी ने इसकी शिकायत की थी।
संभागीय संयुक्त संचालक डॉ. अनिल कुमार शुक्ला ने एचआर हेल्थकेयर में चल रहे आयुष्मान के गोरखधंधे की जांच के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया था। 6 जुलाई को सीएमएचओ द्वारा भेजी गई जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि एनएच गोयल हॉस्पिटल का आयुष्मान भारत योजना में पंजीयन ही नहीं है। यदि अस्पताल का पंजीयन नहीं है तो आयुष्मान योजना के तहत मरीजों की भर्ती कैसे की गई, इसकी गहन जांच की जाएगी। जांच में यह सामने आता है कि आयुष्मान योजना के नाम पर राशि निकाली गई है या मरीजों से अवैध वसूली की गई है, तो इसे गंभीर अनियमितता माना जायेगा। उन्होंने कहा है कि जांच में आरोप सही पाए जाने पर अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने सहित अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। जिले के सभी निजी अस्पतालों को चेतावनी दी गई है कि वे आयुष्मान योजना के नियमों का पालन करें, अन्यथा उनके विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि, आरटीआई एक्टिविस्ट डॉ. डीके. सोनी के पास कई ग्रामीणों ने एचआर हेल्थकेयर में इलाज कराने के बाद आयुष्मान कार्ड से पूरी राशि निकालने की शिकायत की है, जबकि उन्हें न तो कोई मेडिकल रिपोर्ट दी गई और न ही इलाज का बिल उपलब्ध कराया गया। शिकायतों के आधार पर स्वास्थ्य विभाग से जांच की मांग उन्होंने की थी। मामले की पड़ताल के दौरान जनपद पंचायत राजपुर, जिला बलरामपुर के ग्राम कोदौरा के कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शैलेश गुप्ता नामक व्यक्ति गांव के लोगों को मुफ्त इलाज का भरोसा देकर एचआर हेल्थकेयर में उन्हें कथित रूप से भर्ती कराता था। ग्रामीणों के अनुसार वह अपनी गाड़ी से उन्हें अस्पताल ले जाता और कुछ दिनों बाद वापस गांव में छोड़ देता था। इलाज के बाद उन्हें न कोई मेडिकल रिपोर्ट दी गई और न ही कोई बिल उपलब्ध कराया गया।
एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी
डॉ. डी.के. सोनी के अनुसार, ग्रामीणों का दावा है कि ग्राम कोदौरा में ही लगभग 15 ऐसे मरीज हैं, जिनके आयुष्मान कार्ड का उपयोग किया गया। इनका कहना है कि यदि अन्य गांवों में भी जांच की जाए तो ऐसे कई और मामले सामने आ सकते हैं। उन्होंने कहा है कि, संबंधित दस्तावेजों के आधार पर वे अस्पताल संचालकों एवं संबंधित जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध एफआइआर दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि मामले की जांच के बाद ही होगी। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के द्वारा की जा रही जांच के संबंध में एचआर हेल्थकेयर प्रबंधन की ओर से अस्पताल का पक्ष सामने नहीं आया है।  
बयान
मैंने सीएमएचओ को इस मामले की जांच के निर्देश दिए थे। 6 जुलाई को प्राप्त जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि एचआर हेल्थकेयर का आयुष्मान भारत योजना में पंजीयन नहीं है। यदि बिना पंजीयन के आयुष्मान योजना के नाम पर मरीजों की भर्ती की गई है या योजना की राशि निकाली गई है, तो यह गंभीर मामला है। इसकी सूक्ष्मता से जांच करके नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में जिला कलेक्टर को भी पत्र लिखा जा रहा है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने सहित आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सभी निजी अस्पतालों को चेतावनी दी गई है कि वे ऐसी अनियमितताओं से बचें।
डॉ. अनिल कुमार शुक्ला,
संभागीय संयुक्त संचालक, सरगुजा

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