भटगांव। तालाब गहरीकरण के काम में फर्जी हाजिरी भरने के लिये रोजगार सहायिका पर दबाव बनाने में सफल नहीं होने पर आरोपियों ने रोजगार सहायिका के पति व बीच-बचाव कर रहे युवक के साथ मारपीट की घटना को सरेराह अंजाम दिया। मामले में भटगांव थाना पुलिस ने आरोपियों के विरूद्ध केस दर्ज कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक, रेनु कुशवाहा पति महेन्द्र कुशवाहा 35 वर्ष, ग्राम सलका बाजारपारा की रहने वाली है, और ग्राम सलका व अनरोखा की रोजगार सहायक (सचिव) के पद पर कार्यरत है। 28 जून को रात करीब 8-9 बजे के बीच उसके पति किसी काम से अंबिकापुर गये थे और रोजगार सहायक अपने घर में बच्चों के साथ थी, तभी गांव के रूपेन्द्र गुप्ता उर्फ रूपू पिता नारद गुप्ता एवं नीरज गुप्ता पिता संतोष गुप्ता उसके घर आए और तालाब गहरीकरण में फर्जी हाजरी भरने के लिए कहने लगे। मना किया पर गाली-गलौज करते हुये उसके पति महेन्द्र कुशवाहा के बारे में पूछताछ करते चले गये। कुछ देर बाद जब वह अपने पति के मोबाइल पर फोन की, तो वह बताया कि सतीश इलेक्ट्रॉनिक दुकान के सामने रूपेन्द्र गुप्ता और नीरज गुप्ता उसके साथ मारपीट कर रहे हैं। इसकी जानकारी मिलने पर जब वह मौके पर गई तो उसके पति के साथ दोनों मारपीट कर रहे थे, जब अजय यादव बीच-बचाव करने गया तो उसके साथ भी मारपीट करते हुये जान से मारने की धमकी देने लगे। रोजगार सहायक रेनु कुशवाहा की लिखित शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के विरूद्ध बीएनएस की धारा 296(बी), 115(2), 351(3), 3(5) का अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।

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