बैटरी को आग में डालने से हुआ था धमाका, मासूम की मौत से स्वजन सदमे में

अंबिकापुर। घर के आंगन में खेल रहे बच्चे मोबाइल फोन का बैटरी आग में डाल दिए, इसके बाद जोरदार धमाका हुआ और एक वर्षीय मासूम बुरी तरह से झुलस गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बच्चों को मोबाइल फोन का बैटरी कचरे में पड़ा मिला था, इसे लेकर वे घर आ गए थे और खेल रहे थे। घटना से स्वजन में शोक का माहौल है।
सूरजपुर जिले के प्रेमनगर थाना अंतर्गत ग्राम ब्रम्हपुर का महेंद्र सिंह नेताम, खेती-किसानी और ट्रेक्टर चलाकर जीवकोपार्जन करता है, उसके 5 बच्चे हैं। 31 मई को सुबह करीब 7 बजे वह घर से ट्रेक्टर चलाने के लिए निकल गया था। घर में उसकी पत्नी कलेशिया और बच्चे थे। शाम को करीब 4 बजे बच्चों को खेलते समय कचरे में पड़ा मोबाइल फोन का खराब बैटरी मिला, जिसे लेकर वे घर में आ गए थे। बच्चों की मां कलेशिया पानी भरने के लिए गई थी, और बच्चे घर के आंगन में खेल रहे थे। बच्चों ने खेल-खेल में जल रहे आग में मोबाइल फोन के बैटरी को डाल दिया, जो तेज धमाके के साथ ब्लास्ट हो गया। बाकी बच्चे तो भाग गए, लेकिन एक वर्षीय मासूम आदित्य सिंह धमाके के साथ बुरी तरह से झुलस गया था। बच्चे के चेहरे, सीने, पेट व हाथ में गंभीर जख्म उभर आया था। धमाका और बच्चे के रोने की आवाज सुनकर मां कलेशिया दौड़ते घर पहुंची तो मासूम बच्चा बुरी तरह से झुलस गया था। पूछने पर बच्चों ने कचरे में मिले बैटरी को आग में डालने की बात बताई।
बच्चे को राहत देने पत्नी लगा रही थी घी
देर रात करीब 9 बजे पति ट्रेक्टर चलाकर वापस घर लौटा, और बच्चे की हालत देखकर अपनी पत्नी से पूछताछ किया, तो उसने खेलते समय बच्चों के द्वारा आग में मोबाइल फोन का बैटरी डालने की जानकारी दी। महेंद्र बताया कि उसके पास मोबाइल फोन नहीं है, और न ही घर में फोन है, जिस कारण घटना की सूचना उसको तत्काल नहीं मिल पाई। काम निपटाकर रात 9 बजे जब वह घर लौटा, तो बच्चे की हालत काफी खराब थी। उसकी पत्नी बच्चे को राहत देने के लिए जले हुए हिस्से में घी लगा रही थी।
रिफर करने पर लाया जिला अस्पताल
महेंद्र आनन-फानन में बच्चे को लेकर प्रेमनगर स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचा। यहां से आवश्यक उपचार सुविधा उपलब्ध कराने के बाद चिकित्सक ने उसे रेफर कर दिया था। स्वजन उसे मेडिकल कॉलेज संबद्ध जिला अस्पताल अंबिकापुर लेकर पहुंचे, यहां इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई। बच्चे की मौत से माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है, और बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के बाद स्वजन के सुपुर्द कर दिया है।

Spread the love