सरगुजा जिले में सर्वेक्षण टीम के द्वारा पांडुलिपि सर्वेक्षण कार्य को दिया जा रहा गति

अंबिकापुर। कलेक्टर एवं ज्ञानभारतम् राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान जिला समिति के अध्यक्ष अजीत वसंत के मार्गदर्शन तथा जिला पंचायत सीईओ एवं समिति के सदस्य सचिव विनय अग्रवाल के निर्देशन में जिले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने के लिए ‘ज्ञान भारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण’ अभियान जारी है। इसके अंतर्गत जिले में प्राचीन एवं दुर्लभ पाण्डुलिपियों के संरक्षण एवं दस्तावेजीकरण का कार्य किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना है। अभियान के तहत जिले में विभिन्न ऐतिहासिक पाण्डुलिपियों का संग्रहण कर उन्हें ज्ञानभारतम् पोर्टल में दर्ज किया जा रहा है।
सरगुजा जिले में पांडुलिपि सर्वेक्षण कार्य में लगातार गति देखने को मिल रही है। इसी क्रम में अलग-अलग संरक्षकों के घर पहुंचकर दुर्लभ पांडुलिपियों का सर्वेक्षण किया गया। पुरखों की अमूल्य धरोहर को सुरक्षित रखने की दिशा में कार्य करते हुए रमाशंकर त्रिपाठी द्वारा संरक्षित उनके बाबा द्वारा लिखित ‘नवग्रह कवचÓ पांडुलिपि का सर्वेक्षण किया गया। यह कार्य एंथ्रोपोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के रिसर्च एसोसिएट हरनेक सिंह की उपस्थिति में हुआ। इसी क्रम में विकासखंड सीतापुर के ग्राम राधापुर निवासी बालमकुन्द प्रधान के यहां भी पांडुलिपि सर्वेक्षण किया गया। जानकारी के अनुसार यह पांडुलिपि उनके दादा-परदादा देवनन्दो प्रधान द्वारा संरक्षित रखी गई थी, जो सीतापुर क्षेत्र में प्राप्त हुई है। यह पांडुलिपि ‘हनुमान ज्योतिषÓ से संबंधित है। पांडुलिपि को सुनील मिश्रा ने ‘ज्ञान भारतम्Ó आईडी के माध्यम से सफलतापूर्वक जियो-टैग एवं अपलोड किया। पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के माध्यम से क्षेत्र की विलुप्तप्राय ज्ञान परंपराओं को संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। सर्वेक्षण के दौरान पांडुलिपि की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्ता पर चर्चा की गई।

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